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Kurukshetra News: रुआं गांव के तालाब में दो मगरमच्छों का खौफ, ग्रामीणों ने छोड़ा तालाब का रास्ता
Tue, 11 Nov 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 11 Nov 2025 01:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। रुआं गांव के तालाब में दो मगरमच्छों की मौजूदगी से ग्रामीणों में व्याप्त दहशत है। एक मगरमच्छ लगभग आठ फीट व दूसरा पांच फीट लंबा है। दोनों सुबह-दोपहर धूप सेंकते और दिन में कई बार तालाब से बाहर निकलते दिखाई देते हैं। मगरमच्छों के भय से ग्रामीणों ने तालाब पर पशुओं को पानी पिलाने के लिए ले जाना छोड़ दिया है व तालाब के रास्ते खेतों में काम करने और तालाब के निकट जाने से लोग परहेज कर रहे हैं। महिलाएं गोबर डालने व बच्चे खेलने तक नहीं आ रहे।
ग्रामीण पुनीत कुमार ने बताया कि कई दिनों से मगरमच्छ दिख रहे हैं। वन्यजीव विभाग को सूचित किया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गोताखोर प्रगट सिंह ने मौके पर मुआयना किया। अरुण गुर्जर ने कहा कि तालाब के आसपास खेतीहर जमीनें हैं, जहां दिनभर आवागमन रहता है। अंकित ने सबसे पहले मगरमच्छ देखा, जब वह चारा लेने गया था। मगरमच्छ उसके खेत के समीप धूप सेंक रहा था और नजर पड़ते ही तालाब में उतर गया।
वन्यजीव कर्मी सुभाष ढुल ने ग्रामीणों को तालाब से दूर रहने, बच्चों व मवेशियों को सुरक्षित रखने की हिदायत दी। तालाब की गहराई व अधिक जल के कारण रेस्क्यू संभव नहीं। ग्रामीणों को पानी निकालने के निर्देश दिए गए हैं। पानी कम होने पर रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। ढुल स्वयं भी योजना बना रहे हैं।
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लगभग चार माह पूर्व संधौली गांव की नहर में मगरमच्छ देखा गया था, जो पकड़ा नहीं जा सका। नहर रुआं से गुजरती है, आशंका है कि मगरमच्छ इसी मार्ग से तालाब पहुंचे। ग्रामीण सतर्क हैं और निगरानी रख रहे हैं।
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पिहोवा। रुआं गांव के तालाब में दो मगरमच्छों की मौजूदगी से ग्रामीणों में व्याप्त दहशत है। एक मगरमच्छ लगभग आठ फीट व दूसरा पांच फीट लंबा है। दोनों सुबह-दोपहर धूप सेंकते और दिन में कई बार तालाब से बाहर निकलते दिखाई देते हैं। मगरमच्छों के भय से ग्रामीणों ने तालाब पर पशुओं को पानी पिलाने के लिए ले जाना छोड़ दिया है व तालाब के रास्ते खेतों में काम करने और तालाब के निकट जाने से लोग परहेज कर रहे हैं। महिलाएं गोबर डालने व बच्चे खेलने तक नहीं आ रहे।
ग्रामीण पुनीत कुमार ने बताया कि कई दिनों से मगरमच्छ दिख रहे हैं। वन्यजीव विभाग को सूचित किया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गोताखोर प्रगट सिंह ने मौके पर मुआयना किया। अरुण गुर्जर ने कहा कि तालाब के आसपास खेतीहर जमीनें हैं, जहां दिनभर आवागमन रहता है। अंकित ने सबसे पहले मगरमच्छ देखा, जब वह चारा लेने गया था। मगरमच्छ उसके खेत के समीप धूप सेंक रहा था और नजर पड़ते ही तालाब में उतर गया।
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वन्यजीव कर्मी सुभाष ढुल ने ग्रामीणों को तालाब से दूर रहने, बच्चों व मवेशियों को सुरक्षित रखने की हिदायत दी। तालाब की गहराई व अधिक जल के कारण रेस्क्यू संभव नहीं। ग्रामीणों को पानी निकालने के निर्देश दिए गए हैं। पानी कम होने पर रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। ढुल स्वयं भी योजना बना रहे हैं।
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लगभग चार माह पूर्व संधौली गांव की नहर में मगरमच्छ देखा गया था, जो पकड़ा नहीं जा सका। नहर रुआं से गुजरती है, आशंका है कि मगरमच्छ इसी मार्ग से तालाब पहुंचे। ग्रामीण सतर्क हैं और निगरानी रख रहे हैं।