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Kurukshetra News: विजय गिरी बने जूना अखाड़े के महंत
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। श्री 1008 सिद्ध बाबा गुलाब गिरी सरभंगी की गद्दियों पर पीठासीन महंत भल्ले गिरी के शिष्य महंत विजय गिरी को जूना अखाड़े में महंत के पद पर नियुक्त किया गया है। जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरी की अध्यक्षता में जूना अखाड़ा बड़ा हनुमान मंदिर काशी में हुई बैठक में महंत विजय गिरी को महंत की जिम्मेदारी संत महात्माओं ने सौंपी।
उनके साथ अष्ट कौशल महंत अजय गिरी, कोठारी योगेश गिरी, पुजारी महेश गिरी, कारोबारी मृत्युंजय गिरी, भंडारी शहंशाह गिरी, कोतवाल तरुण गिरी को 13 मढ़ी से चुना गया। गांव हेलवा के पूर्व सरपंच कर्मबीर सिंह ने बताया कि डेरा बाबा गुलाब गिरी के तहत गांव रिंडाणा सोनीपत, हेलवा, जयसिंहपुर करनाल, पिनाना और कासंडा सोनीपत के डेरों की सेवा का संचालन श्री 1008 महंत भल्ले गिरी की देखरेख में किया जाता है।
उन्होंने बताया कि रमता पंच नियुक्त होकर लौटने पर महंत विजय गिरी का गांव हेलवा में अभिनंदन किया जाएगा। हेलवा में बाबा गुलाब गिरी की सिद्ध समाधि है। जिस पर हर सप्ताह को मेला लगता है। पशुधन में वृद्धि और सुख समृद्धि की कामना को लेकर प्रत्येक मंगलवार यहां सैकड़ो लोग दूध चढ़ाने आते हैं और यहां उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। श्रीमहंत भल्ले गिरी के शिष्य के तौर पर महंत विजय गिरी यहां की सेवा का संचालन कर रहे हैं।
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बता दें कि जूना अखाड़े का अपना संविधान है। जिसके तहत इसमें साधु संतों के लिए नीचे से शुरू होकर थानापति, प्रवक्ता, कानूनमंत्री, महामंत्री, सचिव, कोतवाल, भंडारी, कारोबारी, पक्का कोठारी, कच्चा कोठारी, अष्ट कौशल, महंत, रमता पंच, सभापति, मंडलेश्वर और सबसे बड़ा महामंडलेश्वर के पद होते हैं ।
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पिहोवा। श्री 1008 सिद्ध बाबा गुलाब गिरी सरभंगी की गद्दियों पर पीठासीन महंत भल्ले गिरी के शिष्य महंत विजय गिरी को जूना अखाड़े में महंत के पद पर नियुक्त किया गया है। जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरी की अध्यक्षता में जूना अखाड़ा बड़ा हनुमान मंदिर काशी में हुई बैठक में महंत विजय गिरी को महंत की जिम्मेदारी संत महात्माओं ने सौंपी।
उनके साथ अष्ट कौशल महंत अजय गिरी, कोठारी योगेश गिरी, पुजारी महेश गिरी, कारोबारी मृत्युंजय गिरी, भंडारी शहंशाह गिरी, कोतवाल तरुण गिरी को 13 मढ़ी से चुना गया। गांव हेलवा के पूर्व सरपंच कर्मबीर सिंह ने बताया कि डेरा बाबा गुलाब गिरी के तहत गांव रिंडाणा सोनीपत, हेलवा, जयसिंहपुर करनाल, पिनाना और कासंडा सोनीपत के डेरों की सेवा का संचालन श्री 1008 महंत भल्ले गिरी की देखरेख में किया जाता है।
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उन्होंने बताया कि रमता पंच नियुक्त होकर लौटने पर महंत विजय गिरी का गांव हेलवा में अभिनंदन किया जाएगा। हेलवा में बाबा गुलाब गिरी की सिद्ध समाधि है। जिस पर हर सप्ताह को मेला लगता है। पशुधन में वृद्धि और सुख समृद्धि की कामना को लेकर प्रत्येक मंगलवार यहां सैकड़ो लोग दूध चढ़ाने आते हैं और यहां उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। श्रीमहंत भल्ले गिरी के शिष्य के तौर पर महंत विजय गिरी यहां की सेवा का संचालन कर रहे हैं।
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बता दें कि जूना अखाड़े का अपना संविधान है। जिसके तहत इसमें साधु संतों के लिए नीचे से शुरू होकर थानापति, प्रवक्ता, कानूनमंत्री, महामंत्री, सचिव, कोतवाल, भंडारी, कारोबारी, पक्का कोठारी, कच्चा कोठारी, अष्ट कौशल, महंत, रमता पंच, सभापति, मंडलेश्वर और सबसे बड़ा महामंडलेश्वर के पद होते हैं ।