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भूखी मरीं 109 गायें, गोशाला ने नहीं करवाया पोस्टमार्टम
Updated Thu, 12 Oct 2017 11:20 PM IST
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संशोधित खबर:
भूखी मरीं 109 गायें, गोशाला ने नहीं करवाया पोस्टमार्टम फोटो नंबर 20
श्री गोपाल गोशाला का मामला, एक पखवाड़े में हुई मौतें, एडहॉक कमेटी पॉलीथिन को मान रही कारण
पशुपालन विभाग बोला- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होता है मौत का खुलासा, गायों का नहीं हुआ पोस्टमार्टम
बुधवार शाम को एक बार फिर छह गायों के मरने से मामला गरमाया, डीसी ने चुनाव प्रक्रिया तेज करवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
गोपाल गोशाला में बुधवार शाम को फिर छह गायों की मौत हो गई। गोशाला में एक पखवाड़े के दौरान करीब 109 गायों की मौत हो चुकी है। गोशाला की एडहॉक कमेटी गायों की मौत का कारण पॉलीथिन खाना मान रहा है। बड़ी संख्या में मर रही गायों का कोई पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया है। पशुपालन विभाग का कहना है कि गायों की मौत का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने के बाद ही होगा। मौत के कई कारण हो सकते हैं। अभी तक गोशाला की तरफ से किसी भी गाय का पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया है। उधर डीसी का कहना है कि गोशाला की उचित देखभाल के लिए रजिस्ट्रार को गोशाला कमेटी के गठन की चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कुछ गायों का पोस्टमार्टम हुआ है रिपोर्ट की जानकारी नहीं है। दूसरी तरफ गायों की मौत की जानकारी सार्वजनिक करने पर अभी तक छह कर्मचारियों को हटाया जा चुका है। मामले में गोशाला से जुड़े सूत्रों का कहना है कि गायों को चारा नहीं दिया जा रहा है। इस कारण गायों की लगातार मौत हो रही है। पहले यहां करीब 2200 गायें थीं जो अब करीब 1100 रह गई हैं।
श्री गोपाल गोशाला इन दिनों गायों की मौत के कारण चर्चाओं में बना हुआ है। गोपाल गोशाला में एक पखवाड़े से गायों के मरने का सिलसिला जारी है। चार दिन पूर्व तक गोशाला में 109 गायों की मौत हो चुकी है। दो-तीन दिन हालात ठीक रहने के बाद बुधवार शाम को गोशाला में फिर से छह गायों की मौत हो गई। वहीं गोशाला में रोज मर रही गायों का मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद डीसी, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी भी गोशाला का दौरा कर चुके हैं। अपनी फजीहत होती देख कमेटी ने जिला गोशाला संघ की बैठक बुलाई। सबके समक्ष कमेटी के सदस्यों ने अपनी कमी स्वीकार नहीं की। जब ठोस तर्क प्रस्तुत किए तो कमेटी के सदस्यों ने नई कार्यकारिणी के चुनाव की बात करनी शुरू कर दी। गोशाला प्रबंधक कमेटी की मंशा कितनी साफ है इसका अंदाजा इस बात से आसानी से लगाया जा सकता है कि रोज मर रही गायों की जानकारी मीडिया से शेयर करने के बाद गोशाला के छह कर्मचारियों को हटा दिया गया। अब गोशाला सूत्रों से ही पता चला है कि जनवरी 2016 में जब तत्कालीन डीसी ने एडहॉक कमेटी बनाकर गोशाला की देखरेख का जिम्मा सौंपा, तो यहां पर 2000 से 2200 के बीच गायें थीं। अब गायों की संख्या 1100 भी नहीं रह गई है। गोशाला सूत्रों का कहना है कि यदि एक-एक गाय की गिनती की जाए तो गोशाला की एडहॉक कमेटी का असली चेहरा जनता के सामने आ जाएगा। जानकारी के अनुसार गायों को चारा नहीं दिया जा रहा है।
कोट
श्री गोपाल गोशाला में गायों के मरने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें पालीथिन खाने से होने वाली अपच, चारे की कमी, मौसम परिवर्तन भी शामिल है। गायों की मौत का असल कारण पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से स्पष्ट हो सकता है। अभी तक गोशाला की जितनी भी गायें मरी हैं उनमें से किसी का भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। - नसीब सिंह, उप निदेशक, पशु पालन विभाग
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गोपाल गोशाला कमेटी का जल्द होगा गठन: डीसी
नारनौल। रेवाड़ी रोड के नजदीक स्थित श्री गोपाल गोशाला के सदस्यों की सूची को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के लिए जिला रजिस्ट्रार को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही कमेटी के गठन की चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी। उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने कहा कि जीएम डीआईसी और जिला रजिस्ट्रार वीरेंद्र सिंह को सदस्यता सूची को अंतिम रूप देकर चुनाव की प्रक्रिया को अमल में लाने के निर्देश दिए हैं ताकि गोशाला का संचालन बेहतर ढंग से हो। डॉ. मित्तल ने बताया कि गायों की देखभाल में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। मृत गायों को दफनाने के लिए भी उचित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। गोशाला में बिजली-पानी की उचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। पशुओं के लिए मीठे पानी का प्रबंध के लिए एक अलग से कनेक्शन के लिए संबंधित विभाग में आवेदन करने के आदेश दिए हैं। कुछ गायों का पोस्टमार्टम हुआ है। रिपोर्ट की जानकारी नहीं है लेकिन जरूरत पड़ी तो अन्य का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
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भूखी मरीं 109 गायें, गोशाला ने नहीं करवाया पोस्टमार्टम फोटो नंबर 20
श्री गोपाल गोशाला का मामला, एक पखवाड़े में हुई मौतें, एडहॉक कमेटी पॉलीथिन को मान रही कारण
पशुपालन विभाग बोला- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होता है मौत का खुलासा, गायों का नहीं हुआ पोस्टमार्टम
बुधवार शाम को एक बार फिर छह गायों के मरने से मामला गरमाया, डीसी ने चुनाव प्रक्रिया तेज करवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
गोपाल गोशाला में बुधवार शाम को फिर छह गायों की मौत हो गई। गोशाला में एक पखवाड़े के दौरान करीब 109 गायों की मौत हो चुकी है। गोशाला की एडहॉक कमेटी गायों की मौत का कारण पॉलीथिन खाना मान रहा है। बड़ी संख्या में मर रही गायों का कोई पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया है। पशुपालन विभाग का कहना है कि गायों की मौत का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने के बाद ही होगा। मौत के कई कारण हो सकते हैं। अभी तक गोशाला की तरफ से किसी भी गाय का पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया है। उधर डीसी का कहना है कि गोशाला की उचित देखभाल के लिए रजिस्ट्रार को गोशाला कमेटी के गठन की चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कुछ गायों का पोस्टमार्टम हुआ है रिपोर्ट की जानकारी नहीं है। दूसरी तरफ गायों की मौत की जानकारी सार्वजनिक करने पर अभी तक छह कर्मचारियों को हटाया जा चुका है। मामले में गोशाला से जुड़े सूत्रों का कहना है कि गायों को चारा नहीं दिया जा रहा है। इस कारण गायों की लगातार मौत हो रही है। पहले यहां करीब 2200 गायें थीं जो अब करीब 1100 रह गई हैं।
श्री गोपाल गोशाला इन दिनों गायों की मौत के कारण चर्चाओं में बना हुआ है। गोपाल गोशाला में एक पखवाड़े से गायों के मरने का सिलसिला जारी है। चार दिन पूर्व तक गोशाला में 109 गायों की मौत हो चुकी है। दो-तीन दिन हालात ठीक रहने के बाद बुधवार शाम को गोशाला में फिर से छह गायों की मौत हो गई। वहीं गोशाला में रोज मर रही गायों का मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद डीसी, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी भी गोशाला का दौरा कर चुके हैं। अपनी फजीहत होती देख कमेटी ने जिला गोशाला संघ की बैठक बुलाई। सबके समक्ष कमेटी के सदस्यों ने अपनी कमी स्वीकार नहीं की। जब ठोस तर्क प्रस्तुत किए तो कमेटी के सदस्यों ने नई कार्यकारिणी के चुनाव की बात करनी शुरू कर दी। गोशाला प्रबंधक कमेटी की मंशा कितनी साफ है इसका अंदाजा इस बात से आसानी से लगाया जा सकता है कि रोज मर रही गायों की जानकारी मीडिया से शेयर करने के बाद गोशाला के छह कर्मचारियों को हटा दिया गया। अब गोशाला सूत्रों से ही पता चला है कि जनवरी 2016 में जब तत्कालीन डीसी ने एडहॉक कमेटी बनाकर गोशाला की देखरेख का जिम्मा सौंपा, तो यहां पर 2000 से 2200 के बीच गायें थीं। अब गायों की संख्या 1100 भी नहीं रह गई है। गोशाला सूत्रों का कहना है कि यदि एक-एक गाय की गिनती की जाए तो गोशाला की एडहॉक कमेटी का असली चेहरा जनता के सामने आ जाएगा। जानकारी के अनुसार गायों को चारा नहीं दिया जा रहा है।
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कोट
श्री गोपाल गोशाला में गायों के मरने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें पालीथिन खाने से होने वाली अपच, चारे की कमी, मौसम परिवर्तन भी शामिल है। गायों की मौत का असल कारण पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से स्पष्ट हो सकता है। अभी तक गोशाला की जितनी भी गायें मरी हैं उनमें से किसी का भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। - नसीब सिंह, उप निदेशक, पशु पालन विभाग
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गोपाल गोशाला कमेटी का जल्द होगा गठन: डीसी
नारनौल। रेवाड़ी रोड के नजदीक स्थित श्री गोपाल गोशाला के सदस्यों की सूची को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के लिए जिला रजिस्ट्रार को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही कमेटी के गठन की चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी। उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने कहा कि जीएम डीआईसी और जिला रजिस्ट्रार वीरेंद्र सिंह को सदस्यता सूची को अंतिम रूप देकर चुनाव की प्रक्रिया को अमल में लाने के निर्देश दिए हैं ताकि गोशाला का संचालन बेहतर ढंग से हो। डॉ. मित्तल ने बताया कि गायों की देखभाल में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। मृत गायों को दफनाने के लिए भी उचित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। गोशाला में बिजली-पानी की उचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। पशुओं के लिए मीठे पानी का प्रबंध के लिए एक अलग से कनेक्शन के लिए संबंधित विभाग में आवेदन करने के आदेश दिए हैं। कुछ गायों का पोस्टमार्टम हुआ है। रिपोर्ट की जानकारी नहीं है लेकिन जरूरत पड़ी तो अन्य का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।