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अवैध पार्किंग के कारण जाम में फंस रहे वाहन
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थानेसर बाजार में अवैध पार्किंग के कारण हर 10 मिनट के भीतर 100 से ज्यादा वाहन रोजाना जाम में फंस रहे हैं। पुराने शहर में पड़ने वाले तीन बाजार व एक सब्जी मंडी में रोजाना हजारों की संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। साथ ही छह मोहल्लों में करीब 15 हजार की आबादी भी रहती है, जिन सभी का रास्ता भी थानेसर बाजार से होकर गुजरता है। इतना ही नहीं बाजार में छह स्कूल, तीन बैंक, चार क्लीनिक, एक डाकखाने व एक पुलिस थाना सहित एक हजार से ज्यादा दुकानें भी हैं।
इन सभी पर आने वाले लोग जब वाहन को सड़क पर खड़ा कर देते हैं तो बाजार में लंबा जाम लग जाता है। जाम लगने का मुख्य कारण बाजार में वन-वे न होना है। वाहन जिस रास्ते से बाजार में प्रवेश करते हैं उसी रास्ते से उन्हें बाहर जाना होता है। इस वजह से आपाधापी में वाहन उलझ जाते हैं और जाम लग जाता है। करीब आठ साल पहले ट्रेफिक पुलिस ने वन-वे का ट्रायल किया था। इससे काफी हद तक जाम की समस्या हल हुई थी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की ढील से समस्या फिर से विकराल हो गई।
बता दें कि थानेसर बाजार में नगर परिषद की पार्किंग भी है, लेकिन इस पार्किंग में पुराने शहर के मोहल्ला वासियों की गाड़ियां परमानेंट खड़ी रहती हैं। ऐसे में बाजार में आने वाले लोगों के वाहन सड़कों पर खड़े होते हैं। इसके अलावा कई दुकानदारों ने दुकानों के आगे 20 से 25 फुट तक का अतिक्रमण किया हुआ है।
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पूर्व पार्षद सतीश ने कहा कि शहर में पार्किंग की समस्या को लेकर उन्होंने सीएम विंडो और नगर परिषद थानेसर में शिकायत की हुई है। अवैध पार्किंग के कारण पैदल चलने वालों के लिए सड़क ही नहीं बची है। रोज दुर्घटनाएं हो रही हैं और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
पूर्व पार्षद विक्की मेहता ने कहा कि वन-वे होने से ही इस जाम से छुटकारा मिल सकता है। फिलहाल ट्रेफिक पर काबू पाने के लिए पुलिसकर्मी खड़े तो रहते हैं, लेकिन उनका कोई फायदा नजर नहीं आ रहा। उन्होंने बताया कि यदि ट्रैफिक पुलिस नगर परिषद की ओर से आने वाले ट्रैफिक को कृष्णा गेट थाना के आगे से लेजाकर कच्चे घेर वाली साइड से बाहर निकाले तो समस्या हल हो सकती है।
सन्नी ने बताया कि उसकी कच्चे घेर में बैटरियों की दुकान है। कई बार लोग उनकी दुकान के बिल्कुल आगे वाहन खड़ा करके चले जाते हैं, जिस कारण ग्राहक के लिए दुकान में प्रवेश करने का रास्ता ही नहीं बचता।
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इन सभी पर आने वाले लोग जब वाहन को सड़क पर खड़ा कर देते हैं तो बाजार में लंबा जाम लग जाता है। जाम लगने का मुख्य कारण बाजार में वन-वे न होना है। वाहन जिस रास्ते से बाजार में प्रवेश करते हैं उसी रास्ते से उन्हें बाहर जाना होता है। इस वजह से आपाधापी में वाहन उलझ जाते हैं और जाम लग जाता है। करीब आठ साल पहले ट्रेफिक पुलिस ने वन-वे का ट्रायल किया था। इससे काफी हद तक जाम की समस्या हल हुई थी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की ढील से समस्या फिर से विकराल हो गई।
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बता दें कि थानेसर बाजार में नगर परिषद की पार्किंग भी है, लेकिन इस पार्किंग में पुराने शहर के मोहल्ला वासियों की गाड़ियां परमानेंट खड़ी रहती हैं। ऐसे में बाजार में आने वाले लोगों के वाहन सड़कों पर खड़े होते हैं। इसके अलावा कई दुकानदारों ने दुकानों के आगे 20 से 25 फुट तक का अतिक्रमण किया हुआ है।
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पूर्व पार्षद सतीश ने कहा कि शहर में पार्किंग की समस्या को लेकर उन्होंने सीएम विंडो और नगर परिषद थानेसर में शिकायत की हुई है। अवैध पार्किंग के कारण पैदल चलने वालों के लिए सड़क ही नहीं बची है। रोज दुर्घटनाएं हो रही हैं और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
पूर्व पार्षद विक्की मेहता ने कहा कि वन-वे होने से ही इस जाम से छुटकारा मिल सकता है। फिलहाल ट्रेफिक पर काबू पाने के लिए पुलिसकर्मी खड़े तो रहते हैं, लेकिन उनका कोई फायदा नजर नहीं आ रहा। उन्होंने बताया कि यदि ट्रैफिक पुलिस नगर परिषद की ओर से आने वाले ट्रैफिक को कृष्णा गेट थाना के आगे से लेजाकर कच्चे घेर वाली साइड से बाहर निकाले तो समस्या हल हो सकती है।
सन्नी ने बताया कि उसकी कच्चे घेर में बैटरियों की दुकान है। कई बार लोग उनकी दुकान के बिल्कुल आगे वाहन खड़ा करके चले जाते हैं, जिस कारण ग्राहक के लिए दुकान में प्रवेश करने का रास्ता ही नहीं बचता।