फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   नारनौल डिपो से चली 25 रोडवेज व 5 स्कूली बस

नारनौल डिपो से चली 25 रोडवेज व 5 स्कूली बस

Tue, 23 Oct 2018 01:08 AM IST
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
नारनौल डिपो से चली 25 रोडवेज व 5 स्कूली बस
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नारनौल। सरकार द्वारा प्राइवेट बसों को परमिट जारी के विरोध में सात दिनों से चल रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल सरकार व विभाग के गले की फांस बन गई है। हड़ताल के चलते आम जनता पहले ही बेहाल है। वहीं सोमवार को बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल में शामिल होते ही बिजली बाधित कर लोगों की और परेशानी बढ़ा दी हैं। ऐसे में सरकार के कर्मचारियों के प्रति अड़ियल रवैये से जनता भी सरकार को कोसने पर मजबूर हो गई है। जबकि पिछले छह दिन से हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में ब्यान तक नहीं देने वाले विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेता भी अपनी-अपनी राजनीति रोटियां सेकने के लिए हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में खड़े हो गए है।
बता दे कि सरकार द्वारा प्राइवेट बसों को परमिट जारी करने के विरोध में गत मंगलवार से रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर है। जिससे विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। परंतु कर्मचारियों की हड़ताल के आगे सरकार भी झुकने को तैयार नहीं है। हालांकि सरकार द्वारा रविवार को रोडवेज यूनियनों को बातचीत के आमंत्रित भी किया, लेकिन सरकार व कर्मचारी नेताओं के बीच चली लंबे दौर की बातचीत सिरे नहीं चढ़ पाई। जिससे कर्मचारियों का रोष अधिक बढ़ गया और उन्होंने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। ऐसे में स्थिति संभालना विभागीय अधिकारियों के लिए मुश्किल होगा, क्योंकि हर दिन रोडवेज बसों का संचालन करवाने के लिए अधिकारियों देर रात तक मंथन करना पड़ता है। तब जाकर सुबह कुछ रोडवेज बसों को संचालन हो पाता है। वहीं सरकार के साथ वार्ता विफल होने पर बिजली, जनस्वास्थ्य व पीडब्ल्यूडी विभाग के कर्मचारी भी रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में आ गए है।
विज्ञापन


नारनौल डिपो से चली 30 बसें
सोमवार को नारनौल डिपो से केवल 30 बसें ही चल पाई। इनमें 25 रोडवेज और पांच निजी स्कूलों की बसों का संचालन किया गया। रोडवेज की 10 बसों को पुलिस कर्मचारियों व होमगार्डों की सहायता से चलाया गया। जबकि 15 रोडवेज बसों का संचालन आरटीए विभाग के चालकों द्वारा किया गया। सोमवार को बस स्टैंड पर यात्रियों की अधिक भीड़ रही है। यात्रियों की संख्या के अनुरूप बसों को संचालन नहीं हो पाया। इस कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


नारनौल रोडवेेज के 596 में से 17 कर्मचारी ही पहुंचे ड्यूटी पर
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते विभागीय कर्मचारियों का हर दिन जंग लड़ने जैसा बीत रहा है, क्योंकि 596 कर्मचारियों से नाम मात्र के कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंच रहे है। इस कारण अधिकारियों को दिन-रात के साथ अवकाश के दिन भी ड्यूटी निभानी पड़ रही है। सोमवार को नारनौल रोडवेज विभाग के 596 में से 17 कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंचे। 17 कर्मचारियों के सहारे किस प्रकार रोडवेज की नैया पर लगाई जाए यह अधिकारियों के भी समझ नहीं आ रहा है, परंतु अधिकारी भी सरकार के आदेश के आगे मजबूर है।

अध्यापक संघ ने सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
अध्यापक संघ सदस्यों ने सोमवार को रोडवेज कर्मचारियों के आंदोलन को बातचीत द्वारा हल करने की मांग को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए सुधीर कुमार जिला प्रधान शिक्षा विभाग अधिकारी एसोसिएशन ने कहा कि हरियाणा के किसी भी विभाग का निजीकरण न किया जाए। हरियाणा सरकार वर्तमान में चल रहे रोडवेज कर्मचारियों के आंदोलन को बातचीत द्वारा समाप्त करवाने की मांग की। यदि ऐसा नहीं होगा तो मजबूरीवश अध्यापकों को भी आंदोलन में कूदना पड़ेगा।

वर्जन
सोमवार को नारनौल डिपो से 30 बसें विभिन्न रूटों पर चलाई गई। यात्रियों को परेशानी का सामना ना करना पड़े। इसलिए लोकल रूटों पर ही बसों संचालन किया जा रहा है। उनका प्रयास है कि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
- राजीव नागपाल, जीएम रोडवेज नारनौल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed