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Kurukshetra News: मां दुर्गा की उपासना का पर्व नवरात्र आज से, हाथी पर सवार होकर आएगी मां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Oct 2023 01:35 AM IST
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Thousands of devotees took a dip of faith in the holy Brahmasarovar.
कुरुक्षेत्र। मां दुर्गा की उपासना का पर्व नवरात्र रविवार से शुरु हो रहा है, इस बार मां हाथी पर सवार होकर आएंगी। मां दुर्गा की उपासना का यह पर्व साल में चार बार आता है, जिसमें दो गुप्त नवरात्र और दो चैत्र व शारदीय नवरात्र होती है। शारदीय नवरात्र अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होती है। इसमें मां दुर्गा की प्रतिमाएं विराजित की जाती हैं और साथ ही कई स्थानों पर गरबा और रामलीला का भी आयोजन किया जाता है।
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ज्योतिषाचार्य पं डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि इस साल नवरात्र 15 अक्तूबर से शुरु है और 23 अक्तूबर को समाप्त होंगे। इस वर्ष मां की सवारी हाथी पर होगी और उस दिन सर्वार्थ सिद्ध योग भी हैं। इसलिए इस साल पूरे विश्व में सुख शांति और संपन्नता भरपूर रहेगी। इस नौ दिन के महापर्व के पहले दिन घटस्थापना की जाती है और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा भी की जाती है। इन दिनों व्रत रखा जाता है, पूरे नियमों के साथ मां दुर्गा की आराधना की जाती है और नौ दिन मां कि अखंड ज्योति जलाई जाती है।
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कैसे करें कलश स्थापना



डॉ. रामराज कौशिक के मुताबिक नवरात्र में कलश स्थापना का विशेष महत्व है। कलश स्थापना को घट स्थापना भी कहा जाता है। नवरात्र की शुरुआत घट स्थापना के साथ ही होती है। मान्यता है कि गलत समय में घट स्थापना करने से देवी मां क्रोधित हो सकती हैं और रात के समय व अमावस्या के दिन घट स्थापित करने की मनाही है। घटस्थापना का सबसे शुभ समय प्रतिपदा का एक तिहाई भाग बीत जाने के बाद होता है। अगर किसी कारण वश आप उस समय कलश स्थापित न कर पाएं तो अभिजीत मुहूर्त में स्थापित कर सकते हैं। प्रत्येक दिन का आठवां मुहूर्त 40 मिनट का होता है।
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कलश स्थापना की सामग्री



ज्योतिषाचार्य ने बताया कि मां दुर्गा का लाल रंग का ही आसन खरीदें और कलश स्थापना के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, मिट्टी, जल से भरा हुआ कलश, मौली, इलायची, लौंग, कपूर, रोली, साबूत सुपारी, साबुत चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, नारियल, चुनरी, सिंदूर, फल-फूल, फूलों की माला और श्रृंगार पिटारी भी रखें।








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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त



ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि को यानी पहले दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 15 अक्तूबर को 11:48 मिनट से दोपहर 12:36 तक है।

अभिजित मुहूर्त - सुबह 11:48 मिनट से दोपहर 12:36 मिनट तक
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