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लघु सचिवालय में सात घंटे रही बिजली बाधित
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। लघु सचिवालय में बिजली सप्लाई करने वाला ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण पूरे दिन कार्यालयों का कार्य प्रभावित रहा। सचिवालय में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण अपने निजी काम से आए लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। एसडीएम विनेश कुमार ने बिजली निगम के एसडीओ को फोन कर लताड़ लगाई। उसके बाद एसडीएम ने कर्मचारी भेजकर ट्रांसफार्मर बदलवाने की प्रक्रिया शुरू की। शाम करीब चार बजे बिजली सप्लाई सुचारु हो पाई।
बता दें कि लघु सचिवालय का वीरवार की सुबह ट्रांसफार्मर जल गया था। जिस कारण एसडीएम कार्यालय, तहसील, बाल विकास विभाग कार्यालय, लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय, मत्स्य पालन अधिकारी कार्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बागवानी विकास अधिकारी कार्यालय, उप-पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सहायक रजिस्ट्रार, सहायक समितियां, सहायक रोजगार अधिकारी कार्यालय तथा डाकघर आदि की बिजली गुल रही। बिजली गुल रहने के कारण कार्यालय के कंप्यूटर बंद पड़े रहे। इनवर्टर और यूपीएस भी ठप हो गए। पूरे दिन कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर बैठकर गुजारना पड़ा। एसडीएम विनेश कुमार द्वारा फोन किए जाने के बाद भी बिजली विभाग के कर्मचारियों ने दो बजे तक लाइट काटने की परमिशन नहीं ली। बिजली निगम के अधिकारियों का मानना था कि दो बजे तक कोर्ट में जिला सत्र न्यायाधीश आए हुए थे। उसके लिए लाइट न काटने की परमिशन ली हुई थी।
एक हजार से अधिक लोगों के काम हुए प्रभावित
जिस कारण लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, जाति प्रमाण पत्र सहित अनेक कार्य प्रभावित रहे। इसके अलावा अन्य विभागों के कार्य भी प्रभावित रहे। लघु सचिवालय में प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोग अपने निजी काम से आते हैं। परंतु लाइट नहीं होने के कारण उन्हें अपने काम के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा उसके बाद उन्हें वापस निराश लौटना पड़ा।
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नहीं है कोई वैकल्पिक व्यवस्था
लघु सचिवालय में बिजली आज पहली बार गुल नहीं हुई। इस दौरान बिजली का आना जाना लगा रहता है। हालांकि सचिवालय को हॉट लाइन से जोड़ा गया है। उसके बाद भी कई बार कट लग जाते हैं। दस दिन पूर्व पर सचिवालय की लाइट चार से पांच घंटे कटी थी। उस दौरान कार्यालयों के कार्य प्रभावित हुए थे। बार-बार कट लगने के बावजूद भी लघु सचिवालय में जेनरेटर की व्यवस्था नहीं है। एक जरनेटर जेनरेटर लगा हुआ है परंतु पिछले कई दिनों से वह खराब पड़ा है जो अभी तक ठीक नहीं हुआ है।
नहीं उठाया एसडीएम का फोन
बिजली निगम के एसडीओ इतने बड़े हो गए हैं वो एसडीएम का फोन उठाना उचित नहीं समझते। दो तीन बाद फोन करने के बाद जब एसडीओ ने फोन उठाया तो उनको लताड़ लगाई। साथ ही ट्रांसफार्मर जल्द ठीक करने के लिए कहा। हालांकि एसडीएम ने मीडिया को यह बात नहीं बताई। परंतु उन्होंने बिजली निगम के एक्सईएन बुधराम पंवार को फोन पर अवगत करवाया।
वर्जन
बिजली गुल होने पर मैंने एसडीओ को फोन कर दिया था। उसके बाद कर्मचारी ठीक करने के लिए आ गए थे। शाम चार बजे तक लाइट ठीक हो गई थी। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सचिवालय में रखा जेनरेटर खराब है। जेनरेटर जल्द ठीक करवाया जाएगा।
- विनेश कुमार, एसडीएम महेंद्रगढ़।
वर्जन
लघु सचिवालय की लाइट गुल होने की सूचना नहीं थी। एसडीएम विनेश का शाम के समय मेरे पास एसडीओ द्वारा फोन नहीं उठाने को लेकर फोन आया था। एसडीओ को फोन अधिकारी ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं का भी उठाना चाहिए। इस मामले में एसडीओ से बातचीत की जाएगी।
- बुधराम पंवार, एक्सईएन महेंद्रगढ़।
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महेंद्रगढ़। लघु सचिवालय में बिजली सप्लाई करने वाला ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण पूरे दिन कार्यालयों का कार्य प्रभावित रहा। सचिवालय में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण अपने निजी काम से आए लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। एसडीएम विनेश कुमार ने बिजली निगम के एसडीओ को फोन कर लताड़ लगाई। उसके बाद एसडीएम ने कर्मचारी भेजकर ट्रांसफार्मर बदलवाने की प्रक्रिया शुरू की। शाम करीब चार बजे बिजली सप्लाई सुचारु हो पाई।
बता दें कि लघु सचिवालय का वीरवार की सुबह ट्रांसफार्मर जल गया था। जिस कारण एसडीएम कार्यालय, तहसील, बाल विकास विभाग कार्यालय, लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय, मत्स्य पालन अधिकारी कार्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बागवानी विकास अधिकारी कार्यालय, उप-पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सहायक रजिस्ट्रार, सहायक समितियां, सहायक रोजगार अधिकारी कार्यालय तथा डाकघर आदि की बिजली गुल रही। बिजली गुल रहने के कारण कार्यालय के कंप्यूटर बंद पड़े रहे। इनवर्टर और यूपीएस भी ठप हो गए। पूरे दिन कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर बैठकर गुजारना पड़ा। एसडीएम विनेश कुमार द्वारा फोन किए जाने के बाद भी बिजली विभाग के कर्मचारियों ने दो बजे तक लाइट काटने की परमिशन नहीं ली। बिजली निगम के अधिकारियों का मानना था कि दो बजे तक कोर्ट में जिला सत्र न्यायाधीश आए हुए थे। उसके लिए लाइट न काटने की परमिशन ली हुई थी।
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एक हजार से अधिक लोगों के काम हुए प्रभावित
जिस कारण लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, जाति प्रमाण पत्र सहित अनेक कार्य प्रभावित रहे। इसके अलावा अन्य विभागों के कार्य भी प्रभावित रहे। लघु सचिवालय में प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोग अपने निजी काम से आते हैं। परंतु लाइट नहीं होने के कारण उन्हें अपने काम के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा उसके बाद उन्हें वापस निराश लौटना पड़ा।
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नहीं है कोई वैकल्पिक व्यवस्था
लघु सचिवालय में बिजली आज पहली बार गुल नहीं हुई। इस दौरान बिजली का आना जाना लगा रहता है। हालांकि सचिवालय को हॉट लाइन से जोड़ा गया है। उसके बाद भी कई बार कट लग जाते हैं। दस दिन पूर्व पर सचिवालय की लाइट चार से पांच घंटे कटी थी। उस दौरान कार्यालयों के कार्य प्रभावित हुए थे। बार-बार कट लगने के बावजूद भी लघु सचिवालय में जेनरेटर की व्यवस्था नहीं है। एक जरनेटर जेनरेटर लगा हुआ है परंतु पिछले कई दिनों से वह खराब पड़ा है जो अभी तक ठीक नहीं हुआ है।
नहीं उठाया एसडीएम का फोन
बिजली निगम के एसडीओ इतने बड़े हो गए हैं वो एसडीएम का फोन उठाना उचित नहीं समझते। दो तीन बाद फोन करने के बाद जब एसडीओ ने फोन उठाया तो उनको लताड़ लगाई। साथ ही ट्रांसफार्मर जल्द ठीक करने के लिए कहा। हालांकि एसडीएम ने मीडिया को यह बात नहीं बताई। परंतु उन्होंने बिजली निगम के एक्सईएन बुधराम पंवार को फोन पर अवगत करवाया।
वर्जन
बिजली गुल होने पर मैंने एसडीओ को फोन कर दिया था। उसके बाद कर्मचारी ठीक करने के लिए आ गए थे। शाम चार बजे तक लाइट ठीक हो गई थी। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सचिवालय में रखा जेनरेटर खराब है। जेनरेटर जल्द ठीक करवाया जाएगा।
- विनेश कुमार, एसडीएम महेंद्रगढ़।
वर्जन
लघु सचिवालय की लाइट गुल होने की सूचना नहीं थी। एसडीएम विनेश का शाम के समय मेरे पास एसडीओ द्वारा फोन नहीं उठाने को लेकर फोन आया था। एसडीओ को फोन अधिकारी ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं का भी उठाना चाहिए। इस मामले में एसडीओ से बातचीत की जाएगी।
- बुधराम पंवार, एक्सईएन महेंद्रगढ़।