{"_id":"657f55843eec74b93b0326a5","slug":"up-to-24-cultural-programs-will-be-organized-at-the-pilgrimage-sites-located-in-48-kos-kurukshetra-news-c-45-1-kur1002-10439-2023-12-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: 48 कोस में स्थित तीर्थों पर 24 तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: 48 कोस में स्थित तीर्थों पर 24 तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद अंबाला मंडल के अतिरिक्त निदेशक नागेंद्र शर्मा ।
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के उपलक्ष्य में हरियाणा कला परिषद की ओर से 48 कोस भूमि में स्थित तीर्थों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 24 दिसंबर तक आयोजित होंगे, जिसमें 108 कार्यक्रमों के माध्यम से एक हजार कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उक्त जानकारी हरियाणा कला परिषद अंबाला मंडल के अतिरिक्त निदेशक नागेंद्र शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा कला परिषद द्वारा 100 से अधिक तीर्थ स्थलों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां करवाई जा रही हैं, जिसमें प्रदेश के लगभग 75 सांस्कृतिक दल अपनी कला को प्रदर्शित करते हुए हरियाणवी नृत्य, रागनी और भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। 48 कोस भूमि के अंतर्गत आने वाले जिले कुरुक्षेत्र, जींद, कैथल, करनाल, पानीपत के 32 तीर्थों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
इन 48 तीर्थों में अमीन में स्थित अदिति तीर्थ, हथीरा का बालासुंदरी तीर्थ, श्रीतीर्थ कसान, भीष्मकुण्ड नरकातारी, अरंतुक तीर्थ बेहरजक्ष, वराहतीर्थ, बराहकलां, जम्दग्नि तीर्थ जामनी, वेदवती तीर्थ सीतामाई, कौशिकी तीर्थ कोयर, कुलोतारण तीर्थ कारसा, त्रिपुरारि तीर्थ टिगरी, काम्यक तीर्थ कमौदा, ग्यारहरुद्री कैथल, नवदुर्गा तीर्थ, देवीगढ़, पुण्डरिक तीर्थ, पुण्डरी, यज्ञसंग तीर्थ ग्योंग, फल्गू तीर्थ फरल, अलेपक तीर्थ साकरा, यमकुण्ड तीर्थ भैंसीमाजरा, सूर्यकुण्ड तीर्थ हाबड़ी, बटेश्वर तीर्थ बरोट, श्रृंगीतीर्थ, च्यवनऋषि तीर्थ, श्रीतीर्थ, बाल्यशिल्य तीर्थ, ययाति तीर्थ, सर्पदमन तीर्थ, मिश्रक तीर्थ, फल्गू तीर्थ, ढूण्डीराज सौंकड़ा, शाकुम्भरी तीर्थ शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि हरियाणा कला परिषद द्वारा 100 से अधिक तीर्थ स्थलों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां करवाई जा रही हैं, जिसमें प्रदेश के लगभग 75 सांस्कृतिक दल अपनी कला को प्रदर्शित करते हुए हरियाणवी नृत्य, रागनी और भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। 48 कोस भूमि के अंतर्गत आने वाले जिले कुरुक्षेत्र, जींद, कैथल, करनाल, पानीपत के 32 तीर्थों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञापन
इन 48 तीर्थों में अमीन में स्थित अदिति तीर्थ, हथीरा का बालासुंदरी तीर्थ, श्रीतीर्थ कसान, भीष्मकुण्ड नरकातारी, अरंतुक तीर्थ बेहरजक्ष, वराहतीर्थ, बराहकलां, जम्दग्नि तीर्थ जामनी, वेदवती तीर्थ सीतामाई, कौशिकी तीर्थ कोयर, कुलोतारण तीर्थ कारसा, त्रिपुरारि तीर्थ टिगरी, काम्यक तीर्थ कमौदा, ग्यारहरुद्री कैथल, नवदुर्गा तीर्थ, देवीगढ़, पुण्डरिक तीर्थ, पुण्डरी, यज्ञसंग तीर्थ ग्योंग, फल्गू तीर्थ फरल, अलेपक तीर्थ साकरा, यमकुण्ड तीर्थ भैंसीमाजरा, सूर्यकुण्ड तीर्थ हाबड़ी, बटेश्वर तीर्थ बरोट, श्रृंगीतीर्थ, च्यवनऋषि तीर्थ, श्रीतीर्थ, बाल्यशिल्य तीर्थ, ययाति तीर्थ, सर्पदमन तीर्थ, मिश्रक तीर्थ, फल्गू तीर्थ, ढूण्डीराज सौंकड़ा, शाकुम्भरी तीर्थ शामिल है।
विज्ञापन