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Kurukshetra News: वन विभाग कार्यालय में मारपीट के मामले में दो कर्मचारी निलंबित
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पिहोवा। वन विभाग के कार्यालय में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां दो कर्मचारियों गार्ड राजू और महिला दरोगा राजबाला ने अपने वरिष्ठ अधिकारी रेंजर वीरेंद्र सिंह पर हमला कर दिया। आरोपियों ने रेंजर को थप्पड़ मारे, गाली-गलौज की और कुर्सी से प्रहार कर उन्हें घायल कर दिया।
वारदात 30 अक्तूबर को पिहोवा के वन विभाग की रेंज के कार्यालय में हुई। रेंजर की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जबकि विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
इस घटना की जड़ डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा की एक उच्च स्तर की बैठक से जुड़ी बताई जा रही है। रेंजर वीरेंद्र सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 30 अक्तूबर को पिहोवा के एसडीएम कार्यालय में डॉ. मिड्डा ने सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई थी। इस मीटिंग में प्रदेश सरकार की विभिन्न घोषणाओं पर तेजी से अमल करने के निर्देश दिए गए। वन विभाग के कई लंबित कार्यों पर गहन चर्चा हुई और उन्हें जल्द निपटाने के आदेश जारी किए गए। बैठक समाप्त होने के बाद रेंजर अपने कार्यालय लौटे और दारोगा धर्म सिंह, पंकज, टेकचंद तथा अन्य स्टाफ के साथ सीएम विंडो और अन्य विभागीय मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे थे।
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आरोप है कि इसी दौरान गार्ड राजू और दारोगा राजबाला अचानक कमरे में घुस आए। उन्होंने पर्सनल मीटिंग का हवाला देकर दारोगा धर्म सिंह को बाहर खींच लिया। रेंजर के अनुसार कमरे में आते ही दोनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब रेंजर ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो राजबाला ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। राजू ने हाथापाई की और कुर्सी उठाकर रेंजर पर दे मारी, जिससे वे घायल हो गए। कमरे में मौजूद अन्य स्टाफ ने बीच-बचाव कर रेंजर को बचाया।
हमलावरों ने रेंजर को झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी। रेंजर के मुताबिक हमले की वजह पुरानी रंजिश थी। कुछ दिन पहले विभाग के उच्चाधिकारियों ने कार्यालय का निरीक्षण किया था। उस दिन गार्ड राजू ड्यूटी पर अनुपस्थित था, जिसके लिए उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस से राजू नाराज था । रेंजर का कहना है कि यह हमला उसी का नतीजा था।
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वारदात 30 अक्तूबर को पिहोवा के वन विभाग की रेंज के कार्यालय में हुई। रेंजर की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जबकि विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
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इस घटना की जड़ डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा की एक उच्च स्तर की बैठक से जुड़ी बताई जा रही है। रेंजर वीरेंद्र सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 30 अक्तूबर को पिहोवा के एसडीएम कार्यालय में डॉ. मिड्डा ने सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई थी। इस मीटिंग में प्रदेश सरकार की विभिन्न घोषणाओं पर तेजी से अमल करने के निर्देश दिए गए। वन विभाग के कई लंबित कार्यों पर गहन चर्चा हुई और उन्हें जल्द निपटाने के आदेश जारी किए गए। बैठक समाप्त होने के बाद रेंजर अपने कार्यालय लौटे और दारोगा धर्म सिंह, पंकज, टेकचंद तथा अन्य स्टाफ के साथ सीएम विंडो और अन्य विभागीय मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे थे।
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आरोप है कि इसी दौरान गार्ड राजू और दारोगा राजबाला अचानक कमरे में घुस आए। उन्होंने पर्सनल मीटिंग का हवाला देकर दारोगा धर्म सिंह को बाहर खींच लिया। रेंजर के अनुसार कमरे में आते ही दोनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब रेंजर ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो राजबाला ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। राजू ने हाथापाई की और कुर्सी उठाकर रेंजर पर दे मारी, जिससे वे घायल हो गए। कमरे में मौजूद अन्य स्टाफ ने बीच-बचाव कर रेंजर को बचाया।
हमलावरों ने रेंजर को झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी। रेंजर के मुताबिक हमले की वजह पुरानी रंजिश थी। कुछ दिन पहले विभाग के उच्चाधिकारियों ने कार्यालय का निरीक्षण किया था। उस दिन गार्ड राजू ड्यूटी पर अनुपस्थित था, जिसके लिए उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस से राजू नाराज था । रेंजर का कहना है कि यह हमला उसी का नतीजा था।