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Kurukshetra News: नाटक अपना घर में दिखी बिखरते रिश्तों की कहानी
Tue, 13 Aug 2024 04:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 13 Aug 2024 04:03 AM IST
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कुरुक्षेत्र । कला कीर्ति भवन की भरतमुनि रंगशाला में हरियाणा कला परिषद की ओर से कला सृष्टि मंच के कलाकारों ने सोमवार को नाटक ‘अपना घर’ का मंचन किया। इस अवसर पर डाॅ. जयभगवान सिंगला ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। बृज शर्मा के निर्देशन में सजे इस नाटक अपना घर में कलाकारों ने आपसी रिश्तों के टूटने से होने वाली मन की पीड़ा को दर्शकों तक पहुंचाने का काम किया गया।
कलाकारों ने अलग-अलग घरों में चल रही घटनाओं को दिखाने का प्रयास किया, जिसमें एक शराबी पति बाबूराम, उसकी पत्नी माल्ती और मंदबुद्धि बच्ची भोली की कहानी को दिखाते हुए कलाकारों ने बताया कि शराबी पति अपने बीवी-बच्चों की ओर ध्यान न देते हुए अक्सर उनके साथ मारपीट करता रहता है। एक दिन होली के मौके पर कुछ बदमाश भोली के साथ दुराचार करते हैं। ये घटना भोली के मां बाप को अंदर तक झकझोर देती हैं। बाद में एक दिन भोली एक कार एक्सीडेंट में मारी जाती हैं। बाप की अनदेखी बाबूराम के पूरे परिवार को अंधेरे में झोंक देती हैं।
दूसरी कहानी एक मां और बेटी की चलती हैं, जिसमें बेटी अपनी मां को अनसुना करके अपने ऐशोआराम की जिंदगी जीती है। मां बार-बार अपनी बेटी को शादी करने के लिए कहती हैं, लेकिन मां के समझाने पर भी बेटी एक नहीं सुनती और बाद में इस बात का खामियाजा उसे भुगतना पड़ता है। अगली कहानी विदेश में बसे बच्चों और उनकी मां की तड़प को बयां करती हैं, जिसमें अकेलेपन की शिकार मां अपने बच्चों के समय के लिए तरसती रहती हैं, लेकिन उसके बच्चे उसे समय नहीं देते। अंत में मां अकेली भारत वापस आ जाती है और अपने अकेलेपन के साथ ही जिंदगी बसर करती हैं। एक कहानी में लिव इन रिलेशनशिप की ओर भाग रहे युवाओं के अंजाम को दिखाया गया। इस मौके पर डाॅ. ऋषि गोयल, अन्नपूर्णा शर्मा, शालिनी शर्मा, अश्विनी अरोड़ा, प्रो. शुचिस्मिता शर्मा, डाॅ. करण शर्मा,बृज शर्मा, शिवकुमार किरमच, रेणू खुग्ग्गर, नीरज आश्री, आशी खेत्रपाल, सुनील, दीपक कौशिक, रिंकू छाबड़ा, मान्सी सेतिया मौजूद रहे।
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कलाकारों ने अलग-अलग घरों में चल रही घटनाओं को दिखाने का प्रयास किया, जिसमें एक शराबी पति बाबूराम, उसकी पत्नी माल्ती और मंदबुद्धि बच्ची भोली की कहानी को दिखाते हुए कलाकारों ने बताया कि शराबी पति अपने बीवी-बच्चों की ओर ध्यान न देते हुए अक्सर उनके साथ मारपीट करता रहता है। एक दिन होली के मौके पर कुछ बदमाश भोली के साथ दुराचार करते हैं। ये घटना भोली के मां बाप को अंदर तक झकझोर देती हैं। बाद में एक दिन भोली एक कार एक्सीडेंट में मारी जाती हैं। बाप की अनदेखी बाबूराम के पूरे परिवार को अंधेरे में झोंक देती हैं।
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दूसरी कहानी एक मां और बेटी की चलती हैं, जिसमें बेटी अपनी मां को अनसुना करके अपने ऐशोआराम की जिंदगी जीती है। मां बार-बार अपनी बेटी को शादी करने के लिए कहती हैं, लेकिन मां के समझाने पर भी बेटी एक नहीं सुनती और बाद में इस बात का खामियाजा उसे भुगतना पड़ता है। अगली कहानी विदेश में बसे बच्चों और उनकी मां की तड़प को बयां करती हैं, जिसमें अकेलेपन की शिकार मां अपने बच्चों के समय के लिए तरसती रहती हैं, लेकिन उसके बच्चे उसे समय नहीं देते। अंत में मां अकेली भारत वापस आ जाती है और अपने अकेलेपन के साथ ही जिंदगी बसर करती हैं। एक कहानी में लिव इन रिलेशनशिप की ओर भाग रहे युवाओं के अंजाम को दिखाया गया। इस मौके पर डाॅ. ऋषि गोयल, अन्नपूर्णा शर्मा, शालिनी शर्मा, अश्विनी अरोड़ा, प्रो. शुचिस्मिता शर्मा, डाॅ. करण शर्मा,बृज शर्मा, शिवकुमार किरमच, रेणू खुग्ग्गर, नीरज आश्री, आशी खेत्रपाल, सुनील, दीपक कौशिक, रिंकू छाबड़ा, मान्सी सेतिया मौजूद रहे।
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