{"_id":"639f423d1e6fd74e8b76625c","slug":"100-year-old-saint-mahavir-nath-took-samadhi-in-mahendragarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"महेंद्रगढ़: 100 वर्षीय संत महावीर नाथ ने ली समाधि, अंतिम दर्शन के लिए निकाली यात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महेंद्रगढ़: 100 वर्षीय संत महावीर नाथ ने ली समाधि, अंतिम दर्शन के लिए निकाली यात्रा
Sun, 18 Dec 2022 10:09 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, आकोदा, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, आकोदा, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 18 Dec 2022 10:09 PM IST
सार
महावीर नाथ 45 वर्षों से निमला जोहड़ पर कुटिया बनाकर रहे थे। समाधि के दौरान उनके पार्थिव शरीर को वाहन में रखकर विभिन्न मार्गों से होते हुए निमल जोहड़ पर पहुंचे, जहां पर उन्हें समाधि दी गई।
विज्ञापन
समाधी देते श्रद्धालु।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के आकोदा क्षेत्र के गांव गढ़ी खुडाना रोड स्थित निमला जोहड़ पर पिछले 45 वर्षों से कुटिया बनाकर रह रहे संत श्रीश्री 1008 महाबीर नाथ ने रविवार को समाधि ली। क्षेत्र के लोगों द्वारा रविवार को गांवों के शोभायात्रा निकाली गई। ग्रामीणों द्वारा संत के अंतिम दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन
बता दें कि गांव गढ़ी निवासी संत महाबीर नाथ 45 वर्षों से गांव गढ़ी खुडाना के बीच स्थित निमला जोहड़ के किनारे कुटिया बनाकर रहते थे। आसपास से सैकड़ों की संख्या में प्रतिदिन श्रद्धालु पहुंचकर उनसे आशीर्वाद लेते थे। संत के परिवार से जुड़े बोबी ने बताया कि महावीर नाथ क्षेत्र के एक महान संत थे।
विज्ञापन
इनकी उम्र लगभग 100 साल से ऊपर थी। इनका जीवन बिल्कुल शांत स्वभाव का था। महावीर नाथ 45 वर्षों से निमला जोहड़ पर कुटिया बनाकर रहे थे। समाधि के दौरान उनके पार्थिव शरीर को वाहन में रखकर विभिन्न मार्गों से होते हुए निमल जोहड़ पर पहुंचे, जहां पर उन्हें समाधि दी गई। इस मौके पर गढ़ी पूर्व सरपंच लीला सिंह, डॉ. जगमाल, मास्टर सतीश, मास्टर कुलदीप, सोमू खुड़ाना, चरण सिंह सहित अनेक गांवों के लोग शामिल हुए।
विज्ञापन