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दुकानदारों ने धरना स्थगित किया, उच्च न्यायालय जाने की तैयारी
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अमर उजाला ब्यूरो
कनीना। पंचायत समिति की भूमि पर बनी दुकानों को तोड़े जाने का नोटिस के विरोध में दुकानदारों ने 22 मार्च शुक्रवार से खंड कार्यालय के सामने शुरू किए जाने वाले धरने को स्थगित कर दिया है। व्यापार यूनियन के प्रधान नरेंद्र सिंह ने बताया कि दुकानदार इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिलेंगे। साथ ही उच्च न्यायालय में भी जाकर अपना पक्ष रखेंगे।
कनीना में बनाए जाने वाले उपमंडल अधिकारी नागरिक कार्यालय के लिए तीन मार्च को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शिलान्यास किया था। इसके बाद भवन निर्माण करने की तैयारी शुरू हो गई। सात मार्च को कनीना पंचायत समिति की भूमि पर बनी 154 दुकानों को पंचायत समिति के कार्यकारी अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किए गए, जिसमें 3 माह में दुकानों को खाली करने के निर्देश दिए गए। 54 कनाल छह मरला भूमि पर उपमंडल अधिकारी कार्यालय बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए 154 दुकानों को तोड़कर जमीन को खाली कराने की योजना है।
इस मामले में दुकानदार एसडीएम के जरिये सीएम को ज्ञापन प्रेषित कर चुके हैं। डिप्टी स्पीकर और अटेली विधानसभा क्षेत्र की विधायक संतोष यादव ने भरोसा दिया था कि दुकानों को नहीं टूटने दिया जाएगा।
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अभी तक उनके नोटिस को वापस नहीं लिया गया है। इस कारण दुकानदारों में डर बना हुआ है। दुकानदारों ने 22 मार्च से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का फैसला लिया था। दुकानदारों ने फिलहाल धरने को स्थगित करने का निर्णय लिया है। दुकानों को बचाने के लिए दुकानदार जल्द केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिलेंगे। साथ ही मामले को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लेकर जाएंगे।
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कनीना। पंचायत समिति की भूमि पर बनी दुकानों को तोड़े जाने का नोटिस के विरोध में दुकानदारों ने 22 मार्च शुक्रवार से खंड कार्यालय के सामने शुरू किए जाने वाले धरने को स्थगित कर दिया है। व्यापार यूनियन के प्रधान नरेंद्र सिंह ने बताया कि दुकानदार इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिलेंगे। साथ ही उच्च न्यायालय में भी जाकर अपना पक्ष रखेंगे।
कनीना में बनाए जाने वाले उपमंडल अधिकारी नागरिक कार्यालय के लिए तीन मार्च को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शिलान्यास किया था। इसके बाद भवन निर्माण करने की तैयारी शुरू हो गई। सात मार्च को कनीना पंचायत समिति की भूमि पर बनी 154 दुकानों को पंचायत समिति के कार्यकारी अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किए गए, जिसमें 3 माह में दुकानों को खाली करने के निर्देश दिए गए। 54 कनाल छह मरला भूमि पर उपमंडल अधिकारी कार्यालय बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए 154 दुकानों को तोड़कर जमीन को खाली कराने की योजना है।
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इस मामले में दुकानदार एसडीएम के जरिये सीएम को ज्ञापन प्रेषित कर चुके हैं। डिप्टी स्पीकर और अटेली विधानसभा क्षेत्र की विधायक संतोष यादव ने भरोसा दिया था कि दुकानों को नहीं टूटने दिया जाएगा।
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अभी तक उनके नोटिस को वापस नहीं लिया गया है। इस कारण दुकानदारों में डर बना हुआ है। दुकानदारों ने 22 मार्च से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का फैसला लिया था। दुकानदारों ने फिलहाल धरने को स्थगित करने का निर्णय लिया है। दुकानों को बचाने के लिए दुकानदार जल्द केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिलेंगे। साथ ही मामले को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लेकर जाएंगे।