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शहर में बनाए जाएंगे वेंडिंग जोन
Updated Sat, 09 Jun 2018 01:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़।
शहर में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। इधर-उधर फैले स्ट्रीट वेंडर्स को हर एरिया में तय किए गए जोन में जगह दी जाएगी और सड़कों पर बेवजह लगने वाले जाम की समस्या भी दूर हो सकेगी। इसके लिए टाउन वेंडिंग कमेटी भी बनाई जाएंगी। शहरी विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक कमेटी के सदस्यों का चुनाव होने के बाद ये कमेटियां काम करना शुरू कर देंगी। स्ट्रीट वेंडर्स को लेकर सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के बाद वेंडर्स का पंजीकरण होगा। उसके बाद उन्हें लाइसेंस व सर्टिफिकेट देने की जिम्मेदारी भी इन कमेटियों की होगी।
प्रदेश सरकार राज्य में स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी शुरू करने जा रही है। इस पॉलिसी के तहत सभी रेहड़ी चालक, पटरी वालों को एक अलग स्थान दिया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए सर्वे भी करवा रही है । सर्वे का ठेका रुद्राभिषेक नामक कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी के दो कर्मचारी महेंद्रगढ़ में नियुक्त किए गए हैं जो शहर के वेंडर्स का सर्वे कर रहे हैं। सर्वे में कौन वेंडर किसका काम करता है। उसके फोटो भी लिए जा रहे हैं जो सीधे मोबाइल सॉफ्टवेयर से उच्चाधिकारियों को भेज देते हैं। इनकी रिपोर्ट नगरपालिका को भी करनी होगी। इसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन होने के बाद उनको सर्टिफिकेट एवं लाइसेंस दिया जाएगा। उसके बाद उनको स्थान दे दिया जाएगा। बिना लाइसेंस वालों को वेंडिंग एरिया जोन में घुसने नहीं दिया जाएगा। सर्वे में यह देखा जाएगा कि सबसे अधिक वेंडर्स चुड़ियां बेचने वाले हैं, फल एवं सब्जी बेचने वाले या फिर ओर। उसकी के हिसाब से अलग-अलग जोन बनाए जाएंगे। वेंडिंग जोन के लिए टाइमिंग भी तय की जाएगी और कमेटी यह भी देखेगी कि वेंडिंग जोन तय करते समय ऐसी जगह देखी जाए, जहां पर जाम की समस्या न हों। ये कमिटी स्ट्रीट वेंडर्स का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेगी।
कमेटी में होंगे 20 सदस्य
टाउन वेंडिंग कमेटी में करीब 20 सदस्य होंगे। कमेटी के अध्यक्ष जिला उपायुक्त होंगी। इसके अलावा एसडीएम, प्रवर चिकित्सा अधिकारी, चीफ टाउन प्लानर, ट्रैफिक पुलिस से डीएसपी रैंक का अधिकारी, नपा चेयरमैन, नगरपालिका सचिव, नगरपालिका एमई सहित मार्केट एसोसिएशन के मेंबर भी शामिल होंगे। वेंडिंग जोन में सारे स्ट्रीट वेंडरों को एक ही जगह पर ला दिया जाएगा।
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शहर से खत्म हो जाएगा अतिक्रमण
वेंडर पॉलिसी लागू होने से जहां सड़क किनारे अवैध रूप से लगने वाली रेहड़ी-ठेला और पटरी व्यवस्थित हो जाएगी। वहीं, शहर में अस्थायी तौर पर होने वाला अतिक्रमण खत्म हो जाएगा। वेंडरों को निर्धारित जगह मिल जाएगी। जिससे वेंडर जोन के अलावा खड़े होने वाले रेहड़ी-ठेली वालों पर जुर्माना लगाने सहित कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
ये कार्य करेगी कमेटी
टाउन वेंडिंग कमेटी इस बात का निर्धारण करेगी कि शहर में कितने स्थानों पर वेंडर जोन बनाए जाएंगे। किस वेंडर जोन में कितने वेंडर खड़े हो सकेंगे। कितने स्थायी होंगे और कितने अस्थायी होंगे। वेंडर जोन के लिए यह भी निर्धारित किया जाएगा कि कहां किस प्रकार का सामान बेचा जाएगा और किस वेंडर को कितनी जगह दी जाएगी। जगह का निर्धारण करने के साथ वेंडर का वेरिफिकेशन और जगह निर्धारित कराने का कार्य कमेटी के द्वारा किया जाएगा।
वर्जन:
प्रदेश सरकार ने स्ट्रीट वेंडर्स पॉलिसी लागू की है। इस पॉलिसी के तहत सभी वेंडर्स को अलग जगह दी जाएगी। इससे पहले इनका सर्वे किया जाएगा। सर्वे का काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा एक 20 सदस्यों की कमेटी भी बनाई जाएगी।
