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Mahendragarh-Narnaul News: 11350 किसानों ने करवाया फसल बीमा, 36254 लाभ से वंचित
Sat, 07 Sep 2024 11:44 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 07 Sep 2024 11:44 PM IST
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नारनौल। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति किसानों का रुझान कम हो गया है। अब फसल बीमा करवाने की अंतिम तिथि 11 सितंबर है।
जिले में 48170 किसान केसीसी धारक है, लेकिन अब तक 11350 किसानों ने ही बीमा करवाया है। जबकि 566 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने बीमा करवाने से मना कर दिया है। अभी भी जिले में 36254 किसान बीमा करवाने से वंचित है। अब आठ व नौ सितंबर को अवकाश होने की वजह से दो दिन ही किसानों के पास बीमा करवाने के लिए समय बच रहा है, अगर बीते वर्षों की बात की जाए तो 2016 में खरीफ फसल के लिए जहां 27779 हजार किसानों ने बीमा करवाया था, वहीं 2019 में 52215 और 2022 में 52519 किसानों ने बीमा करवाने में रूचि दिखाई थी। लेकिन इस बार बीते वर्षों की तुलना में काफी कम किसानों ने बीमा करवाया है।
2023 में नहीं किया गया था जिले के किसानों का बीमा:
वर्ष 2023 में क्लस्टर दो में शामिल सभी किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिला था। लेकिन इस बार क्लस्टर दो में शामिल सभी जिलों के किसानों का बीमा किया जा रहा है। क्लस्टर दो में अंबाला, करनाल, सोनीपत, हिसार, जींद, महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम शामिल है। बता दें कि प्रदेश में तीन क्लस्टर बनाए गए है।
इस तरह मिलेगा योजना का लाभ
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तारीख 11 सितंबर निर्धारित की गई हैं। इससे पहले किसान अपनी खरीफ फसल बाजरा, कपास व मक्का इत्यादि फसलों का बीमा करवा सकते हैं। ऋणी व गैर ऋणी किसान स्वेच्छा से योजना के तहत फसल बीमा करा सकते हैं। योजना में शामिल बाजरा, कपास व मक्का की फसलों को अगर जलभराव से नुकसान पहुंचता है, तो उसका मुआवजा बीमा कंपनी की ओर से किसानों को दिया जाता है।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा करवाने के लिए 11 सितंबर अंतिम तिथि है। किसान जल्द से जल्द से फसल का बीमा करवाएं ताकि नुकसान होने पर भरपाई की जा सके। अब तक 11350 किसानों ने बीमा करवाया है।
डॉ. देवेंद्र सिंह, कृषि उपनिदेशक नारनौल।
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जिले में 48170 किसान केसीसी धारक है, लेकिन अब तक 11350 किसानों ने ही बीमा करवाया है। जबकि 566 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने बीमा करवाने से मना कर दिया है। अभी भी जिले में 36254 किसान बीमा करवाने से वंचित है। अब आठ व नौ सितंबर को अवकाश होने की वजह से दो दिन ही किसानों के पास बीमा करवाने के लिए समय बच रहा है, अगर बीते वर्षों की बात की जाए तो 2016 में खरीफ फसल के लिए जहां 27779 हजार किसानों ने बीमा करवाया था, वहीं 2019 में 52215 और 2022 में 52519 किसानों ने बीमा करवाने में रूचि दिखाई थी। लेकिन इस बार बीते वर्षों की तुलना में काफी कम किसानों ने बीमा करवाया है।
2023 में नहीं किया गया था जिले के किसानों का बीमा:
वर्ष 2023 में क्लस्टर दो में शामिल सभी किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिला था। लेकिन इस बार क्लस्टर दो में शामिल सभी जिलों के किसानों का बीमा किया जा रहा है। क्लस्टर दो में अंबाला, करनाल, सोनीपत, हिसार, जींद, महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम शामिल है। बता दें कि प्रदेश में तीन क्लस्टर बनाए गए है।
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इस तरह मिलेगा योजना का लाभ
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तारीख 11 सितंबर निर्धारित की गई हैं। इससे पहले किसान अपनी खरीफ फसल बाजरा, कपास व मक्का इत्यादि फसलों का बीमा करवा सकते हैं। ऋणी व गैर ऋणी किसान स्वेच्छा से योजना के तहत फसल बीमा करा सकते हैं। योजना में शामिल बाजरा, कपास व मक्का की फसलों को अगर जलभराव से नुकसान पहुंचता है, तो उसका मुआवजा बीमा कंपनी की ओर से किसानों को दिया जाता है।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा करवाने के लिए 11 सितंबर अंतिम तिथि है। किसान जल्द से जल्द से फसल का बीमा करवाएं ताकि नुकसान होने पर भरपाई की जा सके। अब तक 11350 किसानों ने बीमा करवाया है।
डॉ. देवेंद्र सिंह, कृषि उपनिदेशक नारनौल।