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नियमित कक्षा नहीं लेने वाले पीजी कालेज के 700 विद्यार्थियों का नाम काटा

Sun, 19 Aug 2018 11:49 PM IST
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:49 PM IST
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नियमित कक्षा नहीं लेने वाले पीजी कालेज के 700 विद्यार्थियों का नाम काटा
अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। कॉलेजों में नियमित रूप से कक्षा नहीं लेने वाले विद्यार्थियों की अब खैर नहीं है। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारनौल के प्राचार्य एनएन यादव ने ऐसे विद्यार्थियों के प्रति सख्ती से निपटने के लिए कड़ा रुख अपना लिया है। प्राचार्य ने कॉलेज में स्नातक व पीजी की नियमित रूप से कक्षा नहीं ले रहे 700 के करीब विद्यार्थियों के एक साथ नाम काटकर उनकी लिस्ट नोटिस बोर्ड पर चस्पा दी है।
कई बार विद्यार्थी कॉलेजों में नाम लिखवाकर नियमित क्लास लेने के बजाय किसी अन्य जगह कोचिंग आदि करने लग जाते हैं। दूसरी ओर विद्यार्थियों की संख्या कम होने की स्थिति में प्राध्यापक भी कक्षाएं लेने में रुचि नहीं दिखाते जिससे कॉलेजों का वार्षिक परीक्षा परिणाम खराब आता है। इसी को ध्यान में रखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों में आदेश जारी कर नियमित कक्षा नहीं लेने वाले विद्यार्थियों के नाम काटने व दूसरी बार नाम कटने पर उसे परीक्षा में भी नहीं बैठने देने का प्रावधान किया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या बनी रहे। वहीं विद्यार्थी भी नियमित रूप से कक्षाएं लें। दूसरी ओर छात्रों के नाम काटने से कॉलेज में हड़कंप मच गया है।
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विद्यार्थी 15 दिन के अंदर 500 रुपये जुर्माना व शपथ पत्र देकर लिखवा सकेंगे नाम
प्राचार्य एनएन यादव ने बताया कि नाम कटे हुए विद्यार्थियों की रोल नंबर वाइज लिस्ट नोटिस बोर्ड पर चस्पाई गई है। ऐसे विद्यार्थी 15 दिन की समय अवधि के दौरान अपना व अपने पिता या माता का शपथ पत्र व 500 रुपये जुर्माने के साथ अपना नाम लिखवा सकते हैं। निर्धारित समय अवधि के बाद नाम नहीं लिखा जाएगा। वहीं पहली बार नाम कटने वाले विद्यार्थियों का दोबारा कटने पर नाम नहीं लिखा जाएगा।
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किस कक्षा में कितने नाम कटे
बीए के पांचवें सेमेस्टर में 298, बीएससी नॉन मेडिकल के पांचवें सेमेस्टर में 188, बीकॉम पांचवें सेमेस्टर में 71, बीएससी मेडिकल के पंचम सेमेस्टर में 51, बीसीए प्रथम सेमेस्टर में 3, तृतीय सेमेस्टर में 10 और पंचम सेमेस्टर में 13, बीबीए प्रथम सेमेस्टर में 3, तृतीय सेमेस्टर में 9 और पंचम सेमेस्टर में 8 विद्यार्थियों के नाम काटे गए हैं। इसी प्रकार पीजी कोर्स के एमए अंग्रेजी के प्रथम सेमेस्टर में 9, तृतीय सेमेस्टर में 3, एमएससी मैथ के प्रथम सेमेस्टर में 16 और इसी विषय के तृतीय सेमेस्टर में 12, एमए जियोग्राफी के तृतीय सेमेस्टर में 5, एमएससी (प्री) जीयोलाजी में 02 और एमएससी कैमेस्ट्री फाइनल में 3 विद्यार्थियों के नियमित कक्षाओं में उपस्थित नहीं रहने पर नाम काटे गए हैं। इस प्रकार यूजी व पीजी कक्षाओं के कुल 704 विद्यार्थियों नाम काटे गए हैं।

नियमित कक्षाएं नहीं लेने तक जारी रहेगा अभियान
प्राचार्य एनएन यादव ने बताया कि पहले भाग में 16 अगस्त को यूजी कक्षाओं के पंचम और पीजी कक्षाओं के तृतीय सेमेस्टर में नाम काटे गए हैं। यूजी कोर्स के तृतीय सेमेस्टर के सोमवार और प्रथम सेमेस्टर के मंगलवार को नाम काटे जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक महीने की 5, 15 व 25 तारीख को नाम काटे जाएंगे।

अभिभावक जिम्मेवार
प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज में नियमित कक्षा नहीं लेने के पीछे कहीं न कहीं अभिभावक जिम्मेवार होते हैं, क्योंकि बच्चे कॉलेजों में नाम लिखवा जाते हैं। वहीं अभिभावकों की अनुमति से पढ़ाई कोचिंग सेंटरों में करते हैं। जिसका परिणाम है कि कॉलेज में 60 प्रतिशत बच्चों का री-अपीयर है जिससे बच्चों के अभिभावक भी अनजान हैं।


कॉलेज में बच्चों की उपस्थिति के साथ नियमित पढ़ाई ही उनका मुख्य उद्देश्य है ताकि कोई भी बच्चा यहां से पढ़कर बाहर जाए तो उसे किसी सहारे की जरूरत ना पड़े। इसलिए विभाग के आदेशों की सख्ती से पालना की जा रही है।
-एनएन यादव, प्राचार्य पीजी कॉलेज नारनौल।
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