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Kurukshetra News: इस बार फिर गिरी एनआईटी कुरुक्षेत्र की रैंकिंग, 58 पर पहुंचा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jun 2023 02:57 AM IST
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This time the ranking of NIT Kurukshetra fell again, reached 58
इस बार फिर गिरी एनआईटी कुरुक्षेत्र की रैंकिंग, 58 पर पहुंचा
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फोटो 45,47
एंकर
एनआईआरएफ की टॉप 100 की सूची में आसपास भी नहीं पहुंच पाए केयू व एनआईटी कुरुक्षेत्र, इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क ने सोमवार को जारी की रैंकिंग सूची


अंग्रेज सिंह

कुरुक्षेत्र। एनआईटी कुरुक्षेत्र व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय भले ही छात्र-छात्राओं को पढ़ाई का बेहतर माहौल व सभी अत्याधुनिक सुविधाएं देने के दावे करते रहे हैं, लेकिन देश के टॉप-100 संस्थानों में ये दोनों आसपास भी नहीं टिक पाए हैं। सोमवार को इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क की जारी की गई सूची में दोनों ही संस्थानों की रैंकिंग आगे बढ़ने की बजाए पीछे ही सरकी है।



एनआईटी की रैंकिंग पिछले तीन साल से लगातार गिर रही है। इस बार भी एनआईआरएफ की ओर से जारी सूची में संस्थान को 58वीं रैंक मिली है। इससे पहले पिछले वर्ष 2022 में 50 थी तो वर्ष 2021 में 44 व वर्ष 2020 में 40वें स्थान पर था। इस बार मिली रैंकिंग में देशभर में स्थित एनआईटी की श्रेणी में भी संस्थान को 14वां स्थान मिला है। संस्थान की यह रैंकिंग देख हर कोई हैरान है तो वहीं संस्थान प्रशासन का दावा है कि आगे इसमें सुधार हो, इसके लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
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क्यों न पिछड़े एनआईटी

जानकारी के मुताबिक वर्तमान में संस्थान में बीटेक स्तर पर छह हजार तो एमटेक व पीएचडी स्तर पर एक हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं के अनुपात में यहां शिक्षक ही नहीं है। यहां तक कि 296 शिक्षकों में से 96 पदों पर स्थाई नियुक्ति ही नहीं की जा सकी। संस्थान में पिछले आठ साल से स्थाई शिक्षकों का टोटा रहा है और एडहॉक शिक्षकों के सहारे ही काम चलाया जाता रहा है। हालांकि कुछ समय पहले भर्ती की गई, लेकिन अब की जा रही व्यवस्थाएं अगले सर्वे में ही शामिल होंगी।
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किए जा रहे भरसक कार्य, अगली बार मिलेंगे परिणाम ः रेड्डी



एनआईटी निदेशक डॉ बीवी रमन्ना रेड्डी का कहना है कि यह रैंकिंग उनके आने से पहले के सर्वे के आधार पर है। अपने कार्यकाल में अब तक उन्होंने भरसक प्रयास किए हैं आगे भी जारी है। उम्मीद है कि अगले साल उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का परिणाम आएगा और रैंकिंग में बड़ा सुधार होगा।




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इस बार भी टॉप 100 से दूर रहा केयू

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इस बार भी एनआईआरएफ की टॉप-100 सूची में शामिल नहीं हो सका है। विश्वविद्यालय इस बार भी 100-150 बैंड तक ही सिमट कर रह गया है। पिछले वर्ष भी विश्वविद्यालय इसी बैंड तक ही समिति रह गया था। विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार न हो पाने को लेकर हर कोई हैरान है। हालांकि कुलपति प्रो सोमनाथ सचदेवा का कहना है कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।






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हर साल जारी की जाती है रैकिंग

हर साल केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा यह रैंकिंग जारी की जाती है। इसमें देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों, कॉलेजों की सूची जारी की जाती है। यह अलग-अलग कैटेगरी और सब्जेक्ट्स के आधार पर भी विभाजित होती है। देश में पहली बार यह रैंकिंग 29 सितंबर 2015 को लॉन्च की गई थी।




केंद्र सरकार द्वारा इस लिस्ट में 200 इंजीनियरिंग कॉलेजों को रैंकिंग दी जाती है. जबकि ओवरऑल, यूनिवर्सिटी और कॉलेज की कैटेगरी में 100-100 संस्थानों को एनआईआरएफ रैंकिंग मिलती है. मैनेजमेंट और फार्मेसी में 75-75, मेडिकल और रिसर्च में 50-50, डेंटल में कुल 40, लॉ में 30 और आर्किटेक्चर में कुल 25 संस्थानों को ही रैंकिंग दी जाती है।
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