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बाजरे की खरीद न हुई तो लगा दिया मंडी के गेट पर ताला

Fri, 13 Oct 2017 11:23 PM IST
Updated Fri, 13 Oct 2017 11:23 PM IST
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बाजरे की खरीद न हुई तो लगा दिया मंडी के गेट पर ताला
बाजरे की खरीद न हुई तो लगा दिया मंडी के गेट पर ताला
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मार्केट कमेटी के चेयरमैन ने शुरू करवाई खरीद
फोटो नंबर 24 से 26
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। हैफेड के अधिकारियों की ओर से बारदानें का अभाव बताकर बंद की गई बाजरे की खरीद दूसरे दिन नहीं हुई। इससे गुस्साये किसानों ने शुक्रवार दोपहर बाद मंडी के दोनों गेटों पर ताला लगा दिया। तालाबंदी कर किसान दोनों गेटों पर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी ने किसानों को समझा बुझाकर गेट खुलवाया। बाद में चेयरमैन ने खरीद एजेंसी के उच्चाधिकारियों से बात करके खरीद कार्य शुरू करवाया।
मंडी गेट पर ताला लगाए बैठे किसान हनुमान, मंडलाना के ओमप्रकाश व श्योताज, मुंकदपुरा के कंवर सिंह, भूषणखुर्द के सत्यपाल, सूबेसिंह, धर्मेंद्र, रघबीर सिंह, ताजीपुर के बीर सिंह, वेदप्रकाश, मंडलाना के कृष्ण कुमार, जयप्रकाश, अशोक कुमार व अजीत कुमार आदि किसानों ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से दिन रात मंडी में हैं। हैफेड के अधिकारी कभी कुछ तो कभी कुछ कमियां निकालकर उनका बाजरा नहीं खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीरवार को बारदाना ना होने की वजह से खरीद कार्य ना करने की बात कही गई थी, लेकिन जब शुक्रवार बारदाना आ गया तो भी बाजरे की खरीद शुरू नहीं की गई। इसके विरोध में मजबूरन किसानों को मंडी गेट बंद करने पड़े।
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किसानों का कहना है कि जब प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के गृह जिला में इस जिले की तुलना में कई गुणा अधिक बाजरा खरीदा जा सकता है तो इस क्षेत्र के जन प्रतिनिधि आखिर यहां के किसानों का शोषण क्यों सहन कर रहे हैं? किसानों द्वारा अनाज मंडी का गेट बंद की सूचना के बाद नारनौल के तहसीलदार रोहताश कुमार भी मौके पर पहुंचे। मंडी पहुंचे तहसीलदार ने बताया कि किसानों के कागजात वेरिफाई को लेकर शुक्रवार को बाजरा खरीद कार्य लेट शुरू किया गया है। अब खरीद कार्य सुचारु रूप से चल रहा है।
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सूचीबद्ध ढेरियों की पहले होगी खरीद
फोटो नंबर 27
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। नांगल चौधरी अनाज मंडी में बाजरा लेकर आ रहे वाहनों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। विभाग पहले मंडी में पड़ा बाजरा खरीदेगा। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार शेड्यूल बनाकर आगे खरीद की जाएगी।
प्रदेश स्तर पर तीस मंडियों में बाजरे की सरकारी खरीद शुरू की गई। इसमें महेंद्रगढ़ जिले की नांगल चौधरी, नारनौल, अटेली मंडी शामिल हैं। सरकार ने अधिकारियों को एक लाख क्विंटल बाजरा खरीदने का आदेश दे रखा है। यह लक्ष्य मंगलवार को पूरा हो चुका। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक सरकार ने खरीद प्रक्रिया को क्लोज करना शुरू कर दिया। इसलिए बाजरा लेकर आ रहे वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई। धरना-प्रदर्शन की समस्या नहीं रहे, इसलिए मौजूद ढेरियों को सूचीबद्ध कर लिया गया। फील्ड निरीक्षक को देर शाम तक मंडी क्लीयर करने के आदेश हैं। इसके बाद लिफ्टिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। अधिकारियों ने तर्क दिया है कि सामूहिक खरीद के दौरान किसानों को रातभर मंडी में रुकना पड़ता है। उनकी सुविधा के लिए शेड्यूल बनाया जाएगा, जिसके अनुसार ही खरीद संभव होगी। नांगल चौधरी मंडी में गुरुवार तक 6 हजार क्विंटल से अधिक खरीद हो चुकी। अभी भी दो हजार क्विंटल बाजरा पड़े होने की उम्मीद है।

हैफेड के जिला प्रबंधक रामकुवार ने बताया कि पहले मंडी में पड़ा बाजरा खरीदा जाएगा। लिफ्टिंग होने के बाद खरीद का शेड्यूल बनाकर आगामी खरीद शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि शेड्यूल लागू होने पर किसानों को रातभर मंडी में रुकना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा अन्य सुविधाएं भी सुचारु रहेंगी।
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