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Kurukshetra News: मौसम का बिगड़ा मिजाज, बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की धड़कनें
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कुरुक्षेत्र। हल्की बूंदाबांदी के बीच सड़क से गुजरते राहगीर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। आखिरकार मौसम का मिजाज बिगड़ ही गया। वीरवार को 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के साथ तेज हवा चली। इस बीच हल्की बारिश शुरू हो गई। कुछ देर तक बारिश होने के बाद बूंदाबांदी में बदल गई जो करीब दोपहर बाद तक जारी रही।
उधर मौसम के बिगड़े मिजाज को देखकर किसानों में चिंता दिखाई दी। वहीं मौसम विभाग के विशेषज्ञों की माने तो यह परिवर्तन अगले दो दिनों तक जारी रहेगा।
वीरवार को कभी हल्की बारिश तो कभी बूंदाबांदी होती रही। जिले में औसतन सात एमएम बारिश दर्ज की गई। देर रात तक तेज बारिश की संभावना बनी रही। शुक्रवार को भी बूंदाबांदी व हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है जबकि अगले दिन शनिवार को भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश के मौसम के साथ ही 10 किलोमीटर घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने फिर से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज कराई। वीरवार को अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस तक रहा। वहीं शुक्रवार के दिन भी बारिश होने की संभावना जताई गई है। उधर माना जा रहा है कि बारिश से सरसों, आलू की फसल पर विपरीत असर पड़ेगा। अधिक बारिश से फसल खराब हो सकती है।
तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई तो फसल में नुकसान संभव : वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ.कर्मचंद का कहना है कि फिलहाल कई क्षेत्रों में हल्की बारिश व बूंदाबांदी ही हुई है। जिसका गेहूं की फसल में बड़ा फायदा होगा। इस समय अधिकतर फसल अनाज ले चुकी है और ऐसे में फिलहाल ठंडक की जरूरत है। अब मौसम में बदलाव हुआ तो ठंडक से फसल अच्छी होगी लेकिन यह भी स्पष्ट है कि यदि तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई तो फसल में नुकसान से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
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किसान बोले, बारिश के मौसम में बनी ठंड का होगा फायदा ःकिसान बलदेव शर्मा जलबेहडा, प्रदीप, मनदीप, राजेश, सोहन, कृष्ण चंद आदि ने बताया कि हल्की बूंदाबांदी से गेहूं की फसल में काफी फायदा होगा। किसानों ने कहा कि इस समय गेहूं की फसल निसारे पर है। ऐसे में गेहूं के पौधे को उचित नमी की जरूरत होती है। हल्की बारिश से गेहूं के पौधों को नमी की जरूरत पूरी हो चुकी है। जिससे अच्छी पैदावार होने की उम्मीद बन चुकी है।
मौसम परिवर्तन के दौरान खानपान का रखें विशेष ध्यान : जिला नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र ममगाईं का कहना है कि इस समय मौसम लगातार परिवर्तित हो रहा। इसके चलते कभी तापमान में बढ़ोतरी होती है तो कभी गिरावट देखने को मिलती है। इसी कारण आए दिन अस्पताल में पेट से संबंधित व खांसी, जुकाम, वायरल आदि बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखने के मिल रहा है। उन्होंने कहा इसलिए सभी को मौसम परिवर्तन के दौरान अपने खानपान का विशेष ध्यान देने चाहिए व बाहर की बनीं खाद्य पदार्थों से परहेज करें। खाने में स्वच्छ व साधा भोजन ही लें।
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कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। आखिरकार मौसम का मिजाज बिगड़ ही गया। वीरवार को 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के साथ तेज हवा चली। इस बीच हल्की बारिश शुरू हो गई। कुछ देर तक बारिश होने के बाद बूंदाबांदी में बदल गई जो करीब दोपहर बाद तक जारी रही।
उधर मौसम के बिगड़े मिजाज को देखकर किसानों में चिंता दिखाई दी। वहीं मौसम विभाग के विशेषज्ञों की माने तो यह परिवर्तन अगले दो दिनों तक जारी रहेगा।
वीरवार को कभी हल्की बारिश तो कभी बूंदाबांदी होती रही। जिले में औसतन सात एमएम बारिश दर्ज की गई। देर रात तक तेज बारिश की संभावना बनी रही। शुक्रवार को भी बूंदाबांदी व हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है जबकि अगले दिन शनिवार को भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश के मौसम के साथ ही 10 किलोमीटर घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने फिर से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज कराई। वीरवार को अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस तक रहा। वहीं शुक्रवार के दिन भी बारिश होने की संभावना जताई गई है। उधर माना जा रहा है कि बारिश से सरसों, आलू की फसल पर विपरीत असर पड़ेगा। अधिक बारिश से फसल खराब हो सकती है।
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तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई तो फसल में नुकसान संभव : वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ.कर्मचंद का कहना है कि फिलहाल कई क्षेत्रों में हल्की बारिश व बूंदाबांदी ही हुई है। जिसका गेहूं की फसल में बड़ा फायदा होगा। इस समय अधिकतर फसल अनाज ले चुकी है और ऐसे में फिलहाल ठंडक की जरूरत है। अब मौसम में बदलाव हुआ तो ठंडक से फसल अच्छी होगी लेकिन यह भी स्पष्ट है कि यदि तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई तो फसल में नुकसान से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
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किसान बोले, बारिश के मौसम में बनी ठंड का होगा फायदा ःकिसान बलदेव शर्मा जलबेहडा, प्रदीप, मनदीप, राजेश, सोहन, कृष्ण चंद आदि ने बताया कि हल्की बूंदाबांदी से गेहूं की फसल में काफी फायदा होगा। किसानों ने कहा कि इस समय गेहूं की फसल निसारे पर है। ऐसे में गेहूं के पौधे को उचित नमी की जरूरत होती है। हल्की बारिश से गेहूं के पौधों को नमी की जरूरत पूरी हो चुकी है। जिससे अच्छी पैदावार होने की उम्मीद बन चुकी है।
मौसम परिवर्तन के दौरान खानपान का रखें विशेष ध्यान : जिला नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र ममगाईं का कहना है कि इस समय मौसम लगातार परिवर्तित हो रहा। इसके चलते कभी तापमान में बढ़ोतरी होती है तो कभी गिरावट देखने को मिलती है। इसी कारण आए दिन अस्पताल में पेट से संबंधित व खांसी, जुकाम, वायरल आदि बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखने के मिल रहा है। उन्होंने कहा इसलिए सभी को मौसम परिवर्तन के दौरान अपने खानपान का विशेष ध्यान देने चाहिए व बाहर की बनीं खाद्य पदार्थों से परहेज करें। खाने में स्वच्छ व साधा भोजन ही लें।

कुरुक्षेत्र। हल्की बूंदाबांदी के बीच सड़क से गुजरते राहगीर। संवाद

कुरुक्षेत्र। हल्की बूंदाबांदी के बीच सड़क से गुजरते राहगीर। संवाद