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आयुर्वेद के सभी विषयों की सीटों पर दाखिले के लिए आज से शुरू होगा काउंसलिंग का दूसरा चरण
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कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय में आयुर्वेद के 14 विषयों में स्नातकोत्तर की सीटों पर दाखिले के लिए आज शुक्रवार से काउंसलिंग का दूसरा चरण शुरू होगा। इस चरण में लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) मिलने के बाद आयुष विश्वविद्यालय द्वारा पांच के बाद आयुर्वेद के अन्य नौ विषयों को भी शामिल किया गया है।
इन नौ विषयों की 52 सीटों सहित पांच विषयों की 30 में से रिक्त रही सीटों पर दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को 15 फरवरी शाम पांच बजे तक आवेदन करने का मौका दिया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा 17 फरवरी को सुबह 10 बजे सीटों का आवंटन किया जाएगा। किसी तरह की आपत्ति होने पर विद्यार्थी 17 फरवरी को शाम पांच बजे तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके पश्चात 18 फरवरी को सीटों का अंतिम आवंटन किया जाएगा। जिन विद्यार्थियों को सीट आवंटित की जाएगी, उन विद्यार्थियों को दस्तावेज सत्यापन, ऑनलाइन फीस जमा करने और संबंधित शिक्षण संस्थान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 19 से 24 फरवरी तक का समय दिया है।
उधर, आयुष विश्वविद्यालय ने अपने अंतर्गत आने वाले श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय सहित 10 महाविद्यालयों और अन्य तीन महाविद्यालयों में बीएएमएस, बीएचएमएस की कुल 858 सीटों पर दाखिले के लिए 1240 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1208 विद्यार्थियों ने अपनी पसंदीदा महाविद्यालय भरे हैं। अब आयुष विश्वविद्यालय द्वारा 12 फरवरी को सीटों का अंतिम आवंटन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चयनित विद्यार्थियों को दस्तावेज सत्यापन, ऑनलाइन फीस जमा करने और संबंधित शिक्षण संस्थान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 14 से 17 फरवरी तक का समय दिया है।
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विश्वविद्यालय परिवार के संयुक्त प्रयास का परिणाम : डॉ. बलदेव कुमार
श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलदेव कुमार ने कहा कि गत दिवस ही विश्वविद्यालय को आधिकारिक पत्र मिला है। आयुष विश्वविद्यालय उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय बना है, जहां आयुर्वेद के सभी 14 विषयों में एमडी की शिक्षा दी जाएगी। यह विश्वविद्यालय परिवार के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। विवि. का प्रयास है जल्द ही योग व नेचुरोपैथी के कोर्स और अस्पताल भी शुरू किए जाएं ताकि विश्वविद्यालय का अधिक से अधिक लाभ लोगों को मिले।
विश्वविद्यालय नित नई ऊंचाइयां छू रहा : डॉ. नरेश कुमार
कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विश्वविद्यालय पूर्ण रूप से विकसित व संपूर्णता का रूप लेता जा रहा है। इसके साथ उन्होंने विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे एमडी के विद्यार्थियों को आह्वान करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर वे समाज व राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
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इन नौ विषयों की 52 सीटों सहित पांच विषयों की 30 में से रिक्त रही सीटों पर दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को 15 फरवरी शाम पांच बजे तक आवेदन करने का मौका दिया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा 17 फरवरी को सुबह 10 बजे सीटों का आवंटन किया जाएगा। किसी तरह की आपत्ति होने पर विद्यार्थी 17 फरवरी को शाम पांच बजे तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके पश्चात 18 फरवरी को सीटों का अंतिम आवंटन किया जाएगा। जिन विद्यार्थियों को सीट आवंटित की जाएगी, उन विद्यार्थियों को दस्तावेज सत्यापन, ऑनलाइन फीस जमा करने और संबंधित शिक्षण संस्थान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 19 से 24 फरवरी तक का समय दिया है।
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उधर, आयुष विश्वविद्यालय ने अपने अंतर्गत आने वाले श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय सहित 10 महाविद्यालयों और अन्य तीन महाविद्यालयों में बीएएमएस, बीएचएमएस की कुल 858 सीटों पर दाखिले के लिए 1240 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1208 विद्यार्थियों ने अपनी पसंदीदा महाविद्यालय भरे हैं। अब आयुष विश्वविद्यालय द्वारा 12 फरवरी को सीटों का अंतिम आवंटन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चयनित विद्यार्थियों को दस्तावेज सत्यापन, ऑनलाइन फीस जमा करने और संबंधित शिक्षण संस्थान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 14 से 17 फरवरी तक का समय दिया है।
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विश्वविद्यालय परिवार के संयुक्त प्रयास का परिणाम : डॉ. बलदेव कुमार
श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलदेव कुमार ने कहा कि गत दिवस ही विश्वविद्यालय को आधिकारिक पत्र मिला है। आयुष विश्वविद्यालय उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय बना है, जहां आयुर्वेद के सभी 14 विषयों में एमडी की शिक्षा दी जाएगी। यह विश्वविद्यालय परिवार के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। विवि. का प्रयास है जल्द ही योग व नेचुरोपैथी के कोर्स और अस्पताल भी शुरू किए जाएं ताकि विश्वविद्यालय का अधिक से अधिक लाभ लोगों को मिले।
विश्वविद्यालय नित नई ऊंचाइयां छू रहा : डॉ. नरेश कुमार
कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विश्वविद्यालय पूर्ण रूप से विकसित व संपूर्णता का रूप लेता जा रहा है। इसके साथ उन्होंने विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे एमडी के विद्यार्थियों को आह्वान करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर वे समाज व राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।