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Kurukshetra News: कुवि में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 28 और 29 को
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता सदन (ऑडिटोरियम) में 28 व 29 अप्रैल को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सहयोग में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें शिक्षक शिक्षा में परिवर्तन विकसित भारत 2047 की दिशा में विषय पर उत्तर भारत विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षाविद मंथन करेंगे।
दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन राज्यपाल एवं कुवि कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय बतौर मुख्यातिथि करेंगे। राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी के लिए कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने संबंधित अधिकारियों को अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कमेटी रूम में वीरवार को तैयारी की समीक्षा भी गई, जिसमें कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने सम्मेलन के बारे में अधिकारियों से जाना और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि सम्मेलन में शिक्षा सचिव, हरियाणा सरकार, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा, एनसीटीई के सदस्य सचिव, एनआरसी के अध्यक्ष प्रो. एचसीएस राठौर, एसआरसी के अध्यक्ष डॉ. मीना आर चंदावरकर, ईआरसी के अध्यक्ष डॉ. दिव्या ज्योति महंत, डब्ल्यूआरसी के अध्यक्ष प्रो. शैलेश एन जाला एवं उत्तर क्षेत्र से आए सभी कुलपति एवं शिक्षा जगत के बुद्धिजीवी विकसित भारत 2047 की दिशा में शिक्षक शिक्षा में परिवर्तन को लेकर मंथन करेंगे।
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उन्होंने बताया कि सम्मेलन में उत्तर क्षेत्र चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू एंड कश्मीर व लद्दाख के विश्वविद्यालयों के कुलपति सहित महान शिक्षाविद् शामिल होंगे। दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में नीति निर्माता और कार्यान्वयनकर्ता, विचारक, शिक्षक शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ, संस्थान, केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय संस्थानों से विद्वतजन, स्कूलों के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन राज्यपाल एवं कुवि कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय बतौर मुख्यातिथि करेंगे। राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी के लिए कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने संबंधित अधिकारियों को अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कमेटी रूम में वीरवार को तैयारी की समीक्षा भी गई, जिसमें कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने सम्मेलन के बारे में अधिकारियों से जाना और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
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लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि सम्मेलन में शिक्षा सचिव, हरियाणा सरकार, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा, एनसीटीई के सदस्य सचिव, एनआरसी के अध्यक्ष प्रो. एचसीएस राठौर, एसआरसी के अध्यक्ष डॉ. मीना आर चंदावरकर, ईआरसी के अध्यक्ष डॉ. दिव्या ज्योति महंत, डब्ल्यूआरसी के अध्यक्ष प्रो. शैलेश एन जाला एवं उत्तर क्षेत्र से आए सभी कुलपति एवं शिक्षा जगत के बुद्धिजीवी विकसित भारत 2047 की दिशा में शिक्षक शिक्षा में परिवर्तन को लेकर मंथन करेंगे।
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उन्होंने बताया कि सम्मेलन में उत्तर क्षेत्र चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू एंड कश्मीर व लद्दाख के विश्वविद्यालयों के कुलपति सहित महान शिक्षाविद् शामिल होंगे। दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में नीति निर्माता और कार्यान्वयनकर्ता, विचारक, शिक्षक शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ, संस्थान, केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय संस्थानों से विद्वतजन, स्कूलों के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं प्रतिनिधि शामिल होंगे।