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बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करना चुनौतीपूर्ण : शास्त्री
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कुरुक्षेत्र। हड़ताल पर बैठे फायर कर्मियों को संबोधित करते प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। मांगों के संबंध में धरने पर बैठे दमकल कर्मियों को समर्थन देने शुक्रवार को सर्व कर्मचारी संघ और नगर पालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारी पहुंचे। उन्होंने आवाज उठाई कि सरकार को हठ छोड़कर फायर कर्मियों की समस्या सुननी चाहिए और मांगों का समाधान निकाले।
प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि सरकार को दमकल कर्मियों की हड़ताल समाप्त करने के लिए समाधान का रास्ता निकालना चाहिए। आग लगने की बढ़ती घटनाओं से जान-माल का खतरा है। उन्होंने नगर पालिका कर्मचारी संघ के आंदोलन को मजबूत करने के लिए अभियान भी चलाया। इसके तहत जिंदल पार्क में सफाई कर्मियों एवं टिपर चालकों और फायर कर्मचारियों की सभाओं को संबोधित किया। शास्त्री ने आरोप लगाया कि सरकार यदि फायर कर्मचारी को सुरक्षा उपकरण देती तो रणवीर और भवीचंद शर्मा को जान नहीं गवानी पड़ती। कर्मचारियों से आह्वान किया कि वह जनता से हड़ताल पर जाने का करण स्पष्ट करें। बताया जाए कि बिना सुरक्षा उपकरण और कच्ची नौकरी, कम वेतन, कर्मचारियों के लिए कमजोर नियम बनाए गए हैं। बिना सुरक्षा उपकरणों के ठेकेदारी में लगे सीवर कर्मचारी, बिजली कर्मी और फायर कर्मी आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
सरकार कर्मियों के परिवार को भूखा मरने के लिए छोड़ देती है। इसलिए फायर कर्मियों को हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ा। शास्त्री ने कहा कि नपा कर्मचारी संघ ने 1-2 मई को राज्य में हड़ताल करने का एलान किया है। कर्मचारी अब 27-28 मई को प्रदेश के सभी 11 नगर निगम, 22 नगर परिषद और 59 नगर पालिकाओं में कार्मिक भूख हड़ताल करेंगे।
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प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि सरकार को दमकल कर्मियों की हड़ताल समाप्त करने के लिए समाधान का रास्ता निकालना चाहिए। आग लगने की बढ़ती घटनाओं से जान-माल का खतरा है। उन्होंने नगर पालिका कर्मचारी संघ के आंदोलन को मजबूत करने के लिए अभियान भी चलाया। इसके तहत जिंदल पार्क में सफाई कर्मियों एवं टिपर चालकों और फायर कर्मचारियों की सभाओं को संबोधित किया। शास्त्री ने आरोप लगाया कि सरकार यदि फायर कर्मचारी को सुरक्षा उपकरण देती तो रणवीर और भवीचंद शर्मा को जान नहीं गवानी पड़ती। कर्मचारियों से आह्वान किया कि वह जनता से हड़ताल पर जाने का करण स्पष्ट करें। बताया जाए कि बिना सुरक्षा उपकरण और कच्ची नौकरी, कम वेतन, कर्मचारियों के लिए कमजोर नियम बनाए गए हैं। बिना सुरक्षा उपकरणों के ठेकेदारी में लगे सीवर कर्मचारी, बिजली कर्मी और फायर कर्मी आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
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सरकार कर्मियों के परिवार को भूखा मरने के लिए छोड़ देती है। इसलिए फायर कर्मियों को हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ा। शास्त्री ने कहा कि नपा कर्मचारी संघ ने 1-2 मई को राज्य में हड़ताल करने का एलान किया है। कर्मचारी अब 27-28 मई को प्रदेश के सभी 11 नगर निगम, 22 नगर परिषद और 59 नगर पालिकाओं में कार्मिक भूख हड़ताल करेंगे।

कुरुक्षेत्र। हड़ताल पर बैठे फायर कर्मियों को संबोधित करते प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री। स्वयं
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