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सामाजिक सरोकारों से जोड़कर कला को प्रस्तुत करने की जरूरत : प्रो. कृष्णा रंगा
Tue, 03 Sep 2024 07:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 03 Sep 2024 07:31 AM IST
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग में छह दिवसीय प्रिंट मेकिंग कार्यशाला आयोजित की गई। डीन इंडिक स्टडीज प्रो. कृष्णा रंगा ने सोमवार को मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सामाजिक सरोकारों से जोड़कर कला को प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। कलाकार समाज में होने वाली घटनाओं को चित्रित कर जन-जागरण का कार्य भी करता है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. राम विरंजन ने कहा कि कला स्वयं की अनुभूतियों को प्रदर्शित करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। कलाकार आनंद मॉय बनर्जी ने विद्यार्थियों के साथ अपने विचारों को साझा किया तथा कला की तकनीकी बारीकियों को सीखते हुए समाज की घटनाओं को चित्रित करने के लिए प्रेरित किया। विभागाध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला विश्वविद्यालय की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। प्रदर्शनी में विभिन्न प्रिंट मेकिंग तकनीकों और शैलियों को प्रदर्शित किया गया, जो कलाकारों की रचनात्मकता और कौशल को दर्शाती हैं। कलाकारों के विचारोत्तेजक कार्यों ने समकालीन प्रिंट मेकर्स के विचारों को प्रतिबिंबित किया। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
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विशिष्ट अतिथि प्रो. राम विरंजन ने कहा कि कला स्वयं की अनुभूतियों को प्रदर्शित करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। कलाकार आनंद मॉय बनर्जी ने विद्यार्थियों के साथ अपने विचारों को साझा किया तथा कला की तकनीकी बारीकियों को सीखते हुए समाज की घटनाओं को चित्रित करने के लिए प्रेरित किया। विभागाध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला विश्वविद्यालय की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। प्रदर्शनी में विभिन्न प्रिंट मेकिंग तकनीकों और शैलियों को प्रदर्शित किया गया, जो कलाकारों की रचनात्मकता और कौशल को दर्शाती हैं। कलाकारों के विचारोत्तेजक कार्यों ने समकालीन प्रिंट मेकर्स के विचारों को प्रतिबिंबित किया। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
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