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भीषण गर्मी से मिली राहत, बारिश होने के बाद किसानों ने तेजी से शुरू किया धान रोपाई का कार्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jul 2021 12:09 AM IST
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लंबे समय से बारिश की बाट जोह रहे आखिर किसानों का इंतजार खत्म हो गया है। सोमवार देर शाम से मंगलवार दोपहर तक रुक-रुक कर बारिश हुई। पिछले लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे लोगों और किसानों ने राहत की सांस ली। हालांकि कई जगह गलियों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति दिखाई दी। गंदे पानी के नालों की सफाई न होने के कारण थानेसर बाजार सहित कई जगह पानी का भराव हो गया। इसकी वजह से दुकानदारों और ग्राहकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। बारिश के बाद किसानों ने भी धान रोपाई का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को जिले भर में 10 एमएम बारिश हुई। मौसम विभाग द्वारा 24 जुलाई तक लगातार बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। सोमवार देर शाम से शुरू हुुई बारिश के बाद तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बता दें कि पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और बारिश न होने के कारण धान रोपाई का कार्य धीमा पड़ गया था। वहीं रोपाई हो चुकी धान सूखने लगी थी। किसानों को चिंता सता रही थी, लेकिन गनीमत रही की सोमवार से मानसून ने दस्तक दी और किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने के कारण मंगलवार को मारकंडा नदी में भी पानी आ गया है। सिंचाई विभाग के अनुसार मारकंडा नदी में मंगलवार सुबह 4141 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। किसानों का कहना है मारकंडा नदी के नजदीक खेत पड़ने वाले किसानों को इससे काफी मदद मिलेगी। नदी में पानी आने से धान रोपाई के कार्य जल्द से जल्द पूरा होगा वहीं रोपाई की गई धान में भी नदी का पानी इस्तेमाल से काफी लाभ मिलेगा। मारकंडा नदी का पानी खेतों में इस्तेमाल होने से भूजल का भी बचाव होगा। कृषि विभाग के एडीओ प्रवीन कुमार ने बताया कि क्षेत्र में सोमवार देर सायं व मंगलवार सुबह मानसून की अच्छी बारिश होने से धान की फसल को काफी फायदा मिलेगा। बारिश न होने से धान की फसल सूखने लगी थी और रोपाई का कार्य भी काफी प्रभावित हुआ। कहा कि समय पर अच्छी बारिश होने से रोपाई की गई धान को नाइट्रोजन मिलेगी जिससे धान का पौधा अधिक फुटाव करेगा।
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