{"_id":"5a144f704f1c1bf2538be532","slug":"181511280496-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हकेंवि के शोधार्थी - शिक्षकों को मिला यंग साइंटिस्ट अवार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हकेंवि के शोधार्थी - शिक्षकों को मिला यंग साइंटिस्ट अवार्ड
Updated Tue, 21 Nov 2017 09:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हकेंवि के शोधार्थी-शिक्षकों को मिला यंग साइंटिस्ट अवार्ड
जेएनयू में सोसाइटी ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्स ( इंडिया) का वार्षिक सम्मेलन
फोटो संख्या : 33
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में आयोजित सोसाइटी ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्स ( इंडिया) के वार्षिक सम्मेलन में विभिन्न श्रेणियों में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीन प्रोफेसरों को यंग साइंटिस्ट अवार्ड मिला है। यह अवार्ड माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. पूजा यादव, डॉ. ऋषिकेश शुक्ला और जैव रसायन विभाग के डॉ. विकास यादव को यह अवार्ड प्राप्त हुआ है। इस सम्मेलन का मुख्य विषय कृषि और स्वास्थ्य पर केंद्रित था । हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आरसी कुहाड़ ने शिक्षकों की इस सफलता पर खुशी जाहिर की।
डॉ. पूजा और डॉ. विकास (प्रतिष्ठित रामालिंगास्वामी फेलोशिप प्राप्तकर्ता) वर्तमान में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में काम कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने हार्वर्ड और टेक्सास विश्वविद्यालय में पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो के रूप में काम किया है।
सोसायटी ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्स (इंडिया) को 1930 में स्थापित किया गया था। इसका मुख्यालय भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलूरू में था। यह भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सोसायटी है। दूसरे विश्व युद्ध काल के दौरान सोसायटी ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसमें औद्योगिक और कृषि अपशिष्ट उपयोगिताओं पर भोजन के विकल्प, दवा और टॉनिक के रूप में स्वदेशी बायोमटीरियल्स के इस्तेमाल पर सरकार को सलाह दी। तबसे सोसायटी स्वास्थ्य और कृषि अनुसंधान के माध्यम से सामाजिक कल्याण में सुधार के लिए नीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस वर्ष आयोजित वार्षिक सम्मेलन में पूरे देश के लगभग 600 प्रसिद्ध शोधकर्ताओं एवं वैज्ञानिकों ने भाग लिया और अपना अनुसंधान कार्य प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जेएनयू में सोसाइटी ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्स ( इंडिया) का वार्षिक सम्मेलन
फोटो संख्या : 33
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में आयोजित सोसाइटी ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्स ( इंडिया) के वार्षिक सम्मेलन में विभिन्न श्रेणियों में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीन प्रोफेसरों को यंग साइंटिस्ट अवार्ड मिला है। यह अवार्ड माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. पूजा यादव, डॉ. ऋषिकेश शुक्ला और जैव रसायन विभाग के डॉ. विकास यादव को यह अवार्ड प्राप्त हुआ है। इस सम्मेलन का मुख्य विषय कृषि और स्वास्थ्य पर केंद्रित था । हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आरसी कुहाड़ ने शिक्षकों की इस सफलता पर खुशी जाहिर की।
डॉ. पूजा और डॉ. विकास (प्रतिष्ठित रामालिंगास्वामी फेलोशिप प्राप्तकर्ता) वर्तमान में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में काम कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने हार्वर्ड और टेक्सास विश्वविद्यालय में पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो के रूप में काम किया है।
विज्ञापन
सोसायटी ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्स (इंडिया) को 1930 में स्थापित किया गया था। इसका मुख्यालय भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलूरू में था। यह भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सोसायटी है। दूसरे विश्व युद्ध काल के दौरान सोसायटी ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसमें औद्योगिक और कृषि अपशिष्ट उपयोगिताओं पर भोजन के विकल्प, दवा और टॉनिक के रूप में स्वदेशी बायोमटीरियल्स के इस्तेमाल पर सरकार को सलाह दी। तबसे सोसायटी स्वास्थ्य और कृषि अनुसंधान के माध्यम से सामाजिक कल्याण में सुधार के लिए नीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस वर्ष आयोजित वार्षिक सम्मेलन में पूरे देश के लगभग 600 प्रसिद्ध शोधकर्ताओं एवं वैज्ञानिकों ने भाग लिया और अपना अनुसंधान कार्य प्रस्तुत किया।
विज्ञापन