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Kurukshetra News: समिति की बैठक में पीड़ितों ने उठाए सवाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। साहब...यहां न कोई सुनवाई कर रहा है और न ही कोई काम हो रहा है। अफसर काम करने के बजाय एक-दूसरे का नाम लेकर लोगों को भटकने को मजबूर कर रहे हैं। ऐसा ही है तो फिर लाडवा को सीएम सिटी क्यों बनाया। सीएम सिटी है तो काम तो होने ही चाहिए। मुख्यमंत्री विधानसभा क्षेत्र के गांव भूखड़ी के रहने वाले पीड़ित सतपाल सिंह ने ये आरोप लगाए।
मौका था जिला सचिवालय में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति का, जहां 15 में से नौ शिकायतों का निपटारा किया गया, जबकि छह शिकायतों में जांच के लिए अधिकारियों और चयनित सदस्यों को नियुक्त किया गया। उपायुक्त के समक्ष सतपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव में पेयजल पाइप लाइन लंबे समय से टूटी पड़ी है जिसके चलते लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई बीमार भी हुए। इसके बावजूद अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। इस पाइप लाइन को लेकर वे करीब दो साल से कार्यालयों में भटक रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत ने पाइप लाइन का प्रस्ताव 2023 में दिया था लेकिन आज तक कार्य नहीं किया जिसके चलते उसका मकान निर्माण कार्य तक अटका हुआ है।
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कुरुक्षेत्र। साहब...यहां न कोई सुनवाई कर रहा है और न ही कोई काम हो रहा है। अफसर काम करने के बजाय एक-दूसरे का नाम लेकर लोगों को भटकने को मजबूर कर रहे हैं। ऐसा ही है तो फिर लाडवा को सीएम सिटी क्यों बनाया। सीएम सिटी है तो काम तो होने ही चाहिए। मुख्यमंत्री विधानसभा क्षेत्र के गांव भूखड़ी के रहने वाले पीड़ित सतपाल सिंह ने ये आरोप लगाए।
मौका था जिला सचिवालय में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति का, जहां 15 में से नौ शिकायतों का निपटारा किया गया, जबकि छह शिकायतों में जांच के लिए अधिकारियों और चयनित सदस्यों को नियुक्त किया गया। उपायुक्त के समक्ष सतपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव में पेयजल पाइप लाइन लंबे समय से टूटी पड़ी है जिसके चलते लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई बीमार भी हुए। इसके बावजूद अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। इस पाइप लाइन को लेकर वे करीब दो साल से कार्यालयों में भटक रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत ने पाइप लाइन का प्रस्ताव 2023 में दिया था लेकिन आज तक कार्य नहीं किया जिसके चलते उसका मकान निर्माण कार्य तक अटका हुआ है।
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