{"_id":"693f16e479a2973bf90e66c3","slug":"white-horse-noorbaksh-became-the-center-of-attraction-in-the-cattle-fair-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-146953-2025-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: पशु मेले में सफेद रंग का घोड़ा नूरबक्श बना आकर्षण का केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: पशु मेले में सफेद रंग का घोड़ा नूरबक्श बना आकर्षण का केंद्र
विज्ञापन
पिहोवा। पशु मेले में पहुंचा घोड़ा नूरबक्श। विज्ञप्ति
पिहोवा। पशु मेले के दूसरे दिन सफेद रंग का घोड़ा नूरबक्श आकर्षण का केंद्र बना रहा जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। नूरबक्श की कीमत लाखों रुपये लग चुकी है लेकिन मालिक ने इसे बेचने से मना कर दिया।
नूरबक्श के मालिक ने बताया कि उसके घोड़े की कीमत 25 लाख रुपये लग चुकी है लेकिन वे इसे किसी भी कीमत पर नहीं बेचेंगे। क्योंकि उन्होंने इसे अपने बच्चों की तरह पाला है। ये उनके घर का सदस्य है। गांव खेड़ी शीशगरां के रहने वाले नूरबक्श के मालिक ने बताया कि नूरबक्श 44 महीने का चार दांत का बच्चा है जिसके क्राॅस ब्रीड से 19 बच्चे हैं।
मेले में आए एक अन्य किसान ने बताया कि वे भी घोड़े रखते हैं, जिन्हें अच्छी खासी खुराक दी जाती है। जानवरों को भी बच्चों की तरह पाला जाता है तभी उनके साथ लगाव बढ़ता है। मेले में हरियाणा, पंजाब, उतर प्रदेश व राजस्थान से किसान अपने पशुओं को लेकर पहुंचे हुए हैं। मेले के लिए महिलाओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। कई महिला पशु पालक भी अपने पशुओं को लेकर यहां पहुंची हैं। मेले में विभिन्न प्रकार के ट्रैक्टरों ट्रॉलियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। लोगों की भीड़ किसानों से जुड़े सामान की स्टॉलों पर लगी हुई हैं। मेले में कृषि कार्यों से जुड़े आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भिन्न भिन्न नस्लों की भैंसों व गायों के दूध उत्पादन की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें ज्यादा दूध देने वाली गायों व भैंसों को पुरस्कृत किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
नूरबक्श के मालिक ने बताया कि उसके घोड़े की कीमत 25 लाख रुपये लग चुकी है लेकिन वे इसे किसी भी कीमत पर नहीं बेचेंगे। क्योंकि उन्होंने इसे अपने बच्चों की तरह पाला है। ये उनके घर का सदस्य है। गांव खेड़ी शीशगरां के रहने वाले नूरबक्श के मालिक ने बताया कि नूरबक्श 44 महीने का चार दांत का बच्चा है जिसके क्राॅस ब्रीड से 19 बच्चे हैं।
विज्ञापन
मेले में आए एक अन्य किसान ने बताया कि वे भी घोड़े रखते हैं, जिन्हें अच्छी खासी खुराक दी जाती है। जानवरों को भी बच्चों की तरह पाला जाता है तभी उनके साथ लगाव बढ़ता है। मेले में हरियाणा, पंजाब, उतर प्रदेश व राजस्थान से किसान अपने पशुओं को लेकर पहुंचे हुए हैं। मेले के लिए महिलाओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। कई महिला पशु पालक भी अपने पशुओं को लेकर यहां पहुंची हैं। मेले में विभिन्न प्रकार के ट्रैक्टरों ट्रॉलियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। लोगों की भीड़ किसानों से जुड़े सामान की स्टॉलों पर लगी हुई हैं। मेले में कृषि कार्यों से जुड़े आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भिन्न भिन्न नस्लों की भैंसों व गायों के दूध उत्पादन की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें ज्यादा दूध देने वाली गायों व भैंसों को पुरस्कृत किया गया।
विज्ञापन