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वार्डबंदी : 32 वार्डों में बंटी धर्मनगरी
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में आठ साल सात माह बाद नगर पार्षदों के चुनाव की तैयारी हो गई है, जिसके लिए नगर परिषद पिछले करीब दो साल से जुटी है।
चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होने की संभावना है, जिसके चलते नगर परिषद ने वार्डबंदी कार्य पूरा कर लिया है। चुनाव अब 31 की जगह 32 वार्डों में होंगे।
पिपली, अंसल सिटी, सुशांत सिटी व उमरी रोड सहित कई अन्य एरिया नगर परिषद सीमा में आने के बाद वार्डबंदी में बदलाव किया गया है। करीब डेढ़ साल की कड़ी मेहनत के बाद वार्डबंदी को अंतिम रूप दिया जा सका, जो विभागीय साइट पर जारी कर दी गई है।
नई वार्डबंदी से जहां कई पुराने वार्डों के नंबर बदल गए हैं तो कई के एरिया में बदलाव हुआ है। इससे चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को इस बार कड़ा पसीना बहाना पड़ेगा। नई वार्डबंदी होते ही न केवल चुनावी सुगबुगाहट शुरू हो गई है बल्कि चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों ने अपने-अपने वार्ड में लोगों के बीच आवाजाही भी शुरू कर दी है। उधर नगर परिषद एमई संदीप कुमार का कहना है कि नई वार्डबंदी को अंतिम रूप देकर इसे सरकार की ओर से सार्वजनिक कर दिया गया है।
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1995 में पहले चेयरमैन बने थे सुभाष सुधा : थानेसर नगर परिषद 1995 में बनी थी, जिसमें पहले चेयरमैन सुभाष सुधा बने थे। माना जा रहा है कि उनके राजनीतिक कॅरिअर में यहीं से बड़ा उछाल मिला था। इसके बाद वर्ष 2000 में कांता आलड़िया बनी तो वर्ष 2005, 2011 व 2016 में उमा सुधा चेयरमैन बनी थी। निवर्तमान चेयरमैन उमा सुधा का कार्यकाल 25 मई 2021 को खत्म हो गया था। इसके बाद चुनाव तीन साल सात माह से आज तक अटके हुए हैं। इस बार भी नप चेयरमैन जनरल श्रेणी में महिला ही बननी है, जिसके लिए विधानसभा चुनाव से पहले ही ड्रा हो चुका है तो अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है।
एससी, बीसी व ओबीसी आरक्षित वार्ड जल्द होंगे घोषित : सरकार ने शहर में एएसी, बीसी व ओबीसी आरक्षित वार्ड जल्द घोषित करने की भी तैयारी कर ली है। नगर परिषद से वार्ड अनुसार इन वर्ग के लोगों की संख्या का ब्योरा मंगलवा लिया है।
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चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होने की संभावना है, जिसके चलते नगर परिषद ने वार्डबंदी कार्य पूरा कर लिया है। चुनाव अब 31 की जगह 32 वार्डों में होंगे।
पिपली, अंसल सिटी, सुशांत सिटी व उमरी रोड सहित कई अन्य एरिया नगर परिषद सीमा में आने के बाद वार्डबंदी में बदलाव किया गया है। करीब डेढ़ साल की कड़ी मेहनत के बाद वार्डबंदी को अंतिम रूप दिया जा सका, जो विभागीय साइट पर जारी कर दी गई है।
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नई वार्डबंदी से जहां कई पुराने वार्डों के नंबर बदल गए हैं तो कई के एरिया में बदलाव हुआ है। इससे चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को इस बार कड़ा पसीना बहाना पड़ेगा। नई वार्डबंदी होते ही न केवल चुनावी सुगबुगाहट शुरू हो गई है बल्कि चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों ने अपने-अपने वार्ड में लोगों के बीच आवाजाही भी शुरू कर दी है। उधर नगर परिषद एमई संदीप कुमार का कहना है कि नई वार्डबंदी को अंतिम रूप देकर इसे सरकार की ओर से सार्वजनिक कर दिया गया है।
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1995 में पहले चेयरमैन बने थे सुभाष सुधा : थानेसर नगर परिषद 1995 में बनी थी, जिसमें पहले चेयरमैन सुभाष सुधा बने थे। माना जा रहा है कि उनके राजनीतिक कॅरिअर में यहीं से बड़ा उछाल मिला था। इसके बाद वर्ष 2000 में कांता आलड़िया बनी तो वर्ष 2005, 2011 व 2016 में उमा सुधा चेयरमैन बनी थी। निवर्तमान चेयरमैन उमा सुधा का कार्यकाल 25 मई 2021 को खत्म हो गया था। इसके बाद चुनाव तीन साल सात माह से आज तक अटके हुए हैं। इस बार भी नप चेयरमैन जनरल श्रेणी में महिला ही बननी है, जिसके लिए विधानसभा चुनाव से पहले ही ड्रा हो चुका है तो अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है।
एससी, बीसी व ओबीसी आरक्षित वार्ड जल्द होंगे घोषित : सरकार ने शहर में एएसी, बीसी व ओबीसी आरक्षित वार्ड जल्द घोषित करने की भी तैयारी कर ली है। नगर परिषद से वार्ड अनुसार इन वर्ग के लोगों की संख्या का ब्योरा मंगलवा लिया है।