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Kurukshetra News: सभी रोगों की एक ही दवाई, हंसना सीखो मेरे भाई...
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कुरुक्षेत्र। सभी रोगों की एक ही दवाई, हंसना सीखो मेरे भाई...। यह आम वाक्य नहीं बल्कि भागदौड़ भरी जिंदगी को तनावमुक्त कर देने का मूल मंत्र है। इसी पर चलते हुए धर्मनगरी के दो हजार से ज्यादा लोग सुबह पांच बजने के बाद हास्य आसन में डूबे दिखाई देने लगते हैं। इनमें आम लोगों के साथ-साथ अधिकारी, राजनीतिक व चिकित्सक तक भी शामिल होते हैं। अनेक लोग यह क्रिया अपने घरों पर भी करने लगे हैं, जिसके लिए विशेष प्रशिक्षक तक बुलाए जाते हैं।
जिले में पिछले करीब 20 साल से लोगों की योगा के प्रति रुचि और बढ़ने लगी तो वहीं योग गुरु स्वामी रामदेव व केंद्र सरकार के प्रयास के चलते अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी वर्ष 2015 से मनाया जाने लगा। जहां शरीर को हष्ट पुष्ट रखने के लिए योग की अनेक क्रियाएं करवाईं जाती है तो वहीं हास्य आसन भी इसकी अहम क्रिया मानी जाने लगी है। जिले में अखिल भारतीय योग संस्थान व पतंजलि सहित करीब 10 संस्थाओं की ओर से 250 से ज्यादा जगहों पर योग कक्षाएं लगाई जाती हैं। हर कक्षा में 50 तक लोग शामिल रहते हैं। सुबह पांच बजे से ही ये कक्षाएं शुरू होेने लगती हैं तो सभी क्रियाएं करने उपरांत अंत में हर कक्षा में हास्य आसन भी कराया जाता है। योग क्रियाएं प्रतिदिन करने वाले लोगों व प्रशिक्षकों की मानें तो इसके प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ने लगा है।
हंसते ही तत्काल दूर हो जाता है तनाव : दीपक
आयुष विभाग में कार्यरत एवं पिछले करीब 20 साल से योग क्रियाएं करवाते रहे दीपक कुमार का कहना है कि वे आज भी हर रोज सात से आठ कक्षाएं लेते हैं। जब योग की अन्य क्रियाएं पूरी कर ली जाती है तो बाद में हास्य आसन किया जाता है। जैसे ही यह आसन होता है तो हर किसी के दिल व दिमाग से तनाव एकाएक दूर हो जाता है। हंसी ही ऐसा राज है, जिसके जरिए कोई भी इंसान अपना तनाव तत्काल दूर कर सकता है। वह प्रकृति को अवलोकन करते हुए की मुद्रा में या फिर अपनी हर रोज की जिंदगी को भी उसी दिशा में महसूस करते हुए इस आसन को किया जा सकता है।
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हमारी दिनचर्या का हिस्सा बने हंसी
विशेषज्ञों की मानें तो आज हर कोई किसी न किसी तनाव में है। हंसी इंसान के चेहरे से गायब सी हो चुकी है। ऐसे में हर किसी को हंसी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनानी चाहिए। किसी भी बहाने दिन में जरूर हंसे। योग के साथ इसे जोड़ा जाए तो और भी बेहतर परिणाम मिलते हैं। उधर योग शिक्षक दीपक कुमार बताते हैं कि इसकी महत्ता जानते हुए शहर के अनेक राजनीतिक, चिकित्सक व अधिकारी तक ये क्रियाएं नियमित कर रहे हैं। उधर चिकित्सक डॉ. सुरेंद्र सहाय का कहना है कि वे हर रोज योग व हास्य क्रियाएं करते हैं। इनके करने से अनेक बीमारियाें से बचा जा सकता है।
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जिले में पिछले करीब 20 साल से लोगों की योगा के प्रति रुचि और बढ़ने लगी तो वहीं योग गुरु स्वामी रामदेव व केंद्र सरकार के प्रयास के चलते अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी वर्ष 2015 से मनाया जाने लगा। जहां शरीर को हष्ट पुष्ट रखने के लिए योग की अनेक क्रियाएं करवाईं जाती है तो वहीं हास्य आसन भी इसकी अहम क्रिया मानी जाने लगी है। जिले में अखिल भारतीय योग संस्थान व पतंजलि सहित करीब 10 संस्थाओं की ओर से 250 से ज्यादा जगहों पर योग कक्षाएं लगाई जाती हैं। हर कक्षा में 50 तक लोग शामिल रहते हैं। सुबह पांच बजे से ही ये कक्षाएं शुरू होेने लगती हैं तो सभी क्रियाएं करने उपरांत अंत में हर कक्षा में हास्य आसन भी कराया जाता है। योग क्रियाएं प्रतिदिन करने वाले लोगों व प्रशिक्षकों की मानें तो इसके प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ने लगा है।
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हंसते ही तत्काल दूर हो जाता है तनाव : दीपक
आयुष विभाग में कार्यरत एवं पिछले करीब 20 साल से योग क्रियाएं करवाते रहे दीपक कुमार का कहना है कि वे आज भी हर रोज सात से आठ कक्षाएं लेते हैं। जब योग की अन्य क्रियाएं पूरी कर ली जाती है तो बाद में हास्य आसन किया जाता है। जैसे ही यह आसन होता है तो हर किसी के दिल व दिमाग से तनाव एकाएक दूर हो जाता है। हंसी ही ऐसा राज है, जिसके जरिए कोई भी इंसान अपना तनाव तत्काल दूर कर सकता है। वह प्रकृति को अवलोकन करते हुए की मुद्रा में या फिर अपनी हर रोज की जिंदगी को भी उसी दिशा में महसूस करते हुए इस आसन को किया जा सकता है।
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हमारी दिनचर्या का हिस्सा बने हंसी
विशेषज्ञों की मानें तो आज हर कोई किसी न किसी तनाव में है। हंसी इंसान के चेहरे से गायब सी हो चुकी है। ऐसे में हर किसी को हंसी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनानी चाहिए। किसी भी बहाने दिन में जरूर हंसे। योग के साथ इसे जोड़ा जाए तो और भी बेहतर परिणाम मिलते हैं। उधर योग शिक्षक दीपक कुमार बताते हैं कि इसकी महत्ता जानते हुए शहर के अनेक राजनीतिक, चिकित्सक व अधिकारी तक ये क्रियाएं नियमित कर रहे हैं। उधर चिकित्सक डॉ. सुरेंद्र सहाय का कहना है कि वे हर रोज योग व हास्य क्रियाएं करते हैं। इनके करने से अनेक बीमारियाें से बचा जा सकता है।