- हंसराज सोनी, नगरपालिका सचिव।
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महेंद्रगढ़।
शहर में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। इधर-उधर फैले स्ट्रीट वेंडर्स को हर एरिया में तय किए गए जोन में जगह दी जाएगी और सड़कों पर बेवजह लगने वाले जाम की समस्या भी दूर हो सकेगी। इसके लिए टाउन वेंडिंग कमेटी भी बनाई जाएंगी। शहरी विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक कमेटी के सदस्यों का चुनाव होने के बाद ये कमेटियां काम करना शुरू कर देंगी। स्ट्रीट वेंडर्स को लेकर सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के बाद वेंडर्स का पंजीकरण होगा। उसके बाद उन्हें लाइसेंस व सर्टिफिकेट देने की जिम्मेदारी भी इन कमेटियों की होगी।
प्रदेश सरकार राज्य में स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी शुरू करने जा रही है। इस पॉलिसी के तहत सभी रेहड़ी चालक, पटरी वालों को एक अलग स्थान दिया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए सर्वे भी करवा रही है । सर्वे का ठेका रुद्राभिषेक नामक कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी के दो कर्मचारी महेंद्रगढ़ में नियुक्त किए गए हैं जो शहर के वेंडर्स का सर्वे कर रहे हैं। सर्वे में कौन वेंडर किसका काम करता है। उसके फोटो भी लिए जा रहे हैं जो सीधे मोबाइल सॉफ्टवेयर से उच्चाधिकारियों को भेज देते हैं। इनकी रिपोर्ट नगरपालिका को भी करनी होगी। इसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन होने के बाद उनको सर्टिफिकेट एवं लाइसेंस दिया जाएगा। उसके बाद उनको स्थान दे दिया जाएगा। बिना लाइसेंस वालों को वेंडिंग एरिया जोन में घुसने नहीं दिया जाएगा। सर्वे में यह देखा जाएगा कि सबसे अधिक वेंडर्स चुड़ियां बेचने वाले हैं, फल एवं सब्जी बेचने वाले या फिर ओर। उसकी के हिसाब से अलग-अलग जोन बनाए जाएंगे। वेंडिंग जोन के लिए टाइमिंग भी तय की जाएगी और कमेटी यह भी देखेगी कि वेंडिंग जोन तय करते समय ऐसी जगह देखी जाए, जहां पर जाम की समस्या न हों। ये कमिटी स्ट्रीट वेंडर्स का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेगी।
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कमेटी में होंगे 20 सदस्य
टाउन वेंडिंग कमेटी में करीब 20 सदस्य होंगे। कमेटी के अध्यक्ष जिला उपायुक्त होंगी। इसके अलावा एसडीएम, प्रवर चिकित्सा अधिकारी, चीफ टाउन प्लानर, ट्रैफिक पुलिस से डीएसपी रैंक का अधिकारी, नपा चेयरमैन, नगरपालिका सचिव, नगरपालिका एमई सहित मार्केट एसोसिएशन के मेंबर भी शामिल होंगे। वेंडिंग जोन में सारे स्ट्रीट वेंडरों को एक ही जगह पर ला दिया जाएगा।
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शहर से खत्म हो जाएगा अतिक्रमण
वेंडर पॉलिसी लागू होने से जहां सड़क किनारे अवैध रूप से लगने वाली रेहड़ी-ठेला और पटरी व्यवस्थित हो जाएगी। वहीं, शहर में अस्थायी तौर पर होने वाला अतिक्रमण खत्म हो जाएगा। वेंडरों को निर्धारित जगह मिल जाएगी। जिससे वेंडर जोन के अलावा खड़े होने वाले रेहड़ी-ठेली वालों पर जुर्माना लगाने सहित कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
ये कार्य करेगी कमेटी
टाउन वेंडिंग कमेटी इस बात का निर्धारण करेगी कि शहर में कितने स्थानों पर वेंडर जोन बनाए जाएंगे। किस वेंडर जोन में कितने वेंडर खड़े हो सकेंगे। कितने स्थायी होंगे और कितने अस्थायी होंगे। वेंडर जोन के लिए यह भी निर्धारित किया जाएगा कि कहां किस प्रकार का सामान बेचा जाएगा और किस वेंडर को कितनी जगह दी जाएगी। जगह का निर्धारण करने के साथ वेंडर का वेरिफिकेशन और जगह निर्धारित कराने का कार्य कमेटी के द्वारा किया जाएगा।
वर्जन:
प्रदेश सरकार ने स्ट्रीट वेंडर्स पॉलिसी लागू की है। इस पॉलिसी के तहत सभी वेंडर्स को अलग जगह दी जाएगी। इससे पहले इनका सर्वे किया जाएगा। सर्वे का काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा एक 20 सदस्यों की कमेटी भी बनाई जाएगी।
- हंसराज सोनी, नगरपालिका सचिव।