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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में होगा सरस्वती नदी पर हुए शोध कार्यों पर मंथन
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सरस्वती शोध उत्कृष्टता केंद्र व सरस्वती हेरिटेज डेवलपमेंट बोर्ड पंचकूला के सहयोग में सीनेट हॉल में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसका उद्घाटन वीरवार को सांसद नवीन जिंदल बतौर मुख्यातिथि करेंगे। इसमें सरस्वती नदी-सनातन सभ्यता और संस्कृति का उद्गम स्थल-विकसित भारत 2047 के लिए दृष्टि और क्षितिज विषय पर चर्चा की जाएगी।
तीन दिवसीय सम्मेलन में सरस्वती नदी पर हुए शोध कार्यों पर मंथन होगा। इसमें मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती बतौर विशिष्ट अतिथि सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। सरस्वती शोध उत्कृष्टता केंद्र के निदेशक एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी ने बताया कि केयू सीनेट हॉल में आयोजित होने वाले उद्घाटन सम्मेलन में हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह, बोर्ड के सीईओ कुमार सुप्राविन, हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. एसके गक्खड़ तथा आईसीएसआर 2025 के कंवीनर अरविन्द्र कौशिक की गरिमामयी उपस्थिति होगी। वहीं प्लेनरी सत्र में प्रो. एबी शुक्ला, प्रमुख, भारतीय विद्या परियोजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय केंद्र फॉर आर्ट्स, नई दिल्ली सरस्वती के प्राथमिक स्रोतों के विषय में व्याख्यान देंगे।
चार तकनीकी सत्रों में विद्वज्जन देंगे विशिष्ट उद्बोधन
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि 30 जनवरी को दोपहर बाद आयोजित होने वाले पहले तकनीकी सत्र में सनातन और सरस्वती विषय पर एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक व माता सरस्वती धाम ट्रस्ट गांधीनगर, गुजरात के संस्थापक डॉ. ब्रज किशोर शुक्ला व्याख्यान देंगे। इस सत्र की अध्यक्षता सरोज बाला, सेवानिवृत्त सदस्य सीबीडीटी, सह अध्यक्षता इसरो के डॉ. एके गुप्ता तथा प्रतिनिधित्व डॉ. राजेश रंगा करेंगे। इसके साथ ही महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल के प्रो. आरसी भारद्वाज, जगदीश चंद्र, मुख्य वन संरक्षक, हरियाणा सरकार, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करतार सिंह धीमान, रविकांत तथा डॉ. मधुसूदन पी.जे, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर आईजीएनसीए, नई दिल्ली से उद्बोधन देंगे। इसमें ऑनलाइन मोड में बेलारुस यूनिवर्सिटी से प्रो. अलेह पेरजावेकिश सरस्वती नदी को लेकर व्याख्यान देंगे। वहीं आईआईटी खड़गपुर से प्रो. जॉय सेन व नंदिनी मुखोपाध्याय सरस्वती के आध्यात्मिक, भौतिक एवं मनोवैज्ञानिक संगम की पृष्ठभूमि पर विचार रखेंगे।
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31 जनवरी को दूसरे तकनीकी सत्र की सह-अध्यक्षता सरस्वती नदी शोध उत्कृष्टता केंद्र के निदेशक प्रो. एआर चौधरी तथा प्रतिनिधित्व डॉ. योगिंद्र सिंह करेंगे। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. एके गुप्ता वैदिक सरस्वती नदी के क्षेत्र, सीबीडीटी से सेवानिवृत्त सदस्य सरोज बाला रामायण, महाभारत व सरस्वती, सुवराता एम विनोद सरस्वती शास्त्र तथा मुख्यमंत्री हरियाणा के ओएसडी भारत भूषण भारती सरस्वती के राजस्व रिकॉर्ड के बारे में अपने विचार रखेंगे। द्रोपदी ट्रस्ट की अध्यक्ष नीरा मिश्रा, वेदांत कंसलटेंट फाउंडर पार्टनर डॉ. तेजस मोजिद्रा तथा चित्रा शंकर पवित्र नदी सरस्वती के विषय में अपना उद्बोधन देंगे। इसके साथ ही तीसरे तकनीकी सत्र में केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, 48 कोस निगरानी कमेटी के अध्यक्ष मदन मोहन छाबड़ा, यूएसए से ऑनलाइन माध्यम से डॉ. निलेश नीलकंठ व डॉ. जिजिथ तथा दिल्ली यूनिवर्सिटी से प्रो. शशि तिवारी, आईएएस लीना महेंडेल, बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी, रोहतक से सेवानिवृत्त प्रो. मनमोहन शर्मा, यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान से डॉ. शंकर लाल, डॉ. मनोज कुमार, एचएसएचडीबी से रिसर्च ऑफिसर डॉ. दीपा नतालिया अपने विचार प्रकट करेंगे।
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि चौथे तकनीकी सत्र की अध्यक्षता हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह, सह-अध्यक्षता पूर्व उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज तथा प्रतिनिधित्व रिसर्च ऑफिसर डॉ. दीपा नतालिया करेंगी। एनजीआरआई से देवाशीष कुमार तथा ऑनलाइन माध्यम से प्रभु ठक्कर इसरो अहमदाबाद से, हरियाणा तालाब एवं प्रदूषित जल प्रबंधन प्राधिकरण से प्रभाकर कुमार वर्मा, डॉ. श्यामोली सेन तथा कुवि सरस्वती शोध उत्कृष्टता केंद्र के निदेशक प्रो. एआर चौधरी भारत की सरस्वती नदी प्रणाली पर व्याख्यान देंगे।
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तीन दिवसीय सम्मेलन में सरस्वती नदी पर हुए शोध कार्यों पर मंथन होगा। इसमें मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती बतौर विशिष्ट अतिथि सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। सरस्वती शोध उत्कृष्टता केंद्र के निदेशक एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी ने बताया कि केयू सीनेट हॉल में आयोजित होने वाले उद्घाटन सम्मेलन में हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह, बोर्ड के सीईओ कुमार सुप्राविन, हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. एसके गक्खड़ तथा आईसीएसआर 2025 के कंवीनर अरविन्द्र कौशिक की गरिमामयी उपस्थिति होगी। वहीं प्लेनरी सत्र में प्रो. एबी शुक्ला, प्रमुख, भारतीय विद्या परियोजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय केंद्र फॉर आर्ट्स, नई दिल्ली सरस्वती के प्राथमिक स्रोतों के विषय में व्याख्यान देंगे।
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चार तकनीकी सत्रों में विद्वज्जन देंगे विशिष्ट उद्बोधन
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि 30 जनवरी को दोपहर बाद आयोजित होने वाले पहले तकनीकी सत्र में सनातन और सरस्वती विषय पर एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक व माता सरस्वती धाम ट्रस्ट गांधीनगर, गुजरात के संस्थापक डॉ. ब्रज किशोर शुक्ला व्याख्यान देंगे। इस सत्र की अध्यक्षता सरोज बाला, सेवानिवृत्त सदस्य सीबीडीटी, सह अध्यक्षता इसरो के डॉ. एके गुप्ता तथा प्रतिनिधित्व डॉ. राजेश रंगा करेंगे। इसके साथ ही महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल के प्रो. आरसी भारद्वाज, जगदीश चंद्र, मुख्य वन संरक्षक, हरियाणा सरकार, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करतार सिंह धीमान, रविकांत तथा डॉ. मधुसूदन पी.जे, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर आईजीएनसीए, नई दिल्ली से उद्बोधन देंगे। इसमें ऑनलाइन मोड में बेलारुस यूनिवर्सिटी से प्रो. अलेह पेरजावेकिश सरस्वती नदी को लेकर व्याख्यान देंगे। वहीं आईआईटी खड़गपुर से प्रो. जॉय सेन व नंदिनी मुखोपाध्याय सरस्वती के आध्यात्मिक, भौतिक एवं मनोवैज्ञानिक संगम की पृष्ठभूमि पर विचार रखेंगे।
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31 जनवरी को दूसरे तकनीकी सत्र की सह-अध्यक्षता सरस्वती नदी शोध उत्कृष्टता केंद्र के निदेशक प्रो. एआर चौधरी तथा प्रतिनिधित्व डॉ. योगिंद्र सिंह करेंगे। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. एके गुप्ता वैदिक सरस्वती नदी के क्षेत्र, सीबीडीटी से सेवानिवृत्त सदस्य सरोज बाला रामायण, महाभारत व सरस्वती, सुवराता एम विनोद सरस्वती शास्त्र तथा मुख्यमंत्री हरियाणा के ओएसडी भारत भूषण भारती सरस्वती के राजस्व रिकॉर्ड के बारे में अपने विचार रखेंगे। द्रोपदी ट्रस्ट की अध्यक्ष नीरा मिश्रा, वेदांत कंसलटेंट फाउंडर पार्टनर डॉ. तेजस मोजिद्रा तथा चित्रा शंकर पवित्र नदी सरस्वती के विषय में अपना उद्बोधन देंगे। इसके साथ ही तीसरे तकनीकी सत्र में केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, 48 कोस निगरानी कमेटी के अध्यक्ष मदन मोहन छाबड़ा, यूएसए से ऑनलाइन माध्यम से डॉ. निलेश नीलकंठ व डॉ. जिजिथ तथा दिल्ली यूनिवर्सिटी से प्रो. शशि तिवारी, आईएएस लीना महेंडेल, बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी, रोहतक से सेवानिवृत्त प्रो. मनमोहन शर्मा, यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान से डॉ. शंकर लाल, डॉ. मनोज कुमार, एचएसएचडीबी से रिसर्च ऑफिसर डॉ. दीपा नतालिया अपने विचार प्रकट करेंगे।
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि चौथे तकनीकी सत्र की अध्यक्षता हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह, सह-अध्यक्षता पूर्व उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज तथा प्रतिनिधित्व रिसर्च ऑफिसर डॉ. दीपा नतालिया करेंगी। एनजीआरआई से देवाशीष कुमार तथा ऑनलाइन माध्यम से प्रभु ठक्कर इसरो अहमदाबाद से, हरियाणा तालाब एवं प्रदूषित जल प्रबंधन प्राधिकरण से प्रभाकर कुमार वर्मा, डॉ. श्यामोली सेन तथा कुवि सरस्वती शोध उत्कृष्टता केंद्र के निदेशक प्रो. एआर चौधरी भारत की सरस्वती नदी प्रणाली पर व्याख्यान देंगे।