{"_id":"61fd904fa3417f626c61bfd8","slug":"today-the-sweet-sound-of-the-festival-will-be-heard-for-the-first-time-in-200-villages-including-polad-shrine-on-spring-kurukshetra-news-knl979915159","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरस्वती तीर्थ पर मनाया जाएगा सरस्वती प्रकोत्सव, भव्य आरती से होगा महोत्सव का समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरस्वती तीर्थ पर मनाया जाएगा सरस्वती प्रकोत्सव, भव्य आरती से होगा महोत्सव का समापन
विज्ञापन
आज वसंत पंचमी पर पिहोवा के सरस्वती तीर्थ के साथ-साथ पोलड़ तीर्थ और सरस्वती नदी के किनारे बसे 200 गांव में अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का मधुर नाद सुनाई देगा। यह पहली बार है कि वसंत पंचमी पर कैथल के पोलड़ तीर्थ पर महोत्सव के तहत धार्मिक कार्यक्रम होंगे। इसी के साथ सरस्वती नदी के किनारे बसे गांवों में महोत्सव की बहार आएगी। सुबह से शाम तक मां सरस्वती का प्रकटोत्सव मनाया जाएगा। इसके तहत हवन-यज्ञ होंगे, तीर्थों की परिक्रमा की जाएगी, भजन संध्या और मां सरस्वती की वंदना होगी। शाम के समय भव्य आरती के साथ महोत्सव का समापन होगा। सरस्वती तीर्थ पर समापन कार्यक्रम में खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। वहीं शुक्रवार को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में सरस्वती नदी विषय पर वर्चुअल सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में सरस्वती नदी पर शोध करने वाले विद्यार्थियों सहित विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
आज पिहोवा के सरस्वती तीर्थ के साथ जिला कुरुक्षेत्र के सरस्वती नदी के किनारे बसे गांव ईशरगढ़, रामपुरा, कोलापुर, बाबैन, बीड़ मंगोली, बड़तौली, सतोड़ा व मांगना में महोत्सव के तहत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सरस्वती तीर्थ पर 24 संस्थाओं द्वारा सहयोग किया जा रहा है। वहीं इन गांवों में ग्रामीणों की ओर से सभी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दरअसल, गांवों में महोत्सव की शुरुआत करने के पीछे ग्रामीणों को सरस्वती नदी की संस्कृति, इतिहास, धरोहर व महत्व की जानकारी देना है। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने बताया कि बोर्ड सरस्वती नदी में निरंतर जलधारा प्रवाहित करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। इसके लिए सरस्वती नदी के किनारे बसे गांवों के सहयोग की नितांत आवश्यकता है। इस योजना से जिला कुरुक्षेत्र के भूजल स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी। वहीं जिलेभर में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
ये होंगे कार्यक्रम
सुबह साढ़े 11 से लेकर दोपहर साढ़े 12 बजे तक सरस्वती तीर्थ पर हवन यज्ञ।
दोपहर 1 से लेकर 2 बजे तक सरस्वती तीर्थ की परिक्रमा तथा तीर्थ पर भंडारा
शाम 4 बजे सरस्वती वंदना और भजन कार्यक्रम।
शाम 5 बजे सरस्वती आरती के साथ का परंपरा अनुसार समापन।
समापन कार्यक्रम में खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह बतौर मुख्यातिथि हिस्सा लेंगे।
विज्ञापन
आज पिहोवा के सरस्वती तीर्थ के साथ जिला कुरुक्षेत्र के सरस्वती नदी के किनारे बसे गांव ईशरगढ़, रामपुरा, कोलापुर, बाबैन, बीड़ मंगोली, बड़तौली, सतोड़ा व मांगना में महोत्सव के तहत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सरस्वती तीर्थ पर 24 संस्थाओं द्वारा सहयोग किया जा रहा है। वहीं इन गांवों में ग्रामीणों की ओर से सभी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दरअसल, गांवों में महोत्सव की शुरुआत करने के पीछे ग्रामीणों को सरस्वती नदी की संस्कृति, इतिहास, धरोहर व महत्व की जानकारी देना है। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने बताया कि बोर्ड सरस्वती नदी में निरंतर जलधारा प्रवाहित करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। इसके लिए सरस्वती नदी के किनारे बसे गांवों के सहयोग की नितांत आवश्यकता है। इस योजना से जिला कुरुक्षेत्र के भूजल स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी। वहीं जिलेभर में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
ये होंगे कार्यक्रम
सुबह साढ़े 11 से लेकर दोपहर साढ़े 12 बजे तक सरस्वती तीर्थ पर हवन यज्ञ।
दोपहर 1 से लेकर 2 बजे तक सरस्वती तीर्थ की परिक्रमा तथा तीर्थ पर भंडारा
शाम 4 बजे सरस्वती वंदना और भजन कार्यक्रम।
शाम 5 बजे सरस्वती आरती के साथ का परंपरा अनुसार समापन।
समापन कार्यक्रम में खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह बतौर मुख्यातिथि हिस्सा लेंगे।