फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Violation of rights regarding religious symbols is not acceptable: Jhinda

धार्मिक चिह्नों को लेकर मिले अधिकारों का हनन नहीं स्वीकार : झींडा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Aug 2025 01:22 AM IST
विज्ञापन
Violation of rights regarding religious symbols is not acceptable: Jhinda
कुरुक्षेत्र। जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा। - फोटो : निर्माणाधीन बैडमिंटन हॉल।
कुरुक्षेत्र। धार्मिक चिह्न पहनने के लिए मिले अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने धार्मिक चिह्न पहनने के अधिकारों का अनुपालन करवाने का बीड़ा उठाया है। इसके चलते गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी पत्र लिखे हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान की धारा 25 के अनुच्छेद एक में सभी धर्मों को अपने-अपने धार्मिक चिह्न पहनने का अधिकार मिला है। इस धारा के तहत लोग धार्मिक चिह्न पहनने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र हैं और किसी के पास भी इन्हें शरीर से अलग करने या इनकी बेअदबी करने का कोई अधिकार नहीं है।
विज्ञापन

झींडा ने कहा कि मुसलमान वर्ग से संबंधित महिलाएं बुर्का पहन कर परीक्षा देने के साथ-साथ हवाई जहाज में सवार हो सकती हैं और इसाई वर्ग से संंबंधित लोग गले में पहने धार्मिक चिह्न समेत कहीं भी जा सकते हैं जबकि हिंदू वर्ग से संबंधित लोग अपना धार्मिक चिह्न जनेउ डाल कर प्रतियोगी परीक्षा दे सकते हैं और हवाई जहाज पर सफर भी कर सकते हैं। मगर सिखों के धार्मिक चिह्नों काे टारगेट किया जाना सही नहीं हो सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

संविधान की धारा 25 के तहत अमृतधारी सिख पांच ककार (केश, कंघा, कड़ा, किरपाण व कशहरा) पहन कर कहीं भी जा सकता है। किसी के पास भी इन्हें गुरसिख के शरीर से अलग करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म को छोड़ कर बाकी किसी भी धर्म के धार्मिक चिह्नों पर अटैक नहीं किया गया। चाहे प्रतियोगी परीक्षा देने की बात आए, चाहे हवाई जहाज का सफर करने का मसला, हर बार अमृतधारी सिखों के धार्मिक चिह्नों का निशाना बनाया जाता है।


झींडा ने कहा कि यूएनओ की ओर से भी भारतीय संविधान की धारा 25 के तहत धार्मिक चिह्नों को मिले अधिकारों के बारे में कहा गया है कि कोई भी धार्मिक चिह्नों पर टारगेट नहीं कर सकता। ऐसा करने पर जेल भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि वे कमेटी की ओर से यूएनओ से भी इस बारे में अपील करते हैं कि धार्मिक चिह्न पहनने के अधिकारों की रक्षा करने के लिए जरूरी कदम उठाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed