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Kurukshetra News: कथा में सुनाया देवी रुक्मिणी और श्री कृष्ण के विवाह से पहले का प्रसंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Dec 2024 01:45 AM IST
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The story narrated about the incident before the marriage of Goddess Rukmini and Shri Krishna.
पिपली। श्रद्धालुओं को कथा सुनाते हुए कथा वाचक अनिल शास्त्री। संवाद
पिपली। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर श्री गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में सेक्टर-तीन में चल रही भागवत कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह से पहले का प्रसंग सुनाया गया। श्रद्धालुओं ने इस प्रसंग में का खूब आनंद लिया। कथा वाचक अनिल शास्त्री ने बताया कि विदर्भ राज्य के राजा भीष्मक का बेटा रुक्मी और पुत्री रुक्मिणी थीं। राजा भीष्मक अपनी पुत्री से बहुत प्रेम करते थे। उनके विवाह के लिए योग्य वर की तलाश में थे। इस विषय में राजा भीष्मक के सबसे करीबी मित्र एवं मगध राज्य के नरेश जरासंध को भी पता था। जरासंध को उस वक्त का शक्तिशाली राजा माना जाता था। जरासंध देवी रुक्मिणी को अपनी पुत्री जैसा ही मानते थे। इसलिए वह खुद भी रुक्मिणी के लिए योग्य वर की तलाश में थे, मगर रुक्मिणी के मन में शुरू से ही भगवान श्रीकृष्ण की छवि बसी हुई थी।
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बड़े-बड़े महारथी को परास्त करने वाले श्रीकृष्ण की कथा रुक्मिणी कई लोगों से सुन चुकी थीं। देवी रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण के विषय में सुनकर ही यह तय कर लिया था कि वह उन्हीं से विवाह करेंगी, मगर रुक्मी ने जरासंध के साथ मिलकर अपनी बहन का विवाह छेदी नरेश शिशुपाल के साथ तय कर दिया था। उधर, रुक्मिणी ने अपने पिता को यह बात पहले ही बता दी थी कि वह केवल श्रीकृष्ण से ही विवाह करेंगी, क्योंकि वह मन ही मन उन्हें अपना पति मान चुकी हैं। इसलिए पिता ने भी उन्हें सहयोग देने की ठान ली, मगर जरासंध और उसके भाई को इस बात की भनक लगी तो उन्होंने राजा भीष्मक और देवी रुक्मिणी को कारागार में डाल दिया।
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कारागार में बंदी बने हुए ही देवी रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण की सखी एवं बरसाने की रानी देवी राधा को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें और उनके पिता को बंधक बना लिया गया है और वह चाहती हैं कि श्रीकृष्ण उन्हें बचाने के लिए स्वयं विदर्भ राज्य पधारें। इस अवसर पर डॉ. जीत सिंह मेहरा, डॉ. राम अवतार, सुरेंद्र भौरिया, रंजीता, बालकृष्ण शर्मा, संतोष बंसल, सुनीता शर्मा, राजेश कौशिक, विवेक शर्मा, रितु शर्मा एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
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