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जीटी रोड पर धुंध के कारण टकराए दो ट्राले, तीन घंटे की मशक्कत के बाद चालक को निकाला बाहर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 01:51 AM IST
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Two trolleys collided due to fog on GT Road, driver pulled out after three hours of effort
Two trolleys collided due to fog on GT Road, driver pulled out after three hours of effort - फोटो : Kurukshetra
शाहाबाद। धुंध के कारण नलवी पुल पर मंगलवार की सुबह 9 बजे दो ट्रालों में आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे दोनों ट्रालों के चालक सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं एक ट्राले का चालक नेत राम चेसिस के बीच में फंस गया। तीन घंटे की मेहनत के बाद चालक नेतराम को सकुशल बाहर निकाला गया। उसे एलएनजेपी अस्पताल रेफर किया गया।
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बाइक चालक बचाने के चक्कर में हुए हादसे दोनों ट्राले क्षतिग्रस्त हो गए। एक ट्राले की डीजल की टंकी फट गई, जिससे ईंधन सड़क पर फैल गया। गनीमत रही कि उसमें आग नहीं लगी, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं ट्राले की चेसिस में फंसे चालक नेतराम को बाहर निकालने के लिए पुलिस, सरकारी एंबुलेंस के चालक लाडी सहित राहगीरों ने काफी मशक्कत की।
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तीन घंटे की मेहनत के बाद चालक नेतराम को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। हादसे में दूसरे ट्राले के चालक महेंद्र और क्लीनर पुखराज को भी गंभीर चोटें आई हैं। राजस्थान निवासी नेतराम राजस्थान से कोटा स्टोन लेकर पंचकूला जा रहा था, जबकि दूसरा ट्राले में लोहा लदा हुआ था। यह ट्राला मोहाली से राजस्थान जा रहा था। घायल ट्राला चालक नेतराम ने बताया कि एक बाइक सवार को बचाने के चक्कर में यह हादसा हुआ। बाइक सवार को बचाने के लिए अचानक ब्रेक लगाने पड़े, जिस कारण यह दुर्घटना हो गई।
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हादसे के बाद नलवी पुल से मारकंडा पुल तक लंबा जाम लग गया। बड़ी संख्या में वाहन जाम में फंस गए। चौकी प्रभारी महीपाल ने अपनी पुलिस टीम के साथ मोर्चा संभाला और जाम को खुलवाया। इसके बाद यातायात बहाल हो सका।

लोगों ने दिया हौसला तो बची जान : नेतराम
घायल चालक नेतराम ने बताया कि तीन घंटे ट्राले की चेसिस में फंसे रहने के दौरान उसने पल-पल मौत को अपने सामने देखा। डीजल की टंकी फटने से अगर उसमें आग लगती तो उसका बचना मुश्किल था, क्योंकि चेसिस में फंसे रहने के कारण वह अपनी जान बचाने में समर्थ नहीं था। वह इस तरह से फंसा था कि दो हाइड्रा मशीनें भी एक दूसरे में फंसी गाड़ियों को अलग नहीं कर पा रही थी और एक बार तो उसने आस छोड़ दी थी, लेकिन साथी चालकों, राहगीरों, पुलिस सहित कई लोगों ने उसका हौसला बनाए रखा। उनकी बदौलत ही वह मौत को मात दे सका।
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