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Mahendragarh-Narnaul News: 1462 विद्यार्थियों को मिलीं डिग्रियां, 50 मेधावियों को गोल्ड मेडल
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फोटो संख्या:60- दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्यार्थी, शोधार्थी व प्रोफेसर--संवाद
पेज एक के लिए लीड खबर:
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फोटो संख्या: 58 से 62
हकेंवि के 12वें दीक्षांत समारोह में पहली बार आए सीजेआई, बोले-उच्च शिक्षा सिर्फ निजी उपलब्धि नहीं, एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने गिनाईं संस्थान की उपलब्धियां
संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में शनिवार को देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की मौजूदगी में 827 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर डिग्री, 557 को स्नातक और 78 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 50 मेधावियों को गोल्ड मेडल भी दिए गए।
हरियाणा के इकलौते केंद्रीय विश्वविद्यालय में पहली बार सीजेआई सूर्यकांत बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू और आईआईटी रोपड़ के निदेशक डॉ. राजीव आहूजा बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। यहां 1462 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
समारोह की शुरुआत वंदे मातरम के साथ हुई। इसके बाद कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने यूनिवर्सिटी की उपलब्धियां साझा कीं। कहा, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में हमें राष्ट्रीय स्तर पर 44वां स्थान मिला है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्थान पहला है।
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कहा, शिक्षकों के 3000 से अधिक शोध पत्र स्कोपस व वेब ऑफ साइंस डेटाबेस पर प्रकाशित हो चुके हैं। इसका एच इंडेक्स 82 है। वर्ष 2025 में ही शिक्षकों के 622 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं।
खेल सुविधाओं पर 16.50 करोड़ हो रहे खर्च
कुलपति ने बताया कि विवि में ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का निर्माण जारी है। इसके साथ खेल सुविधाएं बढ़ाने के लिए 16.50 करोड़ की लागत से संसाधन जुटाए जा रहे हैं। बताया कि उनकी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 53 प्रतिशत विद्यार्थी 25 राज्यों से आते हैं। एनएसएस और रेडक्रॉस के माध्यम से क्षेत्र के विकास का प्रयास हो रहा है।
सीजेआई सूर्यकांत ने विद्यार्थियों को शिक्षा की अहमियत समझाई। कहा, शिक्षा सबके लिए नए अवसरों के द्वार खोलती है। इससे उनकी क्षमताओं का विस्तार होता है, आय की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। उच्च शिक्षा पा लेना निजी सफलता मात्र नहीं बल्कि समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।
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शॉर्ट कट से बचें, एआई अपनाकर कृषि में करें नवाचार : प्रो. राजीव
आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रोफेसर राजीव आहूजा ने कहा कि दीक्षांत समारोह को विद्यार्थी जीवन भर याद रखते हैं। आप लोग अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग सही दिशा में करें। शॉर्टकट से बचें। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अपनाकर कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करने का आह्वान किया। कहा, नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि स्टार्ट-अप शुरू करके रोजगार देने वाले बनें। प्रो. राजीव ने कहा, मुख्य न्यायाधीश का जीवन मेहनत और ईमानदारी का प्रतीक है, युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी।
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हेलीकॉप्टर से आए सीजेआई, 19 मिनट तक दिया भाषण
सीजेआई सूर्यकांत हेलीकॉप्टर से हकेंवि पहुंचे। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने उनका हेलीपैड पर स्वागत किया। इसके बाद वे विश्राम गृह चले गए। यहीं सीजेआई ने विवि की पारंपरिक पोशाक पहनी और फिर कार्यक्रम में शरीक हुए। हाईकोर्ट मुख्य जस्टिस शील नागू, न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ व जिला सत्र न्यायाधीश भी पारंपरिक परिधान में ही आए। सीजेआई ने कुल 19 मिनट भाषण दिया। कुलपति की ओर से स्मृति चिह्न देकर करीब सवा बजे कार्यक्रम संपन्न होने की घोषणा कर दी गई।
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बिना आईडी कार्ड नहीं दिया प्रवेश
सीजेआई की सुरक्षा के मद्देनजर बाहर और भीतर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। हर गेट पर पुलिस सुरक्षा चौकस रही। किसी को बिना पहचान पत्र के प्रवेश नहीं दिया गया। 11 बजे ही बाहर और भीतर का आवागमन बंद कर दिया गया।
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फोटो संख्या: 58 से 62
हकेंवि के 12वें दीक्षांत समारोह में पहली बार आए सीजेआई, बोले-उच्च शिक्षा सिर्फ निजी उपलब्धि नहीं, एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने गिनाईं संस्थान की उपलब्धियां
संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में शनिवार को देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की मौजूदगी में 827 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर डिग्री, 557 को स्नातक और 78 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 50 मेधावियों को गोल्ड मेडल भी दिए गए।
हरियाणा के इकलौते केंद्रीय विश्वविद्यालय में पहली बार सीजेआई सूर्यकांत बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू और आईआईटी रोपड़ के निदेशक डॉ. राजीव आहूजा बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। यहां 1462 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
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समारोह की शुरुआत वंदे मातरम के साथ हुई। इसके बाद कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने यूनिवर्सिटी की उपलब्धियां साझा कीं। कहा, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में हमें राष्ट्रीय स्तर पर 44वां स्थान मिला है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्थान पहला है।
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कहा, शिक्षकों के 3000 से अधिक शोध पत्र स्कोपस व वेब ऑफ साइंस डेटाबेस पर प्रकाशित हो चुके हैं। इसका एच इंडेक्स 82 है। वर्ष 2025 में ही शिक्षकों के 622 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं।
खेल सुविधाओं पर 16.50 करोड़ हो रहे खर्च
कुलपति ने बताया कि विवि में ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का निर्माण जारी है। इसके साथ खेल सुविधाएं बढ़ाने के लिए 16.50 करोड़ की लागत से संसाधन जुटाए जा रहे हैं। बताया कि उनकी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 53 प्रतिशत विद्यार्थी 25 राज्यों से आते हैं। एनएसएस और रेडक्रॉस के माध्यम से क्षेत्र के विकास का प्रयास हो रहा है।
सीजेआई सूर्यकांत ने विद्यार्थियों को शिक्षा की अहमियत समझाई। कहा, शिक्षा सबके लिए नए अवसरों के द्वार खोलती है। इससे उनकी क्षमताओं का विस्तार होता है, आय की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। उच्च शिक्षा पा लेना निजी सफलता मात्र नहीं बल्कि समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।
शॉर्ट कट से बचें, एआई अपनाकर कृषि में करें नवाचार : प्रो. राजीव
आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रोफेसर राजीव आहूजा ने कहा कि दीक्षांत समारोह को विद्यार्थी जीवन भर याद रखते हैं। आप लोग अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग सही दिशा में करें। शॉर्टकट से बचें। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अपनाकर कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करने का आह्वान किया। कहा, नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि स्टार्ट-अप शुरू करके रोजगार देने वाले बनें। प्रो. राजीव ने कहा, मुख्य न्यायाधीश का जीवन मेहनत और ईमानदारी का प्रतीक है, युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी।
हेलीकॉप्टर से आए सीजेआई, 19 मिनट तक दिया भाषण
सीजेआई सूर्यकांत हेलीकॉप्टर से हकेंवि पहुंचे। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने उनका हेलीपैड पर स्वागत किया। इसके बाद वे विश्राम गृह चले गए। यहीं सीजेआई ने विवि की पारंपरिक पोशाक पहनी और फिर कार्यक्रम में शरीक हुए। हाईकोर्ट मुख्य जस्टिस शील नागू, न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ व जिला सत्र न्यायाधीश भी पारंपरिक परिधान में ही आए। सीजेआई ने कुल 19 मिनट भाषण दिया। कुलपति की ओर से स्मृति चिह्न देकर करीब सवा बजे कार्यक्रम संपन्न होने की घोषणा कर दी गई।
बिना आईडी कार्ड नहीं दिया प्रवेश
सीजेआई की सुरक्षा के मद्देनजर बाहर और भीतर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। हर गेट पर पुलिस सुरक्षा चौकस रही। किसी को बिना पहचान पत्र के प्रवेश नहीं दिया गया। 11 बजे ही बाहर और भीतर का आवागमन बंद कर दिया गया।

फोटो संख्या:60- दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्यार्थी, शोधार्थी व प्रोफेसर--संवाद

फोटो संख्या:60- दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्यार्थी, शोधार्थी व प्रोफेसर--संवाद

फोटो संख्या:60- दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्यार्थी, शोधार्थी व प्रोफेसर--संवाद

फोटो संख्या:60- दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्यार्थी, शोधार्थी व प्रोफेसर--संवाद