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जिले में बिना मुखिया के चल रहे 136 राजकीय स्कूल
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एक स्कूल में पढ़ाई करते बच्चे। संवाद
- फोटो : Narnol
प्रदेश सरकार भले ही राज्य में अच्छी शिक्षा नीति होने का दावा कर रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि महेंद्रगढ़ जिले में 830 अध्यापकों (606 टीजीटी एवं 224 जेबीटी) के पद खाली हैं। जिनमें पीटीआई/डीपीई, सामाजिक अध्ययन, गणित, विज्ञान, मातृ भाषा हिंदी, संस्कृत के पद शामिल हैं। जिले के तहत 136 स्कूल बिना मुखिया के चल रहे हैं। इसके साथ स्कूलों में गैर शिक्षण स्टाफ भी नहीं होने के कारण लिपिक का काम भी शिक्षकों को करना पड़ रहा है। ऐसे में स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई तथा अन्य कार्य बाधित होते हैं। इस बार प्रदेश सरकार ने राज्य में आठवीं कक्षा की परीक्षा भी बोर्ड से करवाने का फैसला लिया हुआ है। दो महीने बाद मार्च में आठवीं एवं दसवीं की वार्षिक परीक्षाएं होंगी। ऐसे में बिना शिक्षक विद्यार्थी कैसे पास हो पाएंगे। सरकारी शिक्षकों की कमी की वजह से विद्यार्थी आगे नहीं बढ़ पाते हैं। इस वजह से एडवांस युग में परिजन निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं। शिक्षकों की कमी का मामला इस बार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी गूंजा था। उसके बाद भी सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। संवाद
बिना पीटीआई के विद्यार्थी कैसे पहुंचेंगे ओलंपिक में
सरकार की खेल नीति शारीरिक शिक्षकों की कमी से दम तोड़ रही है। जिसके चलते विद्यार्थियों को खेलों का प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से सरकारी स्कूलों पर निजी स्कूल भारी पड़ रहे हैं। विद्यार्थियों के फिटेनस को बनाए रखने के लिए पीटी आदि भी नहीं हो पा रही। जिले में पीटीआई के 293 पदों में से 129 पद खाली हैं। सरकार की ओर से कोई भर्ती भी नहीं निकाली गई। एक तरफ सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई-नई खेल नीति बनाई रही है तो वहीं ये नीतियां खिलाड़ियों के दम तोड़ रही हैं।
गणित और विज्ञान अध्यापकों की भी कमी
आज का युग विज्ञान का है। परिजनों का भी बच्चों के लिए विज्ञान की ओर रुझान है। दसवीं में राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा आयोजित की जा रही हैं। इन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में विज्ञान एवं गणित दोनों ही मुख्य विषय होते हैं। जिले में गणित के 133 पदों में 65 पद खाली हैं। यानी 50 प्रतिशत गणित के पद खाली पड़े हैं। इसी प्रकार विज्ञान में 157 पदों में से 42 पद खाली पड़े हैं। बिना गणित एवं विज्ञान के शिक्षकों के राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास करना तो दूर की बात बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी नहीं हो पा रही। ऐसे में विद्यार्थी बाल वैज्ञानिक बन पाएंगे।
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ये पद खाली
शिक्षा विभाग में विभिन्न पद खाली है। जिसमें मुख्य अध्यापक के 136, शारीरिक शिक्षक 129, एसएस 20, गणित के 65, म्यूजिक 3, विज्ञान 42, अंग्रेजी 7, हिंदी के 35, संस्कृत 17 व ड्राइंग के 151 शिक्षकों की कमी है। प्राइमरी शिक्षकों के जिले में 224 पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकार ने बताया कि शिक्षकों की कमी को लेकर विभाग को रिक्त पदों की सुचना कई बार भेजी है शीतकालीन सत्र में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठने के बाद शिक्षा विभाग ने जिले से शिक्षकों की नई लिस्ट मांगी है जो भेज दी है। -बिजेंद्र श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्रगढ़
शिक्षकों की कमी जिले में नही अपितु प्रदेश में है। जल्द ही सरकार शिक्षकों की बड़ी भर्ती करने जा रही है। जल्द ही शिक्षकों की कमी को पूरी की जाएगी । ओमप्रकाश यादव, राज्य मंत्री हरियाणा सरकार।
पद सृजित पद खाली
मुख्य अध्यापक 274 136
सामाजिक अध्ययन 202 20
विज्ञान 157 42
गणित 133 65
शारीरिक शिक्षक 293 129
अंग्रेजी 87 07
हिंदी 120 35
संस्कृत 279 17
ड्राइंग 213 151
जेबीटी के खाली पद
खंड सृजित पद खाली
नांगल चौधरी 356 72
अटेली 260 48
कनीना 256 32
महेंद्रगढ़ 403 40
नारनौल 242 32
कुल 1517 224
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बिना पीटीआई के विद्यार्थी कैसे पहुंचेंगे ओलंपिक में
सरकार की खेल नीति शारीरिक शिक्षकों की कमी से दम तोड़ रही है। जिसके चलते विद्यार्थियों को खेलों का प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से सरकारी स्कूलों पर निजी स्कूल भारी पड़ रहे हैं। विद्यार्थियों के फिटेनस को बनाए रखने के लिए पीटी आदि भी नहीं हो पा रही। जिले में पीटीआई के 293 पदों में से 129 पद खाली हैं। सरकार की ओर से कोई भर्ती भी नहीं निकाली गई। एक तरफ सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई-नई खेल नीति बनाई रही है तो वहीं ये नीतियां खिलाड़ियों के दम तोड़ रही हैं।
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गणित और विज्ञान अध्यापकों की भी कमी
आज का युग विज्ञान का है। परिजनों का भी बच्चों के लिए विज्ञान की ओर रुझान है। दसवीं में राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा आयोजित की जा रही हैं। इन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में विज्ञान एवं गणित दोनों ही मुख्य विषय होते हैं। जिले में गणित के 133 पदों में 65 पद खाली हैं। यानी 50 प्रतिशत गणित के पद खाली पड़े हैं। इसी प्रकार विज्ञान में 157 पदों में से 42 पद खाली पड़े हैं। बिना गणित एवं विज्ञान के शिक्षकों के राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास करना तो दूर की बात बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी नहीं हो पा रही। ऐसे में विद्यार्थी बाल वैज्ञानिक बन पाएंगे।
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ये पद खाली
शिक्षा विभाग में विभिन्न पद खाली है। जिसमें मुख्य अध्यापक के 136, शारीरिक शिक्षक 129, एसएस 20, गणित के 65, म्यूजिक 3, विज्ञान 42, अंग्रेजी 7, हिंदी के 35, संस्कृत 17 व ड्राइंग के 151 शिक्षकों की कमी है। प्राइमरी शिक्षकों के जिले में 224 पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकार ने बताया कि शिक्षकों की कमी को लेकर विभाग को रिक्त पदों की सुचना कई बार भेजी है शीतकालीन सत्र में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठने के बाद शिक्षा विभाग ने जिले से शिक्षकों की नई लिस्ट मांगी है जो भेज दी है। -बिजेंद्र श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्रगढ़
शिक्षकों की कमी जिले में नही अपितु प्रदेश में है। जल्द ही सरकार शिक्षकों की बड़ी भर्ती करने जा रही है। जल्द ही शिक्षकों की कमी को पूरी की जाएगी । ओमप्रकाश यादव, राज्य मंत्री हरियाणा सरकार।
पद सृजित पद खाली
मुख्य अध्यापक 274 136
सामाजिक अध्ययन 202 20
विज्ञान 157 42
गणित 133 65
शारीरिक शिक्षक 293 129
अंग्रेजी 87 07
हिंदी 120 35
संस्कृत 279 17
ड्राइंग 213 151
जेबीटी के खाली पद
खंड सृजित पद खाली
नांगल चौधरी 356 72
अटेली 260 48
कनीना 256 32
महेंद्रगढ़ 403 40
नारनौल 242 32
कुल 1517 224

फोटो नंबर 02---रोपड़ सराय में बना स्कूल। संवाद- फोटो : Narnol