{"_id":"24c6ac5eb4d3753d614f6ddd1c75fabb","slug":"university-kurukshetra-charter","type":"story","status":"publish","title_hn":"केयू में सिटीजन चार्टर को मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केयू में सिटीजन चार्टर को मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 01 Apr 2014 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. डीडीएस संधू की अध्यक्षता में सोमवार को विश्वविद्यालय के सीनेट हाल में आयोजित यूनिवर्सिटी कोर्ट की मीटिंग में कार्यकारिणी परिषद ने सिटीजन चार्टर को मंजूरी दे दी।
सिटीजन चार्टर लागू होने के बाद हर अधिकारी, अध्यापकों और कर्मचारियों को उनके कर्त्तव्य एवं कार्यो के बारे में जिम्मेदारी सुनिश्चित कर दी गई है।
यूनिवर्सिटी का प्रमुख कार्य विद्यार्थियों की शिक्षित करना और सुविधाओं को सुचारू ढंग से प्रदान करना है। कुलपति ने कहा कि अब कोई भी अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक कार्य करने में देरी नहीं कर सकता। ऐसा किए जाने पर जिम्मेदारी अधिकारी, कर्मचारी या शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में इस साल का 308.25 करोड़ का बजट पारित किया गया। बैठक में यूनिवर्सिटी की वार्षिक रिपोर्ट पारित की गई।
कुलपति ने कहा कि इस वर्ष से विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट एवं विवरण पुस्तिका को केयू की वेबसाइट पर डाला जाएगा और सभी विदेशी दूतावासों में भी भेजा जाएगा। इससे विदेश से आने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय में पढ़ाए जा रहे विषयों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
विज्ञापन
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देने के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से एमओयू स्थापित किए जाएंगे और विदेशों से आने वाले शिक्षकों को विभिन्न विभागों में आमंत्रित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि छात्रों के हित के लिए इस वर्ष परीक्षाओं से संबंधित फार्म एवं दाखिला फार्म ऑनलाइन लेने की प्रकिया पर काम किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी कोर्ट मीटिंग का एजेंडा कुलसचिव डॉ. कृष्ण चंद रल्हाण ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर प्रा. राघवेन्द्र तंवर भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
सिटीजन चार्टर लागू होने के बाद हर अधिकारी, अध्यापकों और कर्मचारियों को उनके कर्त्तव्य एवं कार्यो के बारे में जिम्मेदारी सुनिश्चित कर दी गई है।
यूनिवर्सिटी का प्रमुख कार्य विद्यार्थियों की शिक्षित करना और सुविधाओं को सुचारू ढंग से प्रदान करना है। कुलपति ने कहा कि अब कोई भी अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक कार्य करने में देरी नहीं कर सकता। ऐसा किए जाने पर जिम्मेदारी अधिकारी, कर्मचारी या शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बैठक में इस साल का 308.25 करोड़ का बजट पारित किया गया। बैठक में यूनिवर्सिटी की वार्षिक रिपोर्ट पारित की गई।
कुलपति ने कहा कि इस वर्ष से विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट एवं विवरण पुस्तिका को केयू की वेबसाइट पर डाला जाएगा और सभी विदेशी दूतावासों में भी भेजा जाएगा। इससे विदेश से आने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय में पढ़ाए जा रहे विषयों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
विज्ञापन
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देने के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से एमओयू स्थापित किए जाएंगे और विदेशों से आने वाले शिक्षकों को विभिन्न विभागों में आमंत्रित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि छात्रों के हित के लिए इस वर्ष परीक्षाओं से संबंधित फार्म एवं दाखिला फार्म ऑनलाइन लेने की प्रकिया पर काम किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी कोर्ट मीटिंग का एजेंडा कुलसचिव डॉ. कृष्ण चंद रल्हाण ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर प्रा. राघवेन्द्र तंवर भी मौजूद रहे।