{"_id":"59cd3cf74f1c1b7a548b4c99","slug":"131506622711-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर घर को साफ पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा, दूषित पानी का होगा तुरंत समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर घर को साफ पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा, दूषित पानी का होगा तुरंत समाधान
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- विभाग अपने सभी ट्यूबवेल के सैंपल करवाएगा चेक
- पानी की समस्या का समाधान के लिए विभाग ने जारी किया टोल फ्री नंबर
- गांव कोथल खुर्द होगा मॉडल गांव
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। अब हर घर को साफ पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। जिस घर का पानी दूषित होगा उसका तुरंत समाधान किया जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिले का सर्वे करवा रहा है। इसके लिए विभाग ने 16 टीमें गठित की हैं जो गांवों में डोर टू डोर जाकर पानी के सैंपल चेक कर रहीं हैं। प्रदेश सरकार की ओर से विभाग के पास 2000 जीवाणु परीक्षण किट आ चुकी हैं। ये किट लेकर सर्वे टीम गांवों में जा रही हैं और एक-एक घर का पानी चेक करेंगी। उसकी दो दिन बाद रिपोर्ट दी जाएगी। अगर पानी दूषित पाया गया तो विभाग के कर्मचारी उसका समाधान करेंगे। इन टीमों ने नारनौल, महेंद्रगढ़, कनीना एवं अटेली के लगभग 45 गांव कवर कर लिए हैं। इसके अलावा विभाग भी अपने सभी ट्यूबवेलों के पानी के सैंपल भी लैब में चेक करवाए जाएंगे, जबकि नहरी पानी की क्लोरीन भी टेस्ट करवाई जाएगी।
48 घंटे में आएगी सैंपल की रिपोर्ट
जल संरक्षण सलाहकार मंगतुराम ने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक घर को साफ पानी उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभाग की टीम सर्वे कर रही हैं। प्रत्येक टीम में 5 सदस्य हैं, जिनको 2-2 किट जीवाणु परीक्षण की दी गई हैं। किट द्वारा पानी के सैंपल लिए जाएंगे। सैंपल उपभोक्ता के घर पर ही रखे जाएंगे। अगर पानी दूषित है तो 48 घंटे में पानी का रंग काला हो जाएगा। उपभोक्ता को इसकी सूचना विभाग को देनी होगी। विभाग द्वारा पानी दूषित होने के कारण की जांच की जाएगी। अगर मेन पाइप लाइन में लीकेज है तो विभाग के कर्मचारी स्वयं जाकर उस लीकेज को ठीक करेंगे। अगर उनकी स्वयं की लाइन में गड़बड़ है तो उन्हें स्वयं को ठीक करवाना होगा।
जिले में 14474 घर हो चुके हैं चेक
विभाग की ओर से अभी तक 14474 नल कनेक्शन चेक किए जा चुके हैं। इनमें से 4000 वैध कनेक्शन किए गए, 1435 कनेक्शन ऐसे थे जिनकी पाइप लाइन गंदे नालों से होकर गुजर रही थी, उनको ठीक करवाया गया, 39 घरों में नलों पर टूटी लगवाई गई। इस अभियान से 535 घरों में पानी भी पहुंचने लग गया, पहले इन घरों में पानी बहुत कम पहुंचता था। इसके अलावा विभाग को 18 लाख का राजस्व भी प्राप्त हुआ है। पीने के पानी और सीवरेज संबंधी किसी भी समस्या के लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 18001805678 भी जारी किया है। जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन वैध है, वही इस पर शिकायत कर सकते हैं।
विज्ञापन
गांव कोथल खुर्द होगा मॉडल गांव:
जल संरक्षण सलाहकार मंगतुराम ने बताया कि प्रदेश सरकार की वाटर सिक्योरिटी प्लानिंग के तहत जिले के गांव कोथल खुर्द को मॉडल गांव बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार की यह योजना पूरे प्रदेश में लागू की जा रही है। सरकार प्रत्येक जिले से एक गांव को डेमो के रूप में ले रही है। अगर यह योजना कारगर साबित हुई तो इसे ब्लॉक स्तर पर भी लागू किया जाएगा। गांवों में सभी वैध कनेक्शन किए जाएंगे तथा नलों पर टूटी लगी होंगी। गांव में कहीं भी पाइप लाइन लीकेज नहीं होगी। गंदे नाली के कनेक्शन काटकर ठीक किए जाएंगे। इन सबकी निगरानी गांव ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति रखेगी। यह समिति गांव के लोगों पानी की बर्बादी रोकने के लिए भी जागरूक करेगी।
विज्ञापन
- पानी की समस्या का समाधान के लिए विभाग ने जारी किया टोल फ्री नंबर
- गांव कोथल खुर्द होगा मॉडल गांव
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। अब हर घर को साफ पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। जिस घर का पानी दूषित होगा उसका तुरंत समाधान किया जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिले का सर्वे करवा रहा है। इसके लिए विभाग ने 16 टीमें गठित की हैं जो गांवों में डोर टू डोर जाकर पानी के सैंपल चेक कर रहीं हैं। प्रदेश सरकार की ओर से विभाग के पास 2000 जीवाणु परीक्षण किट आ चुकी हैं। ये किट लेकर सर्वे टीम गांवों में जा रही हैं और एक-एक घर का पानी चेक करेंगी। उसकी दो दिन बाद रिपोर्ट दी जाएगी। अगर पानी दूषित पाया गया तो विभाग के कर्मचारी उसका समाधान करेंगे। इन टीमों ने नारनौल, महेंद्रगढ़, कनीना एवं अटेली के लगभग 45 गांव कवर कर लिए हैं। इसके अलावा विभाग भी अपने सभी ट्यूबवेलों के पानी के सैंपल भी लैब में चेक करवाए जाएंगे, जबकि नहरी पानी की क्लोरीन भी टेस्ट करवाई जाएगी।
48 घंटे में आएगी सैंपल की रिपोर्ट
जल संरक्षण सलाहकार मंगतुराम ने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक घर को साफ पानी उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभाग की टीम सर्वे कर रही हैं। प्रत्येक टीम में 5 सदस्य हैं, जिनको 2-2 किट जीवाणु परीक्षण की दी गई हैं। किट द्वारा पानी के सैंपल लिए जाएंगे। सैंपल उपभोक्ता के घर पर ही रखे जाएंगे। अगर पानी दूषित है तो 48 घंटे में पानी का रंग काला हो जाएगा। उपभोक्ता को इसकी सूचना विभाग को देनी होगी। विभाग द्वारा पानी दूषित होने के कारण की जांच की जाएगी। अगर मेन पाइप लाइन में लीकेज है तो विभाग के कर्मचारी स्वयं जाकर उस लीकेज को ठीक करेंगे। अगर उनकी स्वयं की लाइन में गड़बड़ है तो उन्हें स्वयं को ठीक करवाना होगा।
विज्ञापन
जिले में 14474 घर हो चुके हैं चेक
विभाग की ओर से अभी तक 14474 नल कनेक्शन चेक किए जा चुके हैं। इनमें से 4000 वैध कनेक्शन किए गए, 1435 कनेक्शन ऐसे थे जिनकी पाइप लाइन गंदे नालों से होकर गुजर रही थी, उनको ठीक करवाया गया, 39 घरों में नलों पर टूटी लगवाई गई। इस अभियान से 535 घरों में पानी भी पहुंचने लग गया, पहले इन घरों में पानी बहुत कम पहुंचता था। इसके अलावा विभाग को 18 लाख का राजस्व भी प्राप्त हुआ है। पीने के पानी और सीवरेज संबंधी किसी भी समस्या के लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 18001805678 भी जारी किया है। जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन वैध है, वही इस पर शिकायत कर सकते हैं।
विज्ञापन
गांव कोथल खुर्द होगा मॉडल गांव:
जल संरक्षण सलाहकार मंगतुराम ने बताया कि प्रदेश सरकार की वाटर सिक्योरिटी प्लानिंग के तहत जिले के गांव कोथल खुर्द को मॉडल गांव बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार की यह योजना पूरे प्रदेश में लागू की जा रही है। सरकार प्रत्येक जिले से एक गांव को डेमो के रूप में ले रही है। अगर यह योजना कारगर साबित हुई तो इसे ब्लॉक स्तर पर भी लागू किया जाएगा। गांवों में सभी वैध कनेक्शन किए जाएंगे तथा नलों पर टूटी लगी होंगी। गांव में कहीं भी पाइप लाइन लीकेज नहीं होगी। गंदे नाली के कनेक्शन काटकर ठीक किए जाएंगे। इन सबकी निगरानी गांव ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति रखेगी। यह समिति गांव के लोगों पानी की बर्बादी रोकने के लिए भी जागरूक करेगी।