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शिक्षक को एक साल से नहीं मिल रहा वेतन, अनिश्चितकालीन धरना आरंभ
Updated Thu, 11 Oct 2018 01:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। बूढ़वाल राजकीय स्कूल में कार्यरत शिक्षक मनोज कुमार को बीते एक साल से वेतन नहीं मिल रहा। जिस कारण शिक्षक ने बुधवार से स्कूल प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। विभागीय निर्देशानुसार वेतन के लिए एचआरएमएस पोर्टल पर आधार नंबर दर्ज करवाना अनिवार्य है, जबकि शिक्षक कानूनी प्रावधान नहीं होने का तर्क देकर आधार नंबर अपलोड नहीं कर रहा। इस कारण विभाग शिक्षक को एक वर्ष से वेतन जारी नहीं कर रहा।
शिक्षक मनोज कुमार ने विभागीय बाईलाज में सैलरी के लिए आधार नंबर उपलब्ध करवाने का प्रावधान नहीं है। बावजूद एचआरएमएस पोर्टल पर आधार नंबर का आप्शन निर्धारित कर दिया है। जिसे बिना कंप्लीट किए वेतन विड्राल होना संभव नहीं है। आधार कार्ड को सुप्रीम कोर्ट का निर्णय भी आ चुका है। जिसके अनुसार सरकार आधार को मुद्दा बनाकर किसी की सुविधाएं नहीं रोक सकती। आधार कार्ड एक आईडी प्रुफ है, इसका सुविधाओं से कोई लेनादेना नहीं है। वेतन ना मिलने से घर खर्च चलाना तथा बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया। मजबूरन उसे स्कूल गेट के सामने धरना शुरू करना पड़ा है।
विभाग ने एचआरएमएस पर कंप्लीट ब्योरा देने के आदेश दिए हैं। इस पोर्टल के दूसरे आप्शन में आधार नंबर मांगें गए है, कंप्लीट होने तक अगली प्रोसेस अटकी रहती है। जबकि शिक्षक आधार नंबर देने को तैयार नहीं है। वेतन नहीं मिलने के कारण स्कूल समय के बाद धरना देना शुरू कर दिया। इससे उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया।
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- अजय यादव, प्राचार्य रावमा विद्यालय बूढ़वाल।
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नांगल चौधरी। बूढ़वाल राजकीय स्कूल में कार्यरत शिक्षक मनोज कुमार को बीते एक साल से वेतन नहीं मिल रहा। जिस कारण शिक्षक ने बुधवार से स्कूल प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। विभागीय निर्देशानुसार वेतन के लिए एचआरएमएस पोर्टल पर आधार नंबर दर्ज करवाना अनिवार्य है, जबकि शिक्षक कानूनी प्रावधान नहीं होने का तर्क देकर आधार नंबर अपलोड नहीं कर रहा। इस कारण विभाग शिक्षक को एक वर्ष से वेतन जारी नहीं कर रहा।
शिक्षक मनोज कुमार ने विभागीय बाईलाज में सैलरी के लिए आधार नंबर उपलब्ध करवाने का प्रावधान नहीं है। बावजूद एचआरएमएस पोर्टल पर आधार नंबर का आप्शन निर्धारित कर दिया है। जिसे बिना कंप्लीट किए वेतन विड्राल होना संभव नहीं है। आधार कार्ड को सुप्रीम कोर्ट का निर्णय भी आ चुका है। जिसके अनुसार सरकार आधार को मुद्दा बनाकर किसी की सुविधाएं नहीं रोक सकती। आधार कार्ड एक आईडी प्रुफ है, इसका सुविधाओं से कोई लेनादेना नहीं है। वेतन ना मिलने से घर खर्च चलाना तथा बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया। मजबूरन उसे स्कूल गेट के सामने धरना शुरू करना पड़ा है।
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विभाग ने एचआरएमएस पर कंप्लीट ब्योरा देने के आदेश दिए हैं। इस पोर्टल के दूसरे आप्शन में आधार नंबर मांगें गए है, कंप्लीट होने तक अगली प्रोसेस अटकी रहती है। जबकि शिक्षक आधार नंबर देने को तैयार नहीं है। वेतन नहीं मिलने के कारण स्कूल समय के बाद धरना देना शुरू कर दिया। इससे उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया।
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- अजय यादव, प्राचार्य रावमा विद्यालय बूढ़वाल।