{"_id":"61f6e8a322d99457cc23d80c","slug":"youth-expected-to-improve-education-and-employment-from-the-budget-kurukshetra-kurukshetra-news-knl97499077","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट से युवाओं को शिक्षा और रोजगार बेहतर होने की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट से युवाओं को शिक्षा और रोजगार बेहतर होने की उम्मीद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। एक फरवरी को केंद्रीय बजट आने का युवाओं व महिलाओं को बेसब्री से इंतजार है। उन्हें इस बार कई तरह के बदलाव व सुधार की उम्मीद है। इस दौरान युवाओं ने शिक्षा व रोजगार में सुधार होने की उम्मीद जताई। वहीं अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों ने आगामी केंद्रीय बजट को अर्थशास्त्री की पैनी नजर से भी देख रहे हैं। बजट पर अमर उजाला संवाद में युवाओं व महिलाओं ने अपने विचार साझा किए।
विद्यार्थियों ने पिछले बजट में की गई घोषणाओं पर भी सवाल खड़े किए। इसके साथ ही महिलाओं का कहना है कि देश में शीर्ष पर पहुंच चुकी महंगाई पर अंकुश लगे, रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं आम लगों के बजट से बाहर होती जा रही हैं, इसमें भी राहत हो। वहीं उम्मीद जताई कि बजट सुकून देने वाला हो।
गृहिणी पूनम सैनी का कहना है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में सुधार होना चाहिए। वर्तमान में खाद्य पदार्थों की वजह से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। एक लीटर सरसों का तेल 170 से 180 रुपये में मिल रहा है, जबकि इसकी कीमत 100 रुपये से भी कम होनी चाहिए।
विज्ञापन
गृहिणी वर्तिका का कहना है कि सामान्य सुख सुविधाओं की वस्तुएं हर बजट में महंगी कर दी जाती हैं। इनमें फ्रिज, कूलर, एसी, कपड़े व खाने-पीने की अन्य वस्तुएं शामिल हैं। वहीं उनका कहना है कि आगामी बजट में इन वस्तुओं के दाम न बढ़ाए जाएं।
पूर्णिमा कौशिक का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण देश की अर्थव्यवस्था काफी पिछड़ी हुई है। वहीं एक फरवरी को जारी होने वाले केंद्रीय बजट में उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में सुधार हो ताकि देश की जीडीपी दोबारा पटरी पर आ सके।
युवा पिंटू सिंगला का कहना है कि आने वाले बजट में युवाओं को नए अवसरों की आशा है। पिछले बजट में 35 हजार 219 करोड़ रुपये पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए खर्च करने की बात कही गई थी। अभी तक बहुत से विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप वितरित नहीं की गई।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एमए व्यावसायिक अर्थशास्त्र के छात्र नवीन का कहना है कि आगामी बजट में शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च की जाने वाली राशि में बढ़ोतरी की जाए। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजन किए जाएं।
युवा अनिल चौहान का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सुधार किया जाना चाहिए। बजट के माध्यम से शिक्षा नीति को और बेहतर किया जा सकता है। हर क्षेत्र में रोजगार के नवीन आयाम स्थापित किए जा सकते हैं। बजट में पता चलेगा कि किस क्षेत्र का क्या फायदा होने वाला है।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। एक फरवरी को केंद्रीय बजट आने का युवाओं व महिलाओं को बेसब्री से इंतजार है। उन्हें इस बार कई तरह के बदलाव व सुधार की उम्मीद है। इस दौरान युवाओं ने शिक्षा व रोजगार में सुधार होने की उम्मीद जताई। वहीं अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों ने आगामी केंद्रीय बजट को अर्थशास्त्री की पैनी नजर से भी देख रहे हैं। बजट पर अमर उजाला संवाद में युवाओं व महिलाओं ने अपने विचार साझा किए।
विद्यार्थियों ने पिछले बजट में की गई घोषणाओं पर भी सवाल खड़े किए। इसके साथ ही महिलाओं का कहना है कि देश में शीर्ष पर पहुंच चुकी महंगाई पर अंकुश लगे, रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं आम लगों के बजट से बाहर होती जा रही हैं, इसमें भी राहत हो। वहीं उम्मीद जताई कि बजट सुकून देने वाला हो।
विज्ञापन
गृहिणी पूनम सैनी का कहना है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में सुधार होना चाहिए। वर्तमान में खाद्य पदार्थों की वजह से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। एक लीटर सरसों का तेल 170 से 180 रुपये में मिल रहा है, जबकि इसकी कीमत 100 रुपये से भी कम होनी चाहिए।
विज्ञापन
गृहिणी वर्तिका का कहना है कि सामान्य सुख सुविधाओं की वस्तुएं हर बजट में महंगी कर दी जाती हैं। इनमें फ्रिज, कूलर, एसी, कपड़े व खाने-पीने की अन्य वस्तुएं शामिल हैं। वहीं उनका कहना है कि आगामी बजट में इन वस्तुओं के दाम न बढ़ाए जाएं।
पूर्णिमा कौशिक का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण देश की अर्थव्यवस्था काफी पिछड़ी हुई है। वहीं एक फरवरी को जारी होने वाले केंद्रीय बजट में उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में सुधार हो ताकि देश की जीडीपी दोबारा पटरी पर आ सके।
युवा पिंटू सिंगला का कहना है कि आने वाले बजट में युवाओं को नए अवसरों की आशा है। पिछले बजट में 35 हजार 219 करोड़ रुपये पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए खर्च करने की बात कही गई थी। अभी तक बहुत से विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप वितरित नहीं की गई।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एमए व्यावसायिक अर्थशास्त्र के छात्र नवीन का कहना है कि आगामी बजट में शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च की जाने वाली राशि में बढ़ोतरी की जाए। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजन किए जाएं।
युवा अनिल चौहान का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सुधार किया जाना चाहिए। बजट के माध्यम से शिक्षा नीति को और बेहतर किया जा सकता है। हर क्षेत्र में रोजगार के नवीन आयाम स्थापित किए जा सकते हैं। बजट में पता चलेगा कि किस क्षेत्र का क्या फायदा होने वाला है।