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स्टांप वेंडर पर 20 वाली फाइल के 50 रुपये वसूलने का आरोप
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कनीना। तहसील में भ्रष्टाचार के मामले रूकने का नाम नहीं ले रहे। दो दिन पूर्व एक स्टांप वेंडर की ओर से 10 रुपये के शपथ पत्र के 60-100 रुपये तक वसूलने का मामला सामने आया था। शुक्रवार को रेडक्रॉस की ओर से टेंडर लेकर बैठे एक दुकानदार की ओर से भ्रष्टाचार करने का आरोप है। यहां पर रेडक्रॉस की ओर से मूल निवास प्रमाण-पत्र, ईडब्ल्यूएस सहित विभिन्न प्रमाण पत्र बनवाने की फाइलें मिलती हैं।
रेडक्रॉस की ओर से न्यूनतम प्रति फाइल 20 रुपये के रेट तय किए गए हैं। दिलचस्प बात है कि रेडक्रॉस की फाइल के अलावा प्राइवेट फाइलें तैयार कर उन्हें 50 रुपये में बेचने का मामला सामने आया। एसडीएम अभिषेक मीणा ने शिकायत मिलने के बाद छापेमारी की और दुकानदार से रेडक्रॉस की फाइलों की जानकारी ली। निर्धारित दर से अधिक रुपये ऐंठने पर उनका लाइसेंस रद्द करवाने की डीसी से सिफारिश की है।
एसडीएम ने दुकानदार सुरेंद्र से सभी फाइलों की रेट लिस्ट, फाइलों का सेल और स्टाक रजिस्टर दिखाने को कहा जो नहीं दिखा सका। उन्होंने सैंपल की दो फाइलें लेकर रिपोर्ट तैयार कर जिला उपायुक्त को भेजने की बात कही। विदित रहे कि कनीना तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला है जिसकी परतें खुलने पर अधिकारियों ने संज्ञान लेना शुरू कर दिया है। एसडीएम अभिषेक मीणा ने कहा कि सभी स्टांप वेंडरों को रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं, रेट लिस्ट चस्पा नहीं करने तथा निर्धारित रेट से अधिक वसूलने की सूरत में कार्रवाई की जाएगी।
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रेडक्रॉस की ओर से न्यूनतम प्रति फाइल 20 रुपये के रेट तय किए गए हैं। दिलचस्प बात है कि रेडक्रॉस की फाइल के अलावा प्राइवेट फाइलें तैयार कर उन्हें 50 रुपये में बेचने का मामला सामने आया। एसडीएम अभिषेक मीणा ने शिकायत मिलने के बाद छापेमारी की और दुकानदार से रेडक्रॉस की फाइलों की जानकारी ली। निर्धारित दर से अधिक रुपये ऐंठने पर उनका लाइसेंस रद्द करवाने की डीसी से सिफारिश की है।
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एसडीएम ने दुकानदार सुरेंद्र से सभी फाइलों की रेट लिस्ट, फाइलों का सेल और स्टाक रजिस्टर दिखाने को कहा जो नहीं दिखा सका। उन्होंने सैंपल की दो फाइलें लेकर रिपोर्ट तैयार कर जिला उपायुक्त को भेजने की बात कही। विदित रहे कि कनीना तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला है जिसकी परतें खुलने पर अधिकारियों ने संज्ञान लेना शुरू कर दिया है। एसडीएम अभिषेक मीणा ने कहा कि सभी स्टांप वेंडरों को रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं, रेट लिस्ट चस्पा नहीं करने तथा निर्धारित रेट से अधिक वसूलने की सूरत में कार्रवाई की जाएगी।
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