फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   There is a shortage of buses in the depot, more buses are becoming dilapidated than the number available.

Kurukshetra News: डिपो में बसों का टोटा, जितनी बसें मिल रही उससे ज्यादा हो रहीं जर्जर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2026 01:54 AM IST
विज्ञापन
There is a shortage of buses in the depot, more buses are becoming dilapidated than the number available.
कुरुक्षेत्र। नए अड्डे पर अपने रूट की बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
कुरुक्षेत्र। रोडवेज के बेड़े में पहले ही बसें कम थी, इनमें दो दर्जन से अधिक बसें शिक्षा विभाग को सौंप दी गई। इसके अलावा 40 बसें पिछले एक साल में जर्जर हो चुकी हैं लेकिन सरकारी बसों की व्यवस्था नहीं की जा रही। बसों की कमी के कारण आम यात्रियों का समय पर गंतव्य तक पहुंचना चुनौती बन गया है। यात्री अड्डे पर अपने रूट की बस का इंतजार करते हैं लेकिन काफी देर बाद वाहन पहुंचने से नौकरीपेशा, किसानों और गृहिणियों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन

रोडवेज बसों की संख्या घटने से कॉलेज-यूनिवर्सिटी सहित अन्य कोचिंग सेंटर्स के विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार करीब एक साल पहले रोडवेज के बेड़े में लगभग 182 बसें जिला, प्रदेश और दूसरे राज्यों में भी विभिन्न रूटों पर सेवाएं दे रही थीं। समय पर ध्यान न देने और अधिक वक्त गुजरने के कारण बसें जर्जर अवस्था में पहुंचने लगी। वर्तमान स्थिति ये है कि 40 बसें खस्ताहाल होकर खड़ी की जा चुकी हैं। इसके अलावा लगभग 30 सरकारी बसें स्कूलों के लिए तय कर दी गई हैं।
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र डिपो केवल 112 बसों तक सिमट कर रह गया है। रोडवेज बसें घटने से सरकारी कर्मचारियों की संख्या भी सीमित होती जा रही है।
देर से आती है पिहोवा रूट की बस : तुषार
नए बस अड्डे पर छात्र तुषार ने बताया कि रोडवेज की व्यवस्था धीरे-धीरे खराब होती जा रही है। पिहोवा रूट की सरकारी बस बहुत देर बाद आती है। गर्मी के मौसम में ज्यादा टाइम तक अड्डे पर बैठने से परेशानी होती है। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के अलावा महिलाएं और बुजुर्ग भी इंतजार में बैठे रहते हैं। यदि समय से बस आएगी तो जल्दी घर पहुंच सकते हैं। जिनकी ड्यूटी है, उन अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के प्रयास करने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव तक नहीं पहुंच रही रोडवेज की बसें
बीड मथाना के विद्यार्थी त्राण सोढ़ी ने कहा कि आज भी गांव तक रोडवेज की बस नहीं पहुंच रही। बस एक-डेढ़ किलोमीटर दूर पिपली रोड पर उतार देती है। इसके बाद पैदल तो कभी निजी वाहन का सहारा लेकर घर तक पहुंचना पड़ता है। प्रशासन को इस विषय में अधिकारियों को निर्देश देते हुए रोडवेज बस को गांव तक भेजने की सुविधा सुनिश्चित करानी चाहिए। बसों का पर्याप्त इंतजाम होना चाहिए।

दो से तीन माह में होगी 10 नई रोडवेज बसों की व्यवस्था : समिंदर सिंह
महाप्रबंधक समिंदर सिंह ने कहा कि सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम चल रहा है। यात्रियों की परेशानी का हल करना अधिकारियों और कर्मचारियों की साझी जिम्मेदारी है। नए बस अड्डे सहित विभिन्न स्थानों पर सेवाएं तेज होंगी। सरकारी बसों का निर्माण चल रहा है। संबंधित टीम से रिपोर्ट ली जा रही है। लगभग दो से तीन माह में रोडवेज की 10 नई बसों की व्यवस्था कर दी जाएगी।

कुरुक्षेत्र। नए अड्डे पर अपने रूट की बस का इंतजार करते यात्री। संवाद

कुरुक्षेत्र। नए अड्डे पर अपने रूट की बस का इंतजार करते यात्री। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed