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घरों में बांटे जाएंगे जिंक टेबलेट और ओआरएस के पैकेट

Sat, 26 Jul 2014 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Sat, 26 Jul 2014 12:57 AM IST
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Zinc tablets and ORS packets will be distributed to homes
बारिश में फैलने वाले डायरिया पर अंकुश लगाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग चौकस हो चुका है, ताकि डायरिया की वजह से होने वाली शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग 28 से जिले में अभियान चलाकर सभी घरों में  1-1 पैकेट ओआरएस तथा जिंक की गोलियां बांटेगा।
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 विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कुरुक्षेत्र में इस समय पांच वर्ष तक आयु वर्ग के करीब एक लाख छह हजार बच्चे हैं। डायरिया की स्थिति में ओआरएस और जिंक की गोलियां रामबाण होती हैं, लिहाजा इनका वितरण करके स्वास्थ्य विभाग बच्चों को सुरक्षा घेरे में लेना चाहता है।
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 विभाग के इस अभियान में मेडिकल स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा वर्कर, हेल्थ वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर एवं स्कूल स्टाफ तथा पंचायती राज संस्था का सहयोग लेगा। ये जानकारी जिले के चीफ मेडिकल आफिसर डॉ. जेएस ग्रेवाल ने दी। उनके मुताबिक इस अभियान में 680 आशा वर्कर और 1075 आंगनबाड़ी वर्करों का सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा 26 ओआरएस एवं जिंक सेंटर बनाए जाएंगे।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कुरुक्षेत्र में हर साल पांच वर्ष तक के 7 प्रतिशत शिशुओं की मौत का कारण डायरिया है। विभाग जिले भर में जागरूकता अभियान चला कर जिले को डायरिया मुक्त बनाना चाहता है।
डिप्टी सिविल सर्जन एवं सघन दस्त नियंत्रण अभियान की जिला नोडल अधिकारी डा.अनुपमा सैनी के मुताबिक देश में हर साल डायरिया से 11 प्रतिशत शिशुओं की मौत हो जाती है। इसके लिए कहीं न कहीं घरेलू स्तर पर होने वाली लापरवाही जिम्मेदार होती है। उनके मुताबिक इस कार्यक्रम को पोलियो अभियान की तरह सघन दस्त नियंत्रण अभियान को 28 जुलाई से 9 अगस्त तक चलाया जाएगा।


हैंडवाश की जानकारी और कुपोषित बच्चों को करेंगे ट्रेस
डॉ. अनुपमा सैनी के के मुताबिक डायरिया पर अंकुश लगाने के लिए स्कूलों में बच्चों को हैंडवाश की जानकारी दी जाएगी। वहीं कुपोषित बच्चों को ट्रेस किया जाएगा,ताकि इनके स्वास्थ्य के मद्देनजर जो भी जरूरी कदम हों वह उठाए जा सकें और ऐसे बच्चों का खानपान कैसा हो? इसकी भी जानकारी दी जाएगी।
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