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विश्व साइकिल दिवस आज : अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता हिमांशी ने बढ़ाया धर्मनगरी का मान, युवतियों के लिए बनी प्रेरणा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jun 2025 02:02 AM IST
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World Bicycle Day today: International medal winner Himanshi increased the pride of Dharamnagari, became an inspiration for young women
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता हिमांशी ने न केवल अपने शहर बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। सेक्टर चार निवासी हिमांशी ने अगस्त 2023 में थाईलैंड में आयोजित थाईलैंड ट्रैक एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए चार पदक अपने नाम किए। उन्होंने एक स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर साइक्लिंग के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी।
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हिमांशी वर्तमान में इंडिया कैंप में अभ्यास कर रही हैं और भविष्य में देश को ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर गौरवान्वित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। उनका कहना है कि मेरा सपना है कि मैं एक प्रतिष्ठित साइकिलिस्ट बनकर देश का नाम ऊंचा करूं। इस सफर में मेरे कोच और माता-पिता का अहम योगदान रहा है। हिमांशी अब तक राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पदक हासिल कर चुकी हैं।
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हिमांशी पंजाब विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई कर रही हैं और खेल व पढ़ाई दोनों में संतुलन बनाकर आगे बढ़ रही हैं। उनके कोच पंजाब सिंह ने बताया कि हिमांशी एक मेहनती खिलाड़ी है जो प्रतिदिन घंटों अभ्यास करती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि हिमांशी आने वाले समय में न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत देश का मान बढ़ाएगी। हिमांशी की सफलता उन युवतियों के लिए प्रेरणा है जो खेलों में कॅरिअर बनाने की सोचतीं हैं।
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वरिष्ठजनों में साइकिल चलाने का बढ़ रहा क्रेज
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और द्रोणाचार्य स्टेडियम में सुबह-शाम खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की चहलकदमी रहती है। जहां एक ओर युवा वर्ग की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम नजर आती है, वहीं उम्रदराज और वरिष्ठजन फिटनेस के प्रति अधिक जागरूक दिखाई देते हैं। खासकर साइकिल चलाने के प्रति उनका जुनून देखते ही बनता है।

प्रतिदिन बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक सुबह-सवेरे अपनी साइकिलों के साथ यहां पहुंचते हैं और नियमित रूप से साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाते हैं। ये नजारा यह दर्शाता है कि भले ही उम्र बढ़ रही हो, लेकिन फिट रहने की चाह में वे किसी से पीछे नहीं हैं। जहां युवाओं का रुझान जिम और डिजिटल माध्यमों की ओर ज्यादा है, वहीं बुजुर्ग वर्ग प्रकृति के सान्निध्य में रहकर साइक्लिंग जैसे पारंपरिक और कारगर उपायों को प्राथमिकता दे रहा है। वरिष्ठजनों में इसका बढ़ता क्रेज न केवल उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।




साइकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक
एलएनजेपी जिला नागरिक अस्पताल के हृदय- छाती थायराइड रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली का कहना है कि साइकिल चलाना हृदय, फेफड़ों और जोड़ों के लिए लाभदायक है। इसे नियमित रूप से चलाने से दिल का दौरा, मोटापा, गठिया और मधुमेह जैसी बीमारियों से बचाव में मदद मिल सकती है। यह स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है।
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