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ब्रह्मसरोवर और सन्निहित सरोवर पर पानी का संकट
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मसरोवर व महाभारत कालीन सन्निहित सरोवर पर पीने के पानी का संकट है। रोजाना हजारों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को केडीबी (कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड) की ओर से पीने का पानी तक मुहैया नहीं कराया जा रहा है। पर्यटकों को प्यास बुझाने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है।
तीर्थों के आसपास टोंटियां जरूर लगी हुई हैं, लेकिन इनमें पानी की एक बूंद तक नहीं है। वहीं कुछ एक टोंटी में यदि पानी आ भी रहा है तो वहां गंदगी का आलम ऐसा है कि कोई प्यासा रहना ही बेहतर समझे। पर्यटकों को दुकानों से 20-20 रुपये में पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। गर्मी का सीजन शुरू हो चुका है, ऐसे में स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर हो चली है।
सन्निहित सरोवर पर दो वाटर कूलर लगे हुए थे, जिनमें से एक के नीचे तो एक व्यक्ति लघुशंका करता नजर आया। ऐसी हालत में कोई पर्यटक भला कैसे वहां का पानी पी सकता है। ब्रह्मसरोवर की हालत इससे भी ज्यादा खराब मिली। यहां आसपास 20 से ज्यादा जगह पीने के पानी के लिए टोंटिया लगी हैं, लेकिन पानी सिर्फ पांच छह में ही आता है। कुछ टोंटियां ही गायब हो चुकी हैं।
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वाटर कूलरों की नहीं हुई सफाई : रमाकांत
पुरोहित रमाकांत ने कहा कि गर्मी का सीजन आ चुका है, लेकिन अभी तक केडीबी द्वारा सन्निहित सरोवर पर लगे वाटर कूलरों की सफाई तक नहीं कराई गई। खोलकर देखेंगे तो इनकी टंकी में काई जमी मिलेगी। ऐसी लापरवाही तो पर्यटकों को बीमार कर देगी।
एक कूलर को केडीबी वाले ले गए : सुखदेव
पुरोहित सुखदेव गौतम ने कहा कि सन्निहित सरोवर पर तीन वाटर कूलर लगे हुए थे, जिनमें से एक को तो केडीबी वाले उठाकर ले गए। वहीं बचे हुए वाटर कूलर के आसपास गंदगी फैली हुई है। पर्यटकों को मजबूरन दुकान से पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
यूपी से जो पानी लाए थे, वही पी रहे हैं : रमेश
यूपी के अलीगढ़ से आए रमेश ने बताया कि वे श्रद्धालुओं से भरी बस में रास्ते के लिए पानी के कैंपर लेकर चले थे। अर्जुन चौक के समीप उनकी बसें खड़ी हैं, वहीं पर दोपहर का भोजन पकाना बनाना है, लेकिन ब्रह्मसरोवर के आसपास पानी नहीं मिल रहा है।
टोंटियों में पानी की बूंद तक नहीं : गोपाल
गोपाल ने बताया कि वह भी अलीगढ़ से आया है। खाना खाने के बाद प्यास लगी तो बोतल लेकर पानी की तलाश कर रहा हूं, लेकिन आसपास लगी सभी टोंटियों में पानी की बूंद तक नहीं है। दूसरी जगह आए पर्यटकों के कैंपर से पानी लेकर प्यास बुझाई है।
लगवाए जाएंगे वाटर कूलर : अनुभव
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ अनुभव मेहता ने कहा कि सन्निहित सरोवर पर आरती स्थल और ब्रह्मसरोवर के पास एक कमरा बनाकर दो-दो वाटर कूलर लगाए गए थे। इसके अलावा यदि और कहीं भी वाटर कूलर की आवश्यकता होगी वहां भी लगवा दिए जाएंगे। पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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कुरुक्षेत्र। विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मसरोवर व महाभारत कालीन सन्निहित सरोवर पर पीने के पानी का संकट है। रोजाना हजारों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को केडीबी (कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड) की ओर से पीने का पानी तक मुहैया नहीं कराया जा रहा है। पर्यटकों को प्यास बुझाने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है।
तीर्थों के आसपास टोंटियां जरूर लगी हुई हैं, लेकिन इनमें पानी की एक बूंद तक नहीं है। वहीं कुछ एक टोंटी में यदि पानी आ भी रहा है तो वहां गंदगी का आलम ऐसा है कि कोई प्यासा रहना ही बेहतर समझे। पर्यटकों को दुकानों से 20-20 रुपये में पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। गर्मी का सीजन शुरू हो चुका है, ऐसे में स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर हो चली है।
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सन्निहित सरोवर पर दो वाटर कूलर लगे हुए थे, जिनमें से एक के नीचे तो एक व्यक्ति लघुशंका करता नजर आया। ऐसी हालत में कोई पर्यटक भला कैसे वहां का पानी पी सकता है। ब्रह्मसरोवर की हालत इससे भी ज्यादा खराब मिली। यहां आसपास 20 से ज्यादा जगह पीने के पानी के लिए टोंटिया लगी हैं, लेकिन पानी सिर्फ पांच छह में ही आता है। कुछ टोंटियां ही गायब हो चुकी हैं।
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वाटर कूलरों की नहीं हुई सफाई : रमाकांत
पुरोहित रमाकांत ने कहा कि गर्मी का सीजन आ चुका है, लेकिन अभी तक केडीबी द्वारा सन्निहित सरोवर पर लगे वाटर कूलरों की सफाई तक नहीं कराई गई। खोलकर देखेंगे तो इनकी टंकी में काई जमी मिलेगी। ऐसी लापरवाही तो पर्यटकों को बीमार कर देगी।
एक कूलर को केडीबी वाले ले गए : सुखदेव
पुरोहित सुखदेव गौतम ने कहा कि सन्निहित सरोवर पर तीन वाटर कूलर लगे हुए थे, जिनमें से एक को तो केडीबी वाले उठाकर ले गए। वहीं बचे हुए वाटर कूलर के आसपास गंदगी फैली हुई है। पर्यटकों को मजबूरन दुकान से पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
यूपी से जो पानी लाए थे, वही पी रहे हैं : रमेश
यूपी के अलीगढ़ से आए रमेश ने बताया कि वे श्रद्धालुओं से भरी बस में रास्ते के लिए पानी के कैंपर लेकर चले थे। अर्जुन चौक के समीप उनकी बसें खड़ी हैं, वहीं पर दोपहर का भोजन पकाना बनाना है, लेकिन ब्रह्मसरोवर के आसपास पानी नहीं मिल रहा है।
टोंटियों में पानी की बूंद तक नहीं : गोपाल
गोपाल ने बताया कि वह भी अलीगढ़ से आया है। खाना खाने के बाद प्यास लगी तो बोतल लेकर पानी की तलाश कर रहा हूं, लेकिन आसपास लगी सभी टोंटियों में पानी की बूंद तक नहीं है। दूसरी जगह आए पर्यटकों के कैंपर से पानी लेकर प्यास बुझाई है।
लगवाए जाएंगे वाटर कूलर : अनुभव
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ अनुभव मेहता ने कहा कि सन्निहित सरोवर पर आरती स्थल और ब्रह्मसरोवर के पास एक कमरा बनाकर दो-दो वाटर कूलर लगाए गए थे। इसके अलावा यदि और कहीं भी वाटर कूलर की आवश्यकता होगी वहां भी लगवा दिए जाएंगे। पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

सन्निहित सरोवर पर लगे वाटर कूलर के पास लघुशंका करता व्यक्ति। संवाद- फोटो : Kurukshetra

सन्निहित सरोवर के पर लगे वाटर कूलर में जमी काई। संवाद- फोटो : Kurukshetra