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वंदे मातरम् भारत की सांस्कृतिक चेतना : प्रो. चौधरी
Sun, 16 Nov 2025 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 16 Nov 2025 01:18 AM IST
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कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् पर प्रस्तुति देते कलाकार। स्वयं
- फोटो : ramnagar news
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के राष्ट्रीय एकता शिविर में कुवि के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी ने कहा कि वंदे मातरम् महज एक गीत नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक पहचान का सार है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जब राष्ट्रगीत और देशभक्ति के गीत सामूहिक रूप से गाते हैं, तो यह केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होता, बल्कि यह हृदय से राष्ट्र के प्रति निष्ठा व्यक्त करने का माध्यम बनता है। विद्यार्थियों ने वंदे मातरम् को शास्त्रीय शैली एवं क्षेत्रीय लोक धुनों में इसे पिरोकर देश भक्तिमय वातावरण बना दिया। गीत की हर प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भारत विविधता में एकता का सर्वाेत्तम उदाहरण है और वंदे मातरम् इस एकता का सबसे पवित्र बंधन है। इस मौके पर एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आनंद कुमार, उप कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नीरज बातिश, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजरतन, डॉ. निधि माथुर सहित अन्य मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जब राष्ट्रगीत और देशभक्ति के गीत सामूहिक रूप से गाते हैं, तो यह केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होता, बल्कि यह हृदय से राष्ट्र के प्रति निष्ठा व्यक्त करने का माध्यम बनता है। विद्यार्थियों ने वंदे मातरम् को शास्त्रीय शैली एवं क्षेत्रीय लोक धुनों में इसे पिरोकर देश भक्तिमय वातावरण बना दिया। गीत की हर प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भारत विविधता में एकता का सर्वाेत्तम उदाहरण है और वंदे मातरम् इस एकता का सबसे पवित्र बंधन है। इस मौके पर एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आनंद कुमार, उप कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नीरज बातिश, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजरतन, डॉ. निधि माथुर सहित अन्य मौजूद रहे।
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