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गेंहू गबन मामले मेें दो इंस्पेक्टर सस्पेंड
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 21 Mar 2016 12:15 AM IST
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करीब साढ़े तीन करोड़ के सरकारी गेहूं और ऑर्टिकल्स में गबन का खुलासा होने के बाद अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। डीएफएससी विभाग ने दो इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। थाना पिहोवा में उनके समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज है। दो इंस्पेक्टर के सस्पेंड होने और सात के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। रविवार होने के बाद बावजूद विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल रही। मामला की तह तक जाने के लिए पुलिस ने जांच को और तेज कर दिया है।
करोड़ों रुपये का हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस में दर्ज शिकायत डीएफएससी डॉ. घनश्याम दास ने बताया कि पिछले वर्ष सितंबर माह में पिहोवा केंद्रों की हुई जांच में 17,124 गेहूं के कट्टे कम पाए गए थे, जोकि 8,562 क्विंटल गेेेहूं बनती है। इसकी कीमत एक करोड़ 84 लाख 66 हजार 88 रुपये आंकी गई। वहीं केंद्रों में स्टॉक आर्टिकल भी गायब मिला। इस ऑर्टिकल की कीमत 1 करोड़ 69 लाख 65 हजार 202 रुपये है। जांच में सामने आया है कि संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने मिलीभगत कर तीन करोड़ 54 लाख 31 हजार 288 रुपये का गबन किया था। मामले में सरकार ने जांच कमेटियों का गठन किया था। इन कमेटियों की रिपोर्ट के बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी डॉ. घनश्याम दास ने आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
ये दो इंस्पेक्टर हुए सस्पेंड
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक धनश्यामदास ने बताया कि इंस्पेक्टर नरेश कुमार और सब इंस्पेक्टर राहुल को सस्पेंड कर दिया गया है। जिला खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी की ओर से कई दिनों पहले ही इस मामले को लेकर उच्चाधिकारियों को कार्रवाई किए जाने की सिफारिश की थी, जिसके बाद उक्त दोनों अधिकारियों पर गाज गिरी है। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक ने यह स्पष्ट करते हुए बताया कि अन्य आरोपियों को इससे पहले ईस्माइलाबाद में हुए मामले में सस्पेंड किया जा चुका है। उधर चर्चा है कि इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है। साथ ही आरोपियों के अलावा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
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इस कमेटी ने की थी जांच
डीएफएससी डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। जिसमें जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कुमारी राजबीर कौर, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी हरजीत सिंह, निरीक्षक खाद्य एवं आपूर्ति पिहोवा संजीव कुमार, निरीक्षक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पिहोवा नरेश कुमार में की कमेटी ने जांच की थी। डीएसपी चंद्रपाल ने बताया कि आरोपियों द्वारा गेहूं के साथ-साथ तरपाल, करेट, दवाईयां व बारदान आदि स्टाक आर्टिकल का गबन भी सामने आया है, जिससे गबन का यह आंकड़ा करीब साढ़े तीन करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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करोड़ों रुपये का हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस में दर्ज शिकायत डीएफएससी डॉ. घनश्याम दास ने बताया कि पिछले वर्ष सितंबर माह में पिहोवा केंद्रों की हुई जांच में 17,124 गेहूं के कट्टे कम पाए गए थे, जोकि 8,562 क्विंटल गेेेहूं बनती है। इसकी कीमत एक करोड़ 84 लाख 66 हजार 88 रुपये आंकी गई। वहीं केंद्रों में स्टॉक आर्टिकल भी गायब मिला। इस ऑर्टिकल की कीमत 1 करोड़ 69 लाख 65 हजार 202 रुपये है। जांच में सामने आया है कि संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने मिलीभगत कर तीन करोड़ 54 लाख 31 हजार 288 रुपये का गबन किया था। मामले में सरकार ने जांच कमेटियों का गठन किया था। इन कमेटियों की रिपोर्ट के बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी डॉ. घनश्याम दास ने आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
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ये दो इंस्पेक्टर हुए सस्पेंड
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक धनश्यामदास ने बताया कि इंस्पेक्टर नरेश कुमार और सब इंस्पेक्टर राहुल को सस्पेंड कर दिया गया है। जिला खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी की ओर से कई दिनों पहले ही इस मामले को लेकर उच्चाधिकारियों को कार्रवाई किए जाने की सिफारिश की थी, जिसके बाद उक्त दोनों अधिकारियों पर गाज गिरी है। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक ने यह स्पष्ट करते हुए बताया कि अन्य आरोपियों को इससे पहले ईस्माइलाबाद में हुए मामले में सस्पेंड किया जा चुका है। उधर चर्चा है कि इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है। साथ ही आरोपियों के अलावा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
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इस कमेटी ने की थी जांच
डीएफएससी डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। जिसमें जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कुमारी राजबीर कौर, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी हरजीत सिंह, निरीक्षक खाद्य एवं आपूर्ति पिहोवा संजीव कुमार, निरीक्षक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पिहोवा नरेश कुमार में की कमेटी ने जांच की थी। डीएसपी चंद्रपाल ने बताया कि आरोपियों द्वारा गेहूं के साथ-साथ तरपाल, करेट, दवाईयां व बारदान आदि स्टाक आर्टिकल का गबन भी सामने आया है, जिससे गबन का यह आंकड़ा करीब साढ़े तीन करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।