{"_id":"624b51db15bd2560f04e8ac1","slug":"the-struggle-of-corona-warriors-continues-for-job-restoration-memorandum-submitted-to-the-director-general-on-the-third-day-kurukshetra-news-knl1039259103","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी बहाली के लिए कोरोना योद्धाओं का संघर्ष जारी, तीसरे दिन महानिदेशक के नाम सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरी बहाली के लिए कोरोना योद्धाओं का संघर्ष जारी, तीसरे दिन महानिदेशक के नाम सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन
The struggle of Corona warriors continues for job restoration, memorandum submitted to the Director General on the third day
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। नौकरी से हाथ धोने के बाद रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे स्वास्थ्य विभाग (कोरोना योद्धा) के आउटसोर्स कर्मचारियों ने सोमवार को तीसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा। कर्मचारियोें ने जिला सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की, वहीं कुछ कर्मचारियों ने पंचकूला जाकर स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा।
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कहा कि कोविड काल में सेवाएं देते हुए उन्हें कोरोना योद्धा का दर्जा दिया था। हमने अपनी जान जोखिम में डाल कोरोना संक्रमितों की दिन रात सेवा की, लेकिन अब हमें बाहर का रास्ता दिखाकर हमारे साथ विश्वासघात किया गया है। उधर, मिशन निदेशक एनएचएम ने सोमवार को पत्र जारी कर उन्हें सेवा मुक्त कर दिया।
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था डगमगा गई है। आरटी पीसीआर लैब बंद पड़ी है। वहीं, वैक्सीनेशन सेंटर पर व्यवस्था करने के लिए फार्मेसी ऑफिसर और एमपीएचडब्ल्यू का सहारा लेना पड़ रहा है। चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी पत्र में नौ अप्रैल तक फार्मेसी ऑफिसर बलजिंदर कौर, 11 से 16 अप्रैल तक सुरेखा सैनी, 18 से 23 अप्रैल तक सुनीता शर्मा, 25 से 30 अप्रैल तक सीता देवी, दो से सात मई तक अमित कुमार और नौ से 14 मई तक प्रदीप कुमार की ड्यूटी वैक्सीनेशन सेंटर में लगाई गई है।
विज्ञापन
उधर, फार्मेसी ऑफिसर के वैक्सीनेशन में आने के बाद दवा काउंटर पर स्टाफ की किल्लत के चलते मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी नौकरी बहाल नहीं की जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि सितंबर 2020 से कोविड में सेवाएं दे रहे कोरोना योद्धाओं को एक अप्रैल से स्वास्थ्य विभाग की ओर से सेवामुक्त कर दिया है, जिसके विरोध में इन कोरोना योद्धाओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करेंगे।
विज्ञापन
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कहा कि कोविड काल में सेवाएं देते हुए उन्हें कोरोना योद्धा का दर्जा दिया था। हमने अपनी जान जोखिम में डाल कोरोना संक्रमितों की दिन रात सेवा की, लेकिन अब हमें बाहर का रास्ता दिखाकर हमारे साथ विश्वासघात किया गया है। उधर, मिशन निदेशक एनएचएम ने सोमवार को पत्र जारी कर उन्हें सेवा मुक्त कर दिया।
विज्ञापन
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था डगमगा गई है। आरटी पीसीआर लैब बंद पड़ी है। वहीं, वैक्सीनेशन सेंटर पर व्यवस्था करने के लिए फार्मेसी ऑफिसर और एमपीएचडब्ल्यू का सहारा लेना पड़ रहा है। चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी पत्र में नौ अप्रैल तक फार्मेसी ऑफिसर बलजिंदर कौर, 11 से 16 अप्रैल तक सुरेखा सैनी, 18 से 23 अप्रैल तक सुनीता शर्मा, 25 से 30 अप्रैल तक सीता देवी, दो से सात मई तक अमित कुमार और नौ से 14 मई तक प्रदीप कुमार की ड्यूटी वैक्सीनेशन सेंटर में लगाई गई है।
विज्ञापन
उधर, फार्मेसी ऑफिसर के वैक्सीनेशन में आने के बाद दवा काउंटर पर स्टाफ की किल्लत के चलते मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी नौकरी बहाल नहीं की जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि सितंबर 2020 से कोविड में सेवाएं दे रहे कोरोना योद्धाओं को एक अप्रैल से स्वास्थ्य विभाग की ओर से सेवामुक्त कर दिया है, जिसके विरोध में इन कोरोना योद्धाओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करेंगे।