{"_id":"59adad6f4f1c1b696a8b4b3c","slug":"21504554351-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डस्टबीन और स्ट्रीट लाइट गबन की शिकायत पहुंची पीएमओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डस्टबीन और स्ट्रीट लाइट गबन की शिकायत पहुंची पीएमओ
Updated Tue, 05 Sep 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डस्टबीन और स्ट्रीट लाइट गबन की शिकायत पहुंची पीएमओ
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। गांव ढाणी किरारोद अफगान का डस्टबीन घोटाला पीएमओ तक पहुंच गया है। गांव के ही पंच प्रताप सिंह ने सरपंच पर एक लाख 37 हजार 700 रुपये का गबन साबित होने के बावजूद कार्रवाई न करने की शिकायत 28 जुलाई को प्रधानमंत्री को भेजी थ्ीा। इसके बाद पीएमओ ने संज्ञान लेते हुए चार दिन पहले 29 अगस्त को शिकायत जिला उपायुक्त कार्यालय को इसे फारवर्ड किया है।
पीएमओ आफिस से आई इस शिकायत की जांच अब नारनौल के सीटीएम सुनील कुमार करेंगे। पीएम कार्यालय को लिखी अपनी शिकायत में गांव ढाणी किरारोद अफगान के पंच प्रताप सिंह ने लिखा है कि केंद्र सरकार की स्कीम स्वच्छ भारत के तहत गांव में डस्टबीन और स्ट्रीट लाइट की खरीद की गई थी। इसमें सरपंच ने लाखों का घोटाला किया है। उन्होंने सरपंच के खरीदे गए डस्टबीन को घटिया और बाजार के दामों से अधिक रेट पर खरीदना बताया। सरपंच ने स्ट्रीट लाइट की खरीद अपने परिवार की ही किसी फर्म से दिखाई है, जबकि यह फर्म बिजली का सामान बेचती ही नहीं है। इसकी जांच बीडीपीओ ने की थी। इसमें सरपंच पर एक लाख 37 हजार 700 रुपये का गबन साबित हुआ था। पंच प्रताप सिंह ने बताया कि गबन सिद्ध होने और केस दर्ज होने के बाद भी विभाग के अधिकारी सरपंच को बचा रहे हैं। शिकायत में कहा है कि पंचायत विभाग के अधिकारियों ने अपनी जांच में सरपंच को तो गबन का दोषी साबित कर दिया, लेकिन ग्राम सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। प्रताप ने पीएम को भेजी शिकायत में सरपंच, ग्राम सचिव के साथ संबंधित बीडीपीओ के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। गांव ढाणी किरारोद अफगान का डस्टबीन घोटाला पीएमओ तक पहुंच गया है। गांव के ही पंच प्रताप सिंह ने सरपंच पर एक लाख 37 हजार 700 रुपये का गबन साबित होने के बावजूद कार्रवाई न करने की शिकायत 28 जुलाई को प्रधानमंत्री को भेजी थ्ीा। इसके बाद पीएमओ ने संज्ञान लेते हुए चार दिन पहले 29 अगस्त को शिकायत जिला उपायुक्त कार्यालय को इसे फारवर्ड किया है।
पीएमओ आफिस से आई इस शिकायत की जांच अब नारनौल के सीटीएम सुनील कुमार करेंगे। पीएम कार्यालय को लिखी अपनी शिकायत में गांव ढाणी किरारोद अफगान के पंच प्रताप सिंह ने लिखा है कि केंद्र सरकार की स्कीम स्वच्छ भारत के तहत गांव में डस्टबीन और स्ट्रीट लाइट की खरीद की गई थी। इसमें सरपंच ने लाखों का घोटाला किया है। उन्होंने सरपंच के खरीदे गए डस्टबीन को घटिया और बाजार के दामों से अधिक रेट पर खरीदना बताया। सरपंच ने स्ट्रीट लाइट की खरीद अपने परिवार की ही किसी फर्म से दिखाई है, जबकि यह फर्म बिजली का सामान बेचती ही नहीं है। इसकी जांच बीडीपीओ ने की थी। इसमें सरपंच पर एक लाख 37 हजार 700 रुपये का गबन साबित हुआ था। पंच प्रताप सिंह ने बताया कि गबन सिद्ध होने और केस दर्ज होने के बाद भी विभाग के अधिकारी सरपंच को बचा रहे हैं। शिकायत में कहा है कि पंचायत विभाग के अधिकारियों ने अपनी जांच में सरपंच को तो गबन का दोषी साबित कर दिया, लेकिन ग्राम सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। प्रताप ने पीएम को भेजी शिकायत में सरपंच, ग्राम सचिव के साथ संबंधित बीडीपीओ के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है।
विज्ञापन