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Kurukshetra News: गीता के संदेश को मूर्त रूप, विवि ललित कला विभाग ने तैयार की दो भव्य मूर्तियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2026 02:01 AM IST
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The University Fine Arts Department has prepared two magnificent statues embodying the message of the Gita.
कुरुक्षेत्र। गीता के संदेश को मूर्त रूप में दिखाते हुए कुलपति सटदेवा व अन्य शिक्षक। स्वयं
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग ने भगवद गीता की शिक्षाओं से प्रेरित दो भव्य स्मारक मूर्तियां तैयार की हैं। इनमें से एक मूर्ति भगवान कृष्ण के विराट रूप को दर्शाती है, जबकि दूसरी मूर्ति उस ऐतिहासिक दृश्य को सजीव करती है, जिसमें भगवान कृष्ण रथ पर अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए दिखाई देते हैं।
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दोनों कलाकृतियां मिलकर दिव्य ज्ञान, मार्गदर्शन और गुरु-शिष्य के अटूट संबंध का प्रतीक बनती हैं। विराट रूप की मूर्ति भगवान कृष्ण के उस विशाल और दिव्य स्वरूप को दर्शाती है, जिसे उन्होंने कुरुक्षेत्र के युद्ध के दौरान प्रकट किया था। यह मूर्ति इस विचार को भी उजागर करती है कि एक अदृश्य और शक्तिशाली शक्ति जीवन के संचालन और संरक्षण में निरंतर सक्रिय रहती है।
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दूसरी मूर्ति उस महत्वपूर्ण क्षण को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है, जब भगवान कृष्ण युद्धभूमि में भ्रमित अर्जुन को साहस, स्पष्टता और निडरता का संदेश देते हैं। यह दृश्य गीता के जीवन-दर्शन और कर्तव्य की भावना को दर्शाता है।
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ललित कला विभाग के अध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं छात्रों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करती हैं। ऐसे प्रोजेक्ट छात्रों को अपने कौशल को निखारने और भारतीय संस्कृति को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करते हैं।



उन्होंने बताया कि इन मूर्तियों को भारत के प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री सहित कई प्रमुख हस्तियों को भेंट किया जा चुका है, जो इनके सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।


सामूहिक प्रयास से साकार हुई परियोजना
डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि यह परियोजना मूर्तिकला अनुभाग के छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से साकार हुई है। कई महीनों की योजना, डिजाइन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से इन मूर्तियों को जीवंत रूप दिया गया है। भविष्य में इन्हें विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और प्रदर्शनियों में प्रदर्शित किया जाएगा। यह पहल न केवल कुरुक्षेत्र के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करती है बल्कि कला शिक्षा के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

कुरुक्षेत्र। गीता के संदेश को मूर्त रूप में दिखाते हुए कुलपति सटदेवा व अन्य शिक्षक। स्वयं

कुरुक्षेत्र। गीता के संदेश को मूर्त रूप में दिखाते हुए कुलपति सटदेवा व अन्य शिक्षक। स्वयं

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