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Kurukshetra News: ज्योतिसर तीर्थ के वट वृक्ष पर धागे बांधने पर रोक, स्थापित होगा पीतल का गीता ज्ञान स्तंभ
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कुरुक्षेत्र। ज्योतिसर तीर्थ स्थित पवित्र वट वृक्ष पर अब श्रद्धालु मन्नत का धागा नहीं बांध सकेंगे। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने वट वृक्ष के संरक्षण के लिए यह निर्णय लिया है। बोर्ड यहां पीतल का गीता ज्ञान स्तंभ स्थापित करने की तैयारी में है।
श्रद्धालु अब इसी नए स्तंभ पर अपनी श्रद्धा और मन्नत का धागा बांध सकेंगे। यह स्तंभ करीब 10 फीट ऊंचा और छह इंच व्यास का होगा। इस पर भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के रथ का आकर्षक चित्र उकेरा जाएगा। इसके शीर्ष पर बजरंग बली की पताका स्थापित की जाएगी। बोर्ड का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहेगी। साथ ही पवित्र वट वृक्ष को धागे बाँधने से होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
ज्योतिसर तीर्थ का वट वृक्ष वह स्थान है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आकर अपनी मनोकामना पूर्ण होने की कामना से धागा बांधते हैं। यह हजारों वर्षों से चली आ रही परंपरा है। लगातार बढ़ते धागों से वृक्ष की प्राकृतिक संरचना और संरक्षण पर चिंता बढ़ रही थी, जिस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी चिंता जताई थी। उन्होंने पीतल का स्तंभ स्थापित करने के लिए बोर्ड को स्वीकृति दी है।
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श्रद्धालुओं की श्रद्धा भी रहे और वट वृक्ष भी संरक्षित रहे, यही प्रयास : उपेंद्र
केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि तीर्थ पर श्रद्धालु गहरी श्रद्धा व आस्था के साथ पहुंचते हैं। उनकी श्रद्धा, आस्था व धार्मिक परंपरा भी बनी रहे और वट वृक्ष का भी सरंक्षण रहे, इसी को ध्यान में रखते हुए वट वृक्ष के समीप पीतल का गीता ज्ञान स्तंभ स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके स्थापित होने के बाद श्रद्धालु वट वृक्ष के बजाय इसी स्तंभ पर श्रद्धा और मन्नत का धागा बांध सकेंगे। इसी वर्ष गीता महोत्सव से पहले ही स्तंभ स्थापित कर लिया जाएगा।
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श्रद्धालु अब इसी नए स्तंभ पर अपनी श्रद्धा और मन्नत का धागा बांध सकेंगे। यह स्तंभ करीब 10 फीट ऊंचा और छह इंच व्यास का होगा। इस पर भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के रथ का आकर्षक चित्र उकेरा जाएगा। इसके शीर्ष पर बजरंग बली की पताका स्थापित की जाएगी। बोर्ड का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहेगी। साथ ही पवित्र वट वृक्ष को धागे बाँधने से होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
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ज्योतिसर तीर्थ का वट वृक्ष वह स्थान है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आकर अपनी मनोकामना पूर्ण होने की कामना से धागा बांधते हैं। यह हजारों वर्षों से चली आ रही परंपरा है। लगातार बढ़ते धागों से वृक्ष की प्राकृतिक संरचना और संरक्षण पर चिंता बढ़ रही थी, जिस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी चिंता जताई थी। उन्होंने पीतल का स्तंभ स्थापित करने के लिए बोर्ड को स्वीकृति दी है।
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श्रद्धालुओं की श्रद्धा भी रहे और वट वृक्ष भी संरक्षित रहे, यही प्रयास : उपेंद्र
केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि तीर्थ पर श्रद्धालु गहरी श्रद्धा व आस्था के साथ पहुंचते हैं। उनकी श्रद्धा, आस्था व धार्मिक परंपरा भी बनी रहे और वट वृक्ष का भी सरंक्षण रहे, इसी को ध्यान में रखते हुए वट वृक्ष के समीप पीतल का गीता ज्ञान स्तंभ स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके स्थापित होने के बाद श्रद्धालु वट वृक्ष के बजाय इसी स्तंभ पर श्रद्धा और मन्नत का धागा बांध सकेंगे। इसी वर्ष गीता महोत्सव से पहले ही स्तंभ स्थापित कर लिया जाएगा